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विवादों से पुराना नाता रहा है बीईओ का

Thu, 12 Nov 2020 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Nov 2020 12:48 AM IST
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BEO has had an old relationship with controversies
विवादों से पुराना नाता रहा है बीईओ का
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शामली। खंड शिक्षा अधिकारी राजलक्ष्मी पांडेय करीब दो साल से कैैराना में तैैनात हैं। इससे पहले भी जिलों में तैनाती में उनका विवादों से पुराना नाता रहा है। उनकी बागपत और गाजियाबाद में तैनाती रही है। विभागीय कार्यों में मनमानी को लेकर वह विभाग में हमेशा चर्चाओं में रहती थीं। वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी उन्होंने शिकायत कर दी थी।
कैराना बीईओ राजलक्ष्मी पांडेय की कार्यशैली मनमानी वाली रही है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा बताए गए कार्यों को भी टाल जाती थीं। फिर वरिष्ठ अधिकारियों को दूसरे अधिकारियों से वह काम कराना पड़ता था। सूत्रों का कहना है कि पूर्व के जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों के खिलाफ शिकायत कर दी थी, जिसमें जांच और कार्रवाई तक हुई थी। राजलक्ष्मी पांडेय मूल रूप से बलिया के छपरा गांव की रहने वाली हैं। वे एक वरिष्ठ नेता के परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इसी के चलते वह विभागीय कार्यों को लेकर मनमानी कर जाती थीं। वह अपने पति बीबी पांडेय के साथ गाजियाबाद की वसुंधरा कॉलोनी में रहती हैं। उनके पति एकाउंट ऑफिसर बताए गए हैं।
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नोट गिनते ही टीम ने दबोच लिया
शामली। शिकायतकर्ता सत्यपाल ने नौ नवंबर को सतर्कता अधिष्ठान मेरठ के एसपी से शिकायत की थी। उसने उन्हें बीईओ के रिश्वत मांगने की फोन पर हुई बात की रिकार्डिंग भी उपलब्ध कराई थी। दस नवंबर को बीईओ को ट्रैप करने की योजना तैयार की गई और 11 नवंबर को सुबह ही टीम शामली पहुंच गई। जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करने के बाद डीआईओएस सरदार सिंह एवं तहसील के पेशकार पदम सिंह को गवाह के रूप में साथ लिया। सुबह साढ़े सात बजे मेरठ रोड स्थित बैंक्वेट हॉल में पूरी योजना तैयार की। इसके बाद टीम काका नगर में बीईओ के आवास पर पहुंची। टीम के सदस्य बाहर रुक गए और सत्यपाल को केमिकल लगे नोट लेकर अंदर भेजा गया। सत्यपाल को देखकर बीईओ ने कहा कि वह उसका ही इंतजार कर रही थी। शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये लेकर जैसे ही खंड शिक्षा अधिकारी गिन रही थीं, तभी टीम में शामिल महिला निरीक्षक ने उसे दबोच लिया।
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हड़बड़ाए रहे शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी
शामली। खंड शिक्षा अधिकारी के रिश्वत लेते गिरफ्तार होने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी हड़बड़ाए रहे। बीएसए गीता वर्मा से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका। विभाग के अन्य कर्मचारियों ने भी बीईओ के मामले में चुप्पी साधे रखी
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