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चंदेनामाल की अस्थाई गोशाला में गोवंश की मौत
Fri, 10 May 2019 11:10 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Fri, 10 May 2019 11:10 PM IST
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file photo
- फोटो : amarujala
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गांव चंदेनामाल में बनाई गई अस्थाई गोशाला में गोवंश की मौत हो गई। दूसरे दिन भी शव मौके पर ही पड़ा है। इससे ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने ग्राम प्रधान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
गांव चंदेनामाल में प्रशासन की ओर से अस्थाई गोशाला बनाई हुई है। गोशाला के निर्माण के समय 51 गोवंश को यहां रखा गया था। बृहस्पतिवार को एक गोवंश की मौत हो गई जबकि एक गोवंश का गड्ढे में गिरने से पैर टूट गया। शुक्रवार को ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान की ओर से गोवंश के लिए घास की कोई उचित व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने खुद आसपास से भूसा एकत्रित कर गोशाला में रखा है। पीने के पानी के लिए उचित प्रबंध नहीं है। ग्राम पंचायत की ओर से पानी का गड्ढा जरूर बनाया है, लेकिन वहां कीचड़ बना है। चारदीवारी के रूप में की गई तारबंदी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। उधर, ग्राम प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने बताया पिछले दिनों दो बार आए तूफान के कारण छाया के लिए डाला गया छप्पर उड़ गया था। नए छप्पर का सामान तैयार है, एक दो दिन मजदूर मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। पीने के पानी के लिए नई व्यवस्था के रूप में पक्की हौज का निर्माण कराया जाएगा। उधर, खंड विकास अधिकारी कृष्ण गोपाल चौधरी ने बताया कि ऐसा संभव है कि गर्मी में बीमारी के चलते गोवंश की मौत हो गई हो। गोशाला में तमाम व्यवस्थाएं कराई जा रही है। इसके बाद भी मौके पर जांच कराई जाएगी और गोवंश की मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।
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गांव चंदेनामाल में प्रशासन की ओर से अस्थाई गोशाला बनाई हुई है। गोशाला के निर्माण के समय 51 गोवंश को यहां रखा गया था। बृहस्पतिवार को एक गोवंश की मौत हो गई जबकि एक गोवंश का गड्ढे में गिरने से पैर टूट गया। शुक्रवार को ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान की ओर से गोवंश के लिए घास की कोई उचित व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने खुद आसपास से भूसा एकत्रित कर गोशाला में रखा है। पीने के पानी के लिए उचित प्रबंध नहीं है। ग्राम पंचायत की ओर से पानी का गड्ढा जरूर बनाया है, लेकिन वहां कीचड़ बना है। चारदीवारी के रूप में की गई तारबंदी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। उधर, ग्राम प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने बताया पिछले दिनों दो बार आए तूफान के कारण छाया के लिए डाला गया छप्पर उड़ गया था। नए छप्पर का सामान तैयार है, एक दो दिन मजदूर मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। पीने के पानी के लिए नई व्यवस्था के रूप में पक्की हौज का निर्माण कराया जाएगा। उधर, खंड विकास अधिकारी कृष्ण गोपाल चौधरी ने बताया कि ऐसा संभव है कि गर्मी में बीमारी के चलते गोवंश की मौत हो गई हो। गोशाला में तमाम व्यवस्थाएं कराई जा रही है। इसके बाद भी मौके पर जांच कराई जाएगी और गोवंश की मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।
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