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आओ अपने रक्त से दूसरों को जीवन दें
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शामली। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा रोटरी क्लब शामली मिडटाउन और जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आज विशाल रक्तदान शिविर आयोजित होगा। यह शिविर शहर के प्राचीन सिद्धपीठ श्री मंदिर हनुमान टीला हनुमानधाम पर सुबह 10.30 बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगा।
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन करता है। एक बार फिर रोटरी क्लब शामली मिडटाउन और जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। यह शिविर बृहस्पतिवार को हनुमानधान हनुमान टीला पर सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर दो बजे तक आयोजित होगा। एक बार रक्तदान करने से कई लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इसलिए रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। इसलिए रक्तदानी को महादानी कहा जाता है। रक्तदान करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि रक्तदान कर लोगों के जीवन को बचाने में अपना योगदान दे। रक्तदान करने महादानी को अमर उजाला की तरफ से प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
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कोट
रक्तदान करने से शरीर पर किसी तरह का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। रक्तदान करने से शरीर स्वस्थ रहता है। रक्तदान करने से शरीर में किसी भी तरह से रक्त की कोई कमी नहीं होती और कुछ समय बाद ही रक्त की शरीर में पूर्ति होनी शुरू हो जाती है। - डा. संजय भटनागर सीएमओ।
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रक्तदान कर हम दूसरों के जीवन में खुशियां ला सकते हैं। किसी को गंभीर चोट लगने पर, बीमार होने पर या आपरेशन आदि में रक्त की जरूरत होती है। रक्तदान करके ही हम इस जरूरत को पूरी कर लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं। रक्तदान करने से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। शरीर पहले की तरह स्वस्थ रहता है। - डा. अनुपम सक्सेना, पैथोलोजिस्ट सीएचसी।
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अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन करता है। एक बार फिर रोटरी क्लब शामली मिडटाउन और जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। यह शिविर बृहस्पतिवार को हनुमानधान हनुमान टीला पर सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर दो बजे तक आयोजित होगा। एक बार रक्तदान करने से कई लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इसलिए रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। इसलिए रक्तदानी को महादानी कहा जाता है। रक्तदान करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि रक्तदान कर लोगों के जीवन को बचाने में अपना योगदान दे। रक्तदान करने महादानी को अमर उजाला की तरफ से प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
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कोट
रक्तदान करने से शरीर पर किसी तरह का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। रक्तदान करने से शरीर स्वस्थ रहता है। रक्तदान करने से शरीर में किसी भी तरह से रक्त की कोई कमी नहीं होती और कुछ समय बाद ही रक्त की शरीर में पूर्ति होनी शुरू हो जाती है। - डा. संजय भटनागर सीएमओ।
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रक्तदान कर हम दूसरों के जीवन में खुशियां ला सकते हैं। किसी को गंभीर चोट लगने पर, बीमार होने पर या आपरेशन आदि में रक्त की जरूरत होती है। रक्तदान करके ही हम इस जरूरत को पूरी कर लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं। रक्तदान करने से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। शरीर पहले की तरह स्वस्थ रहता है। - डा. अनुपम सक्सेना, पैथोलोजिस्ट सीएचसी।