{"_id":"623b6951cdee4a1d824b1e6b","slug":"compensation-distribution-will-be-done-after-disposal-of-objections-shamli-news-mrt581559782","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपत्तियों के निस्तारण के बाद होगा मुआवजा वितरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपत्तियों के निस्तारण के बाद होगा मुआवजा वितरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपत्तियों के निस्तारण के बाद होगा मुआवजा वितरण
शामली। अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की 3-डी प्रक्रिया पूरी होने और आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद किसानों को मुआवजे का वितरण किया जाएगा।
एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण पर आई आपत्तियों के निस्तारण होने के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मुआवजा धनराशि जारी होने के बाद भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू होगा।
दो घंटे की होगी दूरी कम, ग्रीन फील्ड होगा एक्सप्रेसवे
अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे में हरियाणा के यमुनानगर के 11 गांव, सहारनपुर के 32 गांव और शामली के 12 गांवों को शामिल किया गया है। शामली के लोगों को अंबाला जाने के लिए शामली से करनाल होकर अंबाला साढ़े तीन घंटे लगते हैं। ग्रीन फील्ड इकनॉमिक एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद यह दूरी डेढ़ घंटे में पूरी होगी। अंबाला-शामली इकनॉमिक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर एक्सप्रेसवे 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
विज्ञापन
शामली से गोरखपुर तक जाएगा एक्सप्रेसवे
भारत माला परियोजना के तहत 700 किमी लंबाई वाला एक्सप्रेसवे शामली से गोरखपुर तक मिलाने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 22 जिलों की 37 तहसील से होकर गुजरेगा। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे में गोरखपुर, संतकबीर नगर, बस्ती, अयोध्या, गोड़ा, बहराइच, बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली को जोड़ेगा।
शामली जिले के गांव
अब्दुला मोरमाजरा, औरंगाबाद गंदेवड़ा, भैसानी इस्लामपुर, गोगवान जलालपुर, जमालपुर, कुतुबगढ़, मनट मंटी, थानाभवन पट्टी कालरु, थानाभवन पट्टी नौगांवा, भनेड़ा उद्दा, मानकपुर, तितारसी।
विज्ञापन
शामली। अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की 3-डी प्रक्रिया पूरी होने और आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद किसानों को मुआवजे का वितरण किया जाएगा।
एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण पर आई आपत्तियों के निस्तारण होने के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मुआवजा धनराशि जारी होने के बाद भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू होगा।
विज्ञापन
दो घंटे की होगी दूरी कम, ग्रीन फील्ड होगा एक्सप्रेसवे
अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे में हरियाणा के यमुनानगर के 11 गांव, सहारनपुर के 32 गांव और शामली के 12 गांवों को शामिल किया गया है। शामली के लोगों को अंबाला जाने के लिए शामली से करनाल होकर अंबाला साढ़े तीन घंटे लगते हैं। ग्रीन फील्ड इकनॉमिक एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद यह दूरी डेढ़ घंटे में पूरी होगी। अंबाला-शामली इकनॉमिक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर एक्सप्रेसवे 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
विज्ञापन
शामली से गोरखपुर तक जाएगा एक्सप्रेसवे
भारत माला परियोजना के तहत 700 किमी लंबाई वाला एक्सप्रेसवे शामली से गोरखपुर तक मिलाने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 22 जिलों की 37 तहसील से होकर गुजरेगा। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे में गोरखपुर, संतकबीर नगर, बस्ती, अयोध्या, गोड़ा, बहराइच, बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली को जोड़ेगा।
शामली जिले के गांव
अब्दुला मोरमाजरा, औरंगाबाद गंदेवड़ा, भैसानी इस्लामपुर, गोगवान जलालपुर, जमालपुर, कुतुबगढ़, मनट मंटी, थानाभवन पट्टी कालरु, थानाभवन पट्टी नौगांवा, भनेड़ा उद्दा, मानकपुर, तितारसी।