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संस्कारों की बात करते थे चौधरी चरण सिंह
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चौधरी चरण सिंह जयंती से सम्बधित डॉक्टर हरेन्द्र सिंह
- फोटो : SHAMLI
संस्कारों की बात करते थे चौधरी चरण सिंह
शामली। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का शामली से काफी लगाव रहा। वह अक्सर शामली आते थे ओर यहां के नेताओं से मिलते थे। पूर्व विधायक स्वर्गीय बाबू सिंह के पास वह अक्सर आते थे। 1980 में कैराना का लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान गायत्री देवी ने भी स्वर्गीय बाबू सिंह के आवास पर अपना ठिकाना बनाया था।
स्वर्गीय बाबू सिंह के पुत्र डा. हरेंद्र सिंह वर्मा बताते हैं कि वह जब भी चौधरी साहब से मिले, उन्होंने अच्छे संस्कारों की बात की। डा. हरेंद्र वर्मा बताते हैं कि बचपन में वह कई बार चौधरी साहब से मिले। शामली तब मुजफ्फरनगर जनपद का ही हिस्सा था। जनपद से गुजरते समय चौधरी साहब अक्सर उनके पिता बाबू सिंह से मिलने आ जाते थे। कई बार वह बिना पूर्व सूचना के ही आए। वह बताते हैं कि एक बार वह दोनों जेबों में हाथ डालकर उनके सामने खड़े हो गए। तभी चौधरी साहब ने टोका कि इस तरह नहीं खड़े होते। अपनों से बड़ों के सामने सीधे खड़े होकर बात करते हैं। 1980 में स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की पत्नी गायत्री देवी कैराना लोकसभा सीट से चुनाव जीतीं। चुनाव के दौरान वह बाबू सिंह के आवास पर ही रहती थीं।
किसान, मजदूर और लघु उद्योगों की वकालत
शामली। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और लघु उद्योगों की वकालत करते थे। अधिवक्ता राजपाल सिंह भारसी का कहना है कि उन्हें कई बार चौधरी चरण सिंह के मंच से बोलने का मौका मिला। चौधरी साहब उनके वक्तव्य की तारीफ करते थे और मंच पर उन्हें बोलने के लिए प्रेरित भी करते थे।
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राजपाल सिंह बताते हैं कि चौधरी साहब कहते थे कि किसान की जेब में पैसा होगा तो वह तुरंत मजदूर को भुगतान करेगा। जब दोनों के पास पैसा होगा तो दोनों छोटे व्यापारी को भुगतान करेंगे। इसलिए किसान के मजबूत होने से मजदूर और छोटा व्यापारी भी मजबूत होता। वह बताते हैं कि चौधरी चरण सिंह महात्मा गांधी की विचारधारा को मानते थे और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की वकालत करते थे। कहते थे कि लघु उद्योग देश की मजबूती की नींव होते हैं।
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शामली। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का शामली से काफी लगाव रहा। वह अक्सर शामली आते थे ओर यहां के नेताओं से मिलते थे। पूर्व विधायक स्वर्गीय बाबू सिंह के पास वह अक्सर आते थे। 1980 में कैराना का लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान गायत्री देवी ने भी स्वर्गीय बाबू सिंह के आवास पर अपना ठिकाना बनाया था।
स्वर्गीय बाबू सिंह के पुत्र डा. हरेंद्र सिंह वर्मा बताते हैं कि वह जब भी चौधरी साहब से मिले, उन्होंने अच्छे संस्कारों की बात की। डा. हरेंद्र वर्मा बताते हैं कि बचपन में वह कई बार चौधरी साहब से मिले। शामली तब मुजफ्फरनगर जनपद का ही हिस्सा था। जनपद से गुजरते समय चौधरी साहब अक्सर उनके पिता बाबू सिंह से मिलने आ जाते थे। कई बार वह बिना पूर्व सूचना के ही आए। वह बताते हैं कि एक बार वह दोनों जेबों में हाथ डालकर उनके सामने खड़े हो गए। तभी चौधरी साहब ने टोका कि इस तरह नहीं खड़े होते। अपनों से बड़ों के सामने सीधे खड़े होकर बात करते हैं। 1980 में स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की पत्नी गायत्री देवी कैराना लोकसभा सीट से चुनाव जीतीं। चुनाव के दौरान वह बाबू सिंह के आवास पर ही रहती थीं।
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किसान, मजदूर और लघु उद्योगों की वकालत
शामली। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और लघु उद्योगों की वकालत करते थे। अधिवक्ता राजपाल सिंह भारसी का कहना है कि उन्हें कई बार चौधरी चरण सिंह के मंच से बोलने का मौका मिला। चौधरी साहब उनके वक्तव्य की तारीफ करते थे और मंच पर उन्हें बोलने के लिए प्रेरित भी करते थे।
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राजपाल सिंह बताते हैं कि चौधरी साहब कहते थे कि किसान की जेब में पैसा होगा तो वह तुरंत मजदूर को भुगतान करेगा। जब दोनों के पास पैसा होगा तो दोनों छोटे व्यापारी को भुगतान करेंगे। इसलिए किसान के मजबूत होने से मजदूर और छोटा व्यापारी भी मजबूत होता। वह बताते हैं कि चौधरी चरण सिंह महात्मा गांधी की विचारधारा को मानते थे और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की वकालत करते थे। कहते थे कि लघु उद्योग देश की मजबूती की नींव होते हैं।

शामली चौधरी बरात घर में चौधरी चरण सिंह प्रतिमा का उतरा रंग- फोटो : SHAMLI

शामली पूर्व विधायक स्व बाबूसिंह के आवास पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व चौधरी चरण सिंह सर्मथको के साथ - फोटो : SHAMLI