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Shamli News: बैंक मित्र पर लगाया फर्जी रसीद देने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
थानाभवन। कृषि कार्ड पर लिया ऋण महिला ने बैंक मित्र के माध्यम से पूरा जमा किया, लेकिन उसके बाद भी महिला पर 35 हजार का बकाया निकल रहा है। आरोप है कि बैंक मित्र ने जमा रसीद तो पूरे ऋण की दी, लेकिन जब खाता चेक किया तो 35 हजार रुपये कम निकले। पीड़ित महिला ने पीएमओ पोर्टल के साथ ही थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
भनेड़ा उद्दा निवासी मोनू खान ने बताया की उसकी मां ने जलालाबाद पीएनबी बैंक से केसीसी का ऋण लिया हुआ था। वह गरीब हैं और मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण बैंक का ऋण नहीं दे पाए। इस कारण उन्होंने अपनी जमीन गांव के ही व्यक्ति को बेच दी थी। आरोप है कि इस व्यक्ति ने जमीन का बैनामा करते समय उन्हें बैंक का ऋण जमा करने का झांसा दिया, लेकिन जमा नहीं किया। समय बीतने के साथ बैंक ने उन्हें बैंक ऋण जमा करने के लिए नोटिस भेज दिया। नोटिस मिलते ही महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद उन्होंने गांव की पंचायत बुलाई, जिसमें आरोपी ने रुपये देना स्वीकार किया, लेकिन बाद में बैंक मित्र, बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से 95 हजार की जमा पर्ची उन्हें दे दी। इस संबंध में