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बेटी बोली, बदमाशों को मिले मौत की सजा
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:12 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। उपनिरीक्षक सहजोर मलिक का शनिवार की सुबह बिजनौर से लिसाढ़ गांव में शव पहुंचते ही चीखपुकार मच गई। मलिक की हत्या से गांव में गम और गुस्से का माहौल है।
बेटे की मौत पर पिता फफक पड़े। बोले कि जालिमों ने मेरा बेटा मार दिया। मेरे बेटे का जो हाल हुआ, वैसा ही बदमाशों का होना चाहिए। सरकार और पुलिस प्रशासन को बदमाशों को सबक सिखाना चाहिए।
रुंधे गले से मलिक की बेटी प्राची ने कहा कि बदमाशों को मौत की सजा मिलनी चाहिए। दरोगा की पत्नी संगीता, बेटी प्राची व प्रीति तथा बेटे वंश मलिक का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार तथा गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे थे। मलिक के पिता दरयाव सिंह का कहना है कि बदमाशों ने बहुत बुरा किया। मेरे बेटे के साथ जो हुआ, वैसा ही हश्र बदमाशों का होना चाहिए। वहीं, बेटी प्राची का कहना था कि बदमाशों को मौत की सजा मिलनी चाहिए, तभी हमें सच्चा इंसाफ मिलेगा।
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बेटी से फोन पर हुई थी बात
शुक्रवार को हत्या से चंद घंटे पहले ही उपनिरीक्षक मलिक ने अपनी पत्नी और बेटी से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी। बेटी से स्कूल खुलने और पढ़ाई के बारे में पूछा था।
साथ ही कहा था कि एक दो दिन में छुट्टी मिलते ही घर आऊंगा, लेकिन पत्नी और बच्चों को मालूम नहीं था कि मलिक से उनकी आखिरी बार बातचीत हो रही है। बेटी प्राची ने बताया कि देर रात उन्हें सूचना दी गई कि उनके पिता की हादसे में मौत हो गई है।
बेसुध रहा मासूम वंश
मासूमियत भरे चेहरे से वंश मलिक अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दे रहा था। इस दौरान वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें भर आईं। क्योंकि खेलने कूदने की उम्र में ही वंश के सिर से पिता का साया छिन चुका था।
बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे
उपनिरीक्षक सहजोर मलिक की मौत से उनकी बेटियों और बेटे के सपने भी टूट गए। बेटी प्राची नौवीं कक्षा में पढ़ती है। उसको पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे। कहते थे कि बेटा खूब मन लगाकर पढ़ाई करो, तुम्हें डाक्टर बनाऊंगा। पिता की मौत पर प्राची फूट फूटकर रोती रही।
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बेटे की मौत पर पिता फफक पड़े। बोले कि जालिमों ने मेरा बेटा मार दिया। मेरे बेटे का जो हाल हुआ, वैसा ही बदमाशों का होना चाहिए। सरकार और पुलिस प्रशासन को बदमाशों को सबक सिखाना चाहिए।
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रुंधे गले से मलिक की बेटी प्राची ने कहा कि बदमाशों को मौत की सजा मिलनी चाहिए। दरोगा की पत्नी संगीता, बेटी प्राची व प्रीति तथा बेटे वंश मलिक का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार तथा गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे थे। मलिक के पिता दरयाव सिंह का कहना है कि बदमाशों ने बहुत बुरा किया। मेरे बेटे के साथ जो हुआ, वैसा ही हश्र बदमाशों का होना चाहिए। वहीं, बेटी प्राची का कहना था कि बदमाशों को मौत की सजा मिलनी चाहिए, तभी हमें सच्चा इंसाफ मिलेगा।
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बेटी से फोन पर हुई थी बात
शुक्रवार को हत्या से चंद घंटे पहले ही उपनिरीक्षक मलिक ने अपनी पत्नी और बेटी से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी। बेटी से स्कूल खुलने और पढ़ाई के बारे में पूछा था।
साथ ही कहा था कि एक दो दिन में छुट्टी मिलते ही घर आऊंगा, लेकिन पत्नी और बच्चों को मालूम नहीं था कि मलिक से उनकी आखिरी बार बातचीत हो रही है। बेटी प्राची ने बताया कि देर रात उन्हें सूचना दी गई कि उनके पिता की हादसे में मौत हो गई है।
बेसुध रहा मासूम वंश
मासूमियत भरे चेहरे से वंश मलिक अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दे रहा था। इस दौरान वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें भर आईं। क्योंकि खेलने कूदने की उम्र में ही वंश के सिर से पिता का साया छिन चुका था।
बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे
उपनिरीक्षक सहजोर मलिक की मौत से उनकी बेटियों और बेटे के सपने भी टूट गए। बेटी प्राची नौवीं कक्षा में पढ़ती है। उसको पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे। कहते थे कि बेटा खूब मन लगाकर पढ़ाई करो, तुम्हें डाक्टर बनाऊंगा। पिता की मौत पर प्राची फूट फूटकर रोती रही।