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परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण में खुली अव्यवस्थाओं की पोल

Sat, 08 Feb 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 12:18 AM IST
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Children clean themselves in school toilets
शामली। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में जिलाधिकारी द्वारा कराए गए औचक निरीक्षण में अव्यवस्थाओं की पोल खुली है। कहीं शिक्षक गायब मिले तो कहीं साफ-सफाई नहीं मिली, कहीं शौचालयों की स्थिति खराब मिली तो कहीं पर पेयजल व्यवस्था ठीक नहीं पाई गई। 28 विद्यालयों की स्थिति दयनीय पाई गई। कहीं शौचालयों के दरवाजे टूटे है तो कहीं निर्माण अधूरा है। अधिकतर विद्यालयों में शौचालयों में गंदगी पाई गई। कुछ विद्यालय के बच्चों ने बताया कि वहां शौचालय की सफाई नहीं होती। बच्चे स्वयं सफाई करते हैं। डीएम ने बीएसए को कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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बेसिक विभाग द्वारा जनपद में संचालित सभी 644 परिषदीय विद्यालयों की हकीकत परखने के लिए डीएम अखिलेश सिंह ने 31 जनवरी को राजस्व विभाग और विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा औचक निरीक्षण कराया गया। इसमें 118 विद्यालयों में अव्यवस्थाएं मिली है।
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निरीक्षण रिपोर्ट में चार प्रधानाध्यापक, 17 अध्यापक और पांच शिक्षा मित्र अनुपस्थित पाए गए थे। प्राथमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय मंसूरा में बच्चों की उपस्थिति पंजिका में 206 अंकित था जबकि मौके पर कुल बच्चे 56 ही थे। कैराना ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो जहानपुरा के दो कमरों व रसोईघर का भवन क्षतिग्रस्त मिला और बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त टाट पट्टी व फर्नीचर भी उपलब्ध नहीं था।
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छह स्कूलों में मिड डे मील की गुणवत्ता सही नहीं
छह विद्यालयों में मिड डे मील की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई। एक विद्यालय में खुले मसालों का प्रयोग हो रहा था। कांधला नगर क्षेत्र में जन कल्याण शिक्षा एवं सेवा समिति हापुड़ द्वारा वितरित किए जाने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई। 11 सितंबर में भी मिड डे मील की गुणवत्ता सहीं नहीं मिलने पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। ऊन ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पटनी परतापुर में रसोईघर नहीं था। खुले में ही मिड-डे मील बन रहा था। चार विद्यालयों में गैस कनेक्शन नहीं था जबकि तीन विद्यालयों में एक-एक गैस सिलिंडर चोरी बताया गया।
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21 विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था नहीं मिली
जनपद के 21 विद्यालयों में समुचित पेयजल व्यवस्था होना नहीं पाया गया। कहीं हैंडपंप खराब तो कहीं पानी पीने योग्य नहीं। कहीं सबमर्सिबल खराब मिले तो कहीं पेयजल पाइप लाइन टूटी पाई गई। डीएम ने ग्राम पंचायत के माध्यम से सभी विद्यालयों में सबमर्सिबल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

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कोट
जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों का राजस्व और विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा औचक निरीक्षण कराया गया है। निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में प्रतिकूल स्थिति सामने आई है। बीएसए और संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों की स्थिति में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
-अखिलेश सिंह, डीएम।
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