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जनपद में विकास परियोजना पर लग गया ‘ब्रेक’

Thu, 01 Jun 2017 12:14 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
शामली, अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 01 Jun 2017 12:14 AM IST
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'Break' on development project in district
development project - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। प्रदेश सरकार के गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के क्षेत्र में विकास परियोजना अधर में लटक गई है। शासन से दूसरी किस्त के रूप में 29 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर नहीं होने के कारण पूर्वी यमुना नहर की सुंदरीकरण की परियोजना पर काम पूर्णतया बंद हो गया है।
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अभी तक केवल निर्माण के नाम पर पूर्वी यमुना नहर खंड की निर्माण एजेंसी एक साल में नहर की दोनों पटरियों की चौड़ीकरण के लिए दस किलोमीटर तक मिट्टी का कार्य पूरा कर पाई है। बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़क की सूरत और बिगड़ जाएगी। 
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 सपा सरकार में योजना आयोग के सदस्य रहे डॉक्टर सुधीर पंवार ने शामली शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रस्तावित जिला मुख्यालय के निकट भैंसवाल गांव से लेकर करमूखेड़ी पूर्वी यमुना नहर खंड के पुल तक दस किमी लंबाई वाली नहर की दोनों ओर पटरियों की तारकोल सड़क की योजना मंजूर कराई थी।
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इसके अलावा जिला मुख्यालय के निकट दो सेतु भी मंजूर कराई थी। इन सभी पर 44 करोड़ रुपये अनुमानित खर्च आंका था। शासन ने इस धनराशि को मंजूर भी कर दिया था। इस योजना पर कार्य शुरू कराने के लिए सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान पहली किस्त के रूप में 15 करोड़ रुपये गत वर्ष जारी कर दी थी।

पूर्वी यमुना नहर खंड की निर्माण एजेंसी एक साल में नहर की दोनों पटरियों की चौड़ीकरण के लिए दस किलोमीटर तक मिट्टी का कार्य पूरा कर पाई है। पूर्वी नहर के पटरियों का सीमेंटेड डोला बनने का कार्य, जिला मुख्यालय के पास अधिकारियों के आवास तक आने जाने के लिए दो सेतु का कार्य अधूरा है। 

नहर की पटरियों को चौड़ीकरण करने के लिए प्रयोग की गई मिट्टी का नहर के अंदर व बाहर मिट्टी कटान होना शुरू हो गया है। सबसे खास बात यह कि शामली से गढ़ीपुख्ता मार्ग को जोड़ने वाला मुंडेट कला गांव का नहर पुल खस्ता हाल में है, जिसमें दरार तक आनी प्रारंभ हो गई है।

इस सेतु से ही जिला मुख्यालय व जिला अस्पताल, सीएमओ आफिस, खेल स्टेडियम  को जाने के लिए नहर की पटरियां  मुख्य मार्ग है। पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता वीर पाल सिंह का कहना है कि पूर्वी यमुना नहर की परियोजना की शासन द्वारा जारी 15 करोड़ रुपये की धनराशि गत 31 मार्च को समाप्त हो गई है। परियोजना की अवशेष 29 करोड़ रुपये की धनराशि शासन से मांगी गई है। अभी तक शासन से धनराशि नही मिली है।

क्या कहते हैं विधायक 
नगर विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने कहा कि जिले की विकास परियोजनाओं का अध्ययन करने के बाद कुछ   कह पाने की स्थिति में हो पाएंगे। भाजपा सरकार प्रदेश में विकास कराने का वादा करके आई है। इस वादे को पूरा िकया जाएगा। 

सपा के विकास कार्यों को रोक दिया गया : सुधीर पंवार
सपा नेता डॉक्टर सुधीर पंवार ने कहा कि जिले में मंत्री होने के बाद सपा सरकार द्वारा शुरू कराए गए विकास कार्य बंद हो गए हैं। सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान पूर्वी यमुना नहर पटरी परियोजना भैैंसवाल बाईपास अथवा दिल्ली- यमुनोत्री, शामली बाईपास परियोजनाओं पर कार्य शुरू कराया था। भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही सभी परियोजनाओं पर कार्य बंद करा दिया है। भाजपा सरकार का जिले की विकास योजनाओं पर कोई ध्यान नहीं है। 

50 लाख की लागत से शिफ्ट होंगे पोल
पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता वीरपाल सिंह ने कहा कि करमूखेड़ी से लेकर भैैसवाल गांव तक नहर की पटरी में विद्युत खंभे और पेड़ अवरोध हैं। बिजली पोल हटाने के लिए विद्युत निगम ने 50 लाख रुपये का स्टीमेट बनाकर दिया है। पटरी पर पेड़ों का कटान होना है, जिसका अभी स्टीमेट तैयार नहीं हुआ है। शासन को स्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा, वहां से स्वीकृति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 
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