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Shamli News: परिषदीय विद्यालयों में प्राथमिक स्तर पर भी बच्चे पढ़ेंगे एनसीईआरटी की किताबें
Sat, 02 Mar 2024 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 02 Mar 2024 12:50 AM IST
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शामली। बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित परिषदीय विद्यालयों में प्राथमिक स्तर पर कक्षा एक व कक्षा दो में बच्चे नए सत्र में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ेंगे। विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अभी तक इन कक्षाओं के बच्चे एससीआरटी की किताबें पढ़ रहे हैं। उधर, शासन की तरफ से नए सत्र के लिए कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए साढ़े चार लाख किताबें पहुंच चुकी है। जिले को करीब छह लाख किताबें मिलनी है। बची हुई किताबें एक सप्ताह में पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।
नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण कार्य में बदलाव लगातार किया जा रहा है। अब सरकारी स्कूलों में प्राथमिक स्तर पर भी एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की तैयारी चल रही है। अभी तक कक्षा एक व दो के बच्चों को एससीआरटी की किताबों से पढ़ाया जा रहा है। प्राथमिक स्तर पर कक्षा एक व दो के बच्चों को एनसीईआरटी की किताबों से शिक्षण कार्य कराने का उद्देश्य बच्चों को निपुण बनाना है। एनसीईआरटी आधारित किताबों में बच्चों के कौशल विकास से जुड़े पाठ होंगे और बच्चे खेल-खेल में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
उधर, जिले में कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए एनसीईआरटी की लगभग साढ़े चार लाख किताबें जिले के बेसिक शिक्षा विभाग को मिल चुकी है। जिले को छह लाख किताबें मिलनी है। बची हुई करीब डेढ़ लाख किताबें एक सप्ताह के अंदर मिलने की उम्मीद है। जिले में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट 596 विद्यालय है, जिनमें करीब 77 हजार विद्यार्थी पंजीकृत है। माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को मिलाकर इनकी संख्या 90 हजार के लगभग है। नया सत्र एक अप्रैल से शुरू होने से पहले विद्यालयों में किताबों का वितरण करने की योजना है ताकि पहले ही दिन से बच्चे नई किताबों से पढ़ाई कर सके। बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर एनसीईआरटी की किताबें लागू किए जाने के बारे में सुना जा रहा है, लेकिन अभी तक शासन से इस संबंध में अधिकृत रूप से कोई जानकारी नहीं आई है। कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए करीब साढ़े चार लाख एनसीईआरटी की किताबें आ चुकी है। अभी डेढ़ लाख किताबें और आनी है, जो एक सप्ताह में मिलने की उम्मीद है।
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नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण कार्य में बदलाव लगातार किया जा रहा है। अब सरकारी स्कूलों में प्राथमिक स्तर पर भी एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की तैयारी चल रही है। अभी तक कक्षा एक व दो के बच्चों को एससीआरटी की किताबों से पढ़ाया जा रहा है। प्राथमिक स्तर पर कक्षा एक व दो के बच्चों को एनसीईआरटी की किताबों से शिक्षण कार्य कराने का उद्देश्य बच्चों को निपुण बनाना है। एनसीईआरटी आधारित किताबों में बच्चों के कौशल विकास से जुड़े पाठ होंगे और बच्चे खेल-खेल में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
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उधर, जिले में कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए एनसीईआरटी की लगभग साढ़े चार लाख किताबें जिले के बेसिक शिक्षा विभाग को मिल चुकी है। जिले को छह लाख किताबें मिलनी है। बची हुई करीब डेढ़ लाख किताबें एक सप्ताह के अंदर मिलने की उम्मीद है। जिले में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट 596 विद्यालय है, जिनमें करीब 77 हजार विद्यार्थी पंजीकृत है। माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को मिलाकर इनकी संख्या 90 हजार के लगभग है। नया सत्र एक अप्रैल से शुरू होने से पहले विद्यालयों में किताबों का वितरण करने की योजना है ताकि पहले ही दिन से बच्चे नई किताबों से पढ़ाई कर सके। बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर एनसीईआरटी की किताबें लागू किए जाने के बारे में सुना जा रहा है, लेकिन अभी तक शासन से इस संबंध में अधिकृत रूप से कोई जानकारी नहीं आई है। कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए करीब साढ़े चार लाख एनसीईआरटी की किताबें आ चुकी है। अभी डेढ़ लाख किताबें और आनी है, जो एक सप्ताह में मिलने की उम्मीद है।
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