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लूट का नाटक रचने में शामिल थे पांच लोग, तीन गिरफ्तार
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:17 AM IST
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कैराना (शामली)। पशु व्यापारी के नौकर को गोली मारकर लूटपाट का नाटक रचने का पुलिस ने खुलासा कर दिया। लूट की साजिश रचने में पशु व्यापारी सहित पांच लोग शामिल थे। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अभी फरार हैं। पशु व्यापारी ने लेनदेन के विवाद में दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए लूट का षड्यंत्र रचा था।
शनिवार को कैराना कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान सीओ राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि शामली रोड पर मन्ना माजरा के पास पांच बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मारकर 52 हजार रुपये नकदी लूट ली है। कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर गए थे और गोली लगने से घायल अमजद उर्फ लाला निवासी आर्यपुरी देहात को अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया था। मामले की गंभीरता से छानबीन और पूछताछ की गई, तो घायल अमजद ने ही लूट की साजिश रचने का खुलासा कर दिया। सीओ ने बताया कि घायल अमजद उर्फ लाला पशु व्यापारी तालिब के यहां नौकरी करता है। तालिब की रंजिश अपने विपक्षी अहसान के साथ लेनदेन के विवाद में चल रहा है। इसी कारण पशु व्यापारी ने अपने साथी सारिक निवासी आर्यपुरी व अरबिन निवासी मन्ना माजरा के साथ मिलकर फर्जी लूट व गोली कांड की पटकथा लिखी और मन्ना माजरा गांव निवासी बिलाल से अपने नौकर अमजद के हाथ में तमंचे से गोली लगवा दी।
मामले में घायल अमजद के भाई साजिद निवासी आर्यपुरी की ओर से पशु व्यापारी तालिब, भूरा, बिलाल, सारिक व अरबिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीओ ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे पुलिस टीम ने शामली रोड पर स्थित पब्लिक इंटर कॉलेज के निकट से पशु व्यापारी तालिब, भूरा उर्फ सारिक निवासी आर्यपुरी देहात तथा बिलाल निवासी ग्राम मन्ना माजरा को गिरफ्तार कर लिया। सारिक और अरबिन मौके से फरार हो गए। आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। अमजद को गोली मारने में प्रयुक्त तमंचा आरोपी बिलाल से बरामद किया गया। शनिवार दोपहर पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दया।
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अधिवक्ता की भूमिका भी संदिग्ध
सीओ कैराना राजेश तिवारी ने बताया कि उक्त मामले में एक अधिवक्ता का नाम भी सामने आ रहा है, जिसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। आरोपियों को षड्यंत्र के तहत फर्जी घटना दर्शाने की सलाह किसने दी, तमाम बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
निर्दोष लोगों पर कार्रवाई होने से बच गई
पशु व्यापारी ने अपने विरोधियों को फंसाने का पूरा प्लान बना लिया था। इसी के चलते उसके नौकर अमजद को गोली मारने के बाद 52 हजार रुपये लूट की सूचना पुलिस को दी गई थी। गनीमत रही कि पुलिस ने गंभीरता से छानबीन की और पूछताछ में घायल अमजद ने सच बोल दिया, नहीं तो पशु व्यापारी अपने मकसद में कामयाब हो जाता और निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो जाती।
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शनिवार को कैराना कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान सीओ राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि शामली रोड पर मन्ना माजरा के पास पांच बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मारकर 52 हजार रुपये नकदी लूट ली है। कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर गए थे और गोली लगने से घायल अमजद उर्फ लाला निवासी आर्यपुरी देहात को अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया था। मामले की गंभीरता से छानबीन और पूछताछ की गई, तो घायल अमजद ने ही लूट की साजिश रचने का खुलासा कर दिया। सीओ ने बताया कि घायल अमजद उर्फ लाला पशु व्यापारी तालिब के यहां नौकरी करता है। तालिब की रंजिश अपने विपक्षी अहसान के साथ लेनदेन के विवाद में चल रहा है। इसी कारण पशु व्यापारी ने अपने साथी सारिक निवासी आर्यपुरी व अरबिन निवासी मन्ना माजरा के साथ मिलकर फर्जी लूट व गोली कांड की पटकथा लिखी और मन्ना माजरा गांव निवासी बिलाल से अपने नौकर अमजद के हाथ में तमंचे से गोली लगवा दी।
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मामले में घायल अमजद के भाई साजिद निवासी आर्यपुरी की ओर से पशु व्यापारी तालिब, भूरा, बिलाल, सारिक व अरबिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीओ ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे पुलिस टीम ने शामली रोड पर स्थित पब्लिक इंटर कॉलेज के निकट से पशु व्यापारी तालिब, भूरा उर्फ सारिक निवासी आर्यपुरी देहात तथा बिलाल निवासी ग्राम मन्ना माजरा को गिरफ्तार कर लिया। सारिक और अरबिन मौके से फरार हो गए। आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। अमजद को गोली मारने में प्रयुक्त तमंचा आरोपी बिलाल से बरामद किया गया। शनिवार दोपहर पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दया।
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अधिवक्ता की भूमिका भी संदिग्ध
सीओ कैराना राजेश तिवारी ने बताया कि उक्त मामले में एक अधिवक्ता का नाम भी सामने आ रहा है, जिसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। आरोपियों को षड्यंत्र के तहत फर्जी घटना दर्शाने की सलाह किसने दी, तमाम बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
निर्दोष लोगों पर कार्रवाई होने से बच गई
पशु व्यापारी ने अपने विरोधियों को फंसाने का पूरा प्लान बना लिया था। इसी के चलते उसके नौकर अमजद को गोली मारने के बाद 52 हजार रुपये लूट की सूचना पुलिस को दी गई थी। गनीमत रही कि पुलिस ने गंभीरता से छानबीन की और पूछताछ में घायल अमजद ने सच बोल दिया, नहीं तो पशु व्यापारी अपने मकसद में कामयाब हो जाता और निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो जाती।