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एक पर सपा, दो पर भाजपा काबिज
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Mar 2017 11:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जिले में भाजपा ने 2012 के नतीजों को दोहराते हुए फिर से दो सीटों पर कब्जा जमा लिया। शामली सीट पर तेजेंद्र निर्वाल और थानाभवन सीट पर सुरेश राणा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। इन दोनों ही सीटों पर ध्रुवीकरण देखने को मिला। रालोद और बसपा के परंपरागत वोटरों में सेंध लगाने में भी भाजपा कामयाब रही। वहीं, कैराना सीट पर सपा की मजबूत स्थिति ने भाजपा को करारी शिकस्त देखने को मजबूर कर दिया।
कैराना में 2012 के चुनाव में हुकुम सिंह और थानाभवन से सुरेश राणा विजयी हुए थे। फिर 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर चली। कैराना लोकसभा सीट पर हुकुम सिंह सांसद चुने गए थे। इसी वर्ष कैराना सीट पर उपचुनाव हुआ, तो उसमें सपा के नाहिद हसन जीत गए थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी अनिल चौहान दूसरे नंबर पर रहे थे। अनिल चौहान इस बार भी भाजपा का टिकट मांग रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर पार्टी ने सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
इसके चलते अनिल चौहान रालोद में चले गए और चुनाव मैदान में भी उतर गए। इसका नुकसान भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को हुआ। क्योंकि सपा प्रत्याशी नाहिद हसन 21,125 वोटों से जीते, जबकि अनिल चौहान को 19,903 वोट मिले। यदि अनिल चौहान बगावत नहीं करते और हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह के साथ रहते, तो नतीजे कुछ अलग हो सकते थे।
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वहीं, गुर्जर बिरादरी में भी सांसद हुकुम सिंह का विरोध बताया गया। उसका असर भी चुनाव में हुआ और फायदा नाहिद हसन को मिल गया। इस सीट पर मुस्लिम मतों में कोई खास बंटवारा नहीं हो सका। एआईएमआईएम के मसीउल्ला 1365 और लोकदल प्रत्याशी सरफराज खान 1124 वोट ही ले पाए, जबकि भाजपा उम्मीद कर रही थी कि इन दोनों प्रत्याशियों को पांच पांच हजार वोट मिल सकते हैं, मगर ऐसा हो नहीं सका। सपा प्रत्याशी नाहिद हसन ने 98654 वोट पाकर भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को 21125 वोटों से पराजित कर दिया।
थानाभवन में भारतीय जनता पार्टी ने 2012 में जीतने वाले सुरेश राणा को ही इस सीट से प्रत्याशी बनाया। बसपा ने पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस, तो रालोद ने भी मुस्लिम कार्ड खेलते हुए जावेद राव को प्रत्याशी बनाया था। रालोद ने जाट-मुस्लिम गठजोड़ में जान फूंकने का प्रयास किया था, मगर जावेद राव सिर्फ 31,275 वोट ही ले सके।
जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में रालोद प्रत्याशी अशरफ अली खान को 53454 वोट मिले थे। उधर, सपा ने किरणपाल कश्यप का टिकट काटकर जाट बिरादरी के डॉक्टर सुधीर पंवार को टिकट दिया, जिससे कश्यप बिरादरी के वोटरों में असंतोष की भावना पैदा हो गई, जिसका सीधा फायदा भाजपा प्रत्याशी को मिला।
हिंदूवादी छवि वाले भाजपा प्रत्याशी सुरेश राणा को 90,995 वोट मिले, जो बयां करता है कि विपक्षी प्रत्याशी के खिलाफ हर जाति-बिरादरी में भाजपा को
वोट मिला। वहीं, बसपा प्रत्याशी अब्दुल वारिस 74178 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे।
प्रत्याशी को शहर से करीब 30 हजार वोट मिले
शामली विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी तेजेंद्र निर्वाल ने 70,085 वोट पाकर निकटतम प्रतिद्वंद्वी पंकज मलिक को 29,720 वोटों से परास्त कर दिया। शामली शहर में भाजपा का परंपरागत वोट होने के साथ ही जाट बहुल गांवों में भी अच्छी खासी वोट मिली। अकेले शहर में करीब 30 हजार वोट भाजपा प्रत्याशी को मिले। भाजपा प्रत्याशी का आरएसएस में लंबा कार्य उनके काम आ गया। भाजपा प्रत्याशी हर गांव में वोट लेता रहा, लेकिन गांव दर गांव उनके मुकाबले पर अलग अलग प्रत्याशी आता रहा।
