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आम बजट 2022: रेलवे की अधूरी परियोजनाओं के बजट की आस

Sun, 30 Jan 2022 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 12:36 AM IST
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Budget hope for unfinished railway projects
शामली। यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक फरवरी को संसद में पेश होने वाले आम बजट में जिले को लंबे समय से अधूरी परियोजनाओं के बजट जारी होने की आस है। लंबी दूरी और इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन की उम्मीद लोग लगाए हुए हैं।
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एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश करेंगी। एक ओर कोविड महामारी और दूसरी यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस बार का आम बजट महत्वपूर्ण है। पहली बार तत्कालीन भाजपा सांसद हुकुम सिंह की मांग पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग-विद्युतीकरण और दोहरीकरण के लिए वर्ष 2016 के आम बजट में 1500 करोड़, मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन की स्थापना के लिए 2200 करोड़ रुपये, कैथल-करनाल-शामली और मेरठ रेलवे लाइन के सर्वे की घोषणा की गई थी।
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दोहरीकरण और विद्युतीकरण का तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने दिसंबर 2017 में नानौता रेलवे स्टेशन पर आधारशिला रखी थी। आधारशिला रखने के चार साल बाद विद्युतीकरण और सिगनल कार्य अंतिम चरण में है। दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग का दोहरीकरण का बजट न मिलने से कार्य शुरू नहीं हो पाया है। मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन को अभी तक बजट नहीं मिला है, वहीं कैथल-करनाल, शामली-मेरठ नई रेलवे लाइन के सर्वे होने के दो साल बाद आगे कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलें
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग का कहना कि जिले के आम नागरिक, व्यापारी इलेक्ट्रिक ट्रेन और माता वैष्णो देवी, मथुरा, लखनऊ, इलाहाबाद, अयोध्या, चित्रकूट, जगन्नाथ पुरी जैसे धर्मस्थलों के लिए लंबी दूरी की ट्रेनें के संचालन होने की उम्मीद लगाए हैं। व्यापारियों का तर्क है कि जिला मुख्यालय होने के बाद शामली रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण करने के साथ-साथ जंक्शन का दर्जा दिए जाने की मांग की है।
114 साल पुरानी रेलवे लाइन का हो दोहरी करण का मिले बजट
अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज बंसल का कहना है कि 114 साल पुरानी दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन दोहरीकरण के लिए फंड जारी किया जाए। 2016 के रेल बजट में इस रेल लाइन को 1500 करोड़ के बजट प्रावधान के साथ पास कर दिया था, लेकिन 1214 करोड़ की डीपीआर बनी थी, बाद में इसका फंड मेरठ से होकर गुजरने वाले डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को दे दिया गया था। दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। तब से यह रेलवे की पिंक बुक में शुमार है। युवाओं व कामगारों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग दोहरीकरण के लिए आवश्यक फंड जारी किया जाने की मांग की है।

रेलवे लाइनों की स्थापना के लिए बजट अवमुक्त कराने की कोशिश करेंगे
कैराना लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग के विद्युतीकरण कार्य पूरा हो गया है। केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव से मिलकर दिल्ली-सहारनपुर रेलवे के दोहरीकरण, मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन और कैथल-करनाल-शामली मेरठ रेलवे लाइन की स्थापना के लिए बजट अवमुक्त कराने की मांग की है।
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