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कैराना में आतंक के तीन साल...

Sat, 30 Sep 2017 01:01 AM IST
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:01 AM IST
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कैराना में आतंक के तीन साल...
कैराना।
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कैराना में दहशत के तीन साल ने सूबे की सरकार को हिला कर रख दिया था। इस आतंक को मुकीम काला गैंग ने फैलाया था। मुकीम के भाई वसीम को मेरठ में एसटीएफ ने एनकाउंटर में मारकर मुकीम काला गैंग पर कड़ा प्रहार किया है, इस कार्रवाई से कैराना में पुलिस पर जनता का भरोसा कायम हुआ है।
गौरतलब है कि रंगदारी न देने पर 16 अगस्त 2014 को व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की हत्या फुरकान गिरोह ने कर दी थी। इसके आठ दिन बाद 24 अगस्त को दिनदहाड़े सीओ कार्यालय के सामने ही मुकीम काला और उसके शार्प शूटरों ने लोहा व्यापारी राजेंद्र व शिवकुमार की ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी थी। तीन व्यापारियों की हत्या के विरोध में कैराना के साथ ही पूरा जिला एक सप्ताह से अधिक समय तक बंद रहा था। इन हत्याओं के बाद मुकीम गिरोह का आतंक वेस्ट यूपी से लेकर हरियाणा, दिल्ली व हिमाचल तक फैल गया था।
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2015 में सबसे पहले मुकीम गिरोह का सबसे सटीक निशानेबाज महताब काना पानीपत सीआईए पुलिस के हत्थे चढ़ा। उसके बाद तो मुकीम गैंग की रीढ़ टूटती चली गई। फिर दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच टीम ने सादर तीतरो व अनिल दुजाना गिरोह के दो बदमाशों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था। मुकीम गिरोह में पुलिस की सेंध लग जाने के बाद कश्मीर से अपनी पत्नियों के साथ लौटते समय करनाल व शामली पुलिस की घेरांबदी के कारण मुकीम काला व साबिर जंधेड़ी करनाल में अपनी कार को डिवाइडर पर चढ़ाने के बाद पैदल ही भाग गए थे, जबकि मुकीम की पत्नी जाशमीन और साबिर की पत्नी साजो पुलिस के हत्थे चढ़ गई थी।
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इसके बाद 2015 में ही गाजियाबाद के सिहानी गेट से एसटीएफ ने मुकीम और साबिर को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने गिरोह से एक-एक कर सभी बदमाशों को जेल भेज दिया। जबकि साबिर और मुन्शाद के जेल से फरार होने के बाद एक माह पूर्व ही मुन्शाद को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मुकीम के पिता मुस्तकीम व मां मीना को भी पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं, बृहस्पतिवार को मेरठ में मुठभेड़ के दौरान मुकीम का भाई वसीम मारा गया। मुकीम, उसके पिता मुस्तकीम, मां मीना के जेल में जाने व मुकीम के भाई वसीम के मारे जाने के बाद मुकीम के दो छोटे भाई ही घर पर रह गए हैं।
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