रालोद ने गठवाला खाप के बिजेंद्र मलिक को चुनाव में उतारकर सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी पंकज मलिक को खतरे में डाला, तो सपा नेता एवं एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़कर सपा-गठबंधन प्रत्याशी पंकज मलिक की राह में कांटे बो दिए। इस सीट पर भी हिंदू वोटरों का ध्रुवीकरण भाजपा को जीत पक्की करने में कारगर साबित हुआ।
भाजपाइयों ने दो दिन पहले खेली होली
शामली। जिले की थानाभवन एवं शामली विधानसभा के चुनाव नतीजे आने के बाद भाजपाइयों की दो दिन पूर्व रंग गुलाल उड़ाकर होली का त्योहार धूमधाम से मनाया। जिले के शामली शहर थानाभवन, जलालाबाद एवं गढ़ीपुख्ता कस्बों में भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने विजयी जुलूस निकाला।
जिला प्रशासन ने होली के मद्देनजर विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद विजयी जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया था। भाजपा की प्रदेश मे प्रचंड बहुमत मिलने के बाद आखिर भाजपा कार्यकर्त्ताओं का जोश नहीं रुक पाया। थानाभवन विधानसभा चुनाव से भाजपा के सुरेश राणा के दूूसरी बार व शामली विधान से पहली बार तेजेंद्र निर्वाल के विधायक चुने जाने के बाद मंडी स्थल पर भाजपा कार्यकर्त्ताओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
शामली विधानसभा सीट पर भाजपा का पहली बार कमल खिलने के बाद विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने आरओ से प्रमाण लेकर जुलूस के रूप में पैदल निकल पड़े। दूूूसरी बार थानाभवन विधायक चुने गए सुरेश राणा की जबरदस्त जीत पर भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने उन्हें अबीर गुलाल लगाकर विधायक के साथ होली खेली। कृष्णा गार्डन में भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने होली का जश्न मनाया। जिला प्रशासन भी भाजपा कार्यकर्त्ताओं के आगे बेबस नजर आया।
उधर, सपा विधायक नाहिद हसन का विजयी जुलूस निकलने से शहर में माजरा, टंकी रोड एमएसके रोड, धीमानपुरा, हनुमान रोड, वीवीइंटर कालेज रोड जाम रहा। शहर में जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गढ़ीपुख्ता कस्बे में थानाभवन विधानसभा से दूसरी बार विधायक चुने गए सुरेश राणा का विजय जुलूस निकाला और होली खेली।
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कैराना में 2012 के चुनाव में हुकुम सिंह और थानाभवन से सुरेश राणा विजयी हुए थे। फिर 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर चली। कैराना लोकसभा सीट पर हुकुम सिंह सांसद चुने गए थे। इसी वर्ष कैराना सीट पर उपचुनाव हुआ, तो उसमें सपा के नाहिद हसन जीत गए थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी अनिल चौहान दूसरे नंबर पर रहे थे। अनिल चौहान इस बार भी भाजपा का टिकट मांग रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर पार्टी ने सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
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इसके चलते अनिल चौहान रालोद में चले गए और चुनाव मैदान में भी उतर गए। इसका नुकसान भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को हुआ। क्योंकि सपा प्रत्याशी नाहिद हसन 21,125 वोटों से जीते, जबकि अनिल चौहान को 19,903 वोट मिले। यदि अनिल चौहान बगावत नहीं करते और हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह के साथ रहते, तो नतीजे कुछ अलग हो सकते थे।
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वहीं, गुर्जर बिरादरी में भी सांसद हुकुम सिंह का विरोध बताया गया। उसका असर भी चुनाव में हुआ और फायदा नाहिद हसन को मिल गया। इस सीट पर मुस्लिम मतों में कोई खास बंटवारा नहीं हो सका। एआईएमआईएम के मसीउल्ला 1365 और लोकदल प्रत्याशी सरफराज खान 1124 वोट ही ले पाए, जबकि भाजपा उम्मीद कर रही थी कि इन दोनों प्रत्याशियों को पांच पांच हजार वोट मिल सकते हैं, मगर ऐसा हो नहीं सका। सपा प्रत्याशी नाहिद हसन ने 98654 वोट पाकर भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को 21125 वोटों से पराजित कर दिया।
थानाभवन में भारतीय जनता पार्टी ने 2012 में जीतने वाले सुरेश राणा को ही इस सीट से प्रत्याशी बनाया। बसपा ने पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस, तो रालोद ने भी मुस्लिम कार्ड खेलते हुए जावेद राव को प्रत्याशी बनाया था। रालोद ने जाट-मुस्लिम गठजोड़ में जान फूंकने का प्रयास किया था, मगर जावेद राव सिर्फ 31,275 वोट ही ले सके।
जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में रालोद प्रत्याशी अशरफ अली खान को 53454 वोट मिले थे। उधर, सपा ने किरणपाल कश्यप का टिकट काटकर जाट बिरादरी के डॉक्टर सुधीर पंवार को टिकट दिया, जिससे कश्यप बिरादरी के वोटरों में असंतोष की भावना पैदा हो गई, जिसका सीधा फायदा भाजपा प्रत्याशी को मिला।
हिंदूवादी छवि वाले भाजपा प्रत्याशी सुरेश राणा को 90,995 वोट मिले, जो बयां करता है कि विपक्षी प्रत्याशी के खिलाफ हर जाति-बिरादरी में भाजपा को
वोट मिला। वहीं, बसपा प्रत्याशी अब्दुल वारिस 74178 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे।
प्रत्याशी को शहर से करीब 30 हजार वोट मिले
शामली विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी तेजेंद्र निर्वाल ने 70,085 वोट पाकर निकटतम प्रतिद्वंद्वी पंकज मलिक को 29,720 वोटों से परास्त कर दिया। शामली शहर में भाजपा का परंपरागत वोट होने के साथ ही जाट बहुल गांवों में भी अच्छी खासी वोट मिली। अकेले शहर में करीब 30 हजार वोट भाजपा प्रत्याशी को मिले। भाजपा प्रत्याशी का आरएसएस में लंबा कार्य उनके काम आ गया। भाजपा प्रत्याशी हर गांव में वोट लेता रहा, लेकिन गांव दर गांव उनके मुकाबले पर अलग अलग प्रत्याशी आता रहा।
रालोद ने गठवाला खाप के बिजेंद्र मलिक को चुनाव में उतारकर सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी पंकज मलिक को खतरे में डाला, तो सपा नेता एवं एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़कर सपा-गठबंधन प्रत्याशी पंकज मलिक की राह में कांटे बो दिए। इस सीट पर भी हिंदू वोटरों का ध्रुवीकरण भाजपा को जीत पक्की करने में कारगर साबित हुआ।
भाजपाइयों ने दो दिन पहले खेली होली
शामली। जिले की थानाभवन एवं शामली विधानसभा के चुनाव नतीजे आने के बाद भाजपाइयों की दो दिन पूर्व रंग गुलाल उड़ाकर होली का त्योहार धूमधाम से मनाया। जिले के शामली शहर थानाभवन, जलालाबाद एवं गढ़ीपुख्ता कस्बों में भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने विजयी जुलूस निकाला।
जिला प्रशासन ने होली के मद्देनजर विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद विजयी जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया था। भाजपा की प्रदेश मे प्रचंड बहुमत मिलने के बाद आखिर भाजपा कार्यकर्त्ताओं का जोश नहीं रुक पाया। थानाभवन विधानसभा चुनाव से भाजपा के सुरेश राणा के दूूसरी बार व शामली विधान से पहली बार तेजेंद्र निर्वाल के विधायक चुने जाने के बाद मंडी स्थल पर भाजपा कार्यकर्त्ताओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
शामली विधानसभा सीट पर भाजपा का पहली बार कमल खिलने के बाद विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने आरओ से प्रमाण लेकर जुलूस के रूप में पैदल निकल पड़े। दूूूसरी बार थानाभवन विधायक चुने गए सुरेश राणा की जबरदस्त जीत पर भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने उन्हें अबीर गुलाल लगाकर विधायक के साथ होली खेली। कृष्णा गार्डन में भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने होली का जश्न मनाया। जिला प्रशासन भी भाजपा कार्यकर्त्ताओं के आगे बेबस नजर आया।
उधर, सपा विधायक नाहिद हसन का विजयी जुलूस निकलने से शहर में माजरा, टंकी रोड एमएसके रोड, धीमानपुरा, हनुमान रोड, वीवीइंटर कालेज रोड जाम रहा। शहर में जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गढ़ीपुख्ता कस्बे में थानाभवन विधानसभा से दूसरी बार विधायक चुने गए सुरेश राणा का विजय जुलूस निकाला और होली खेली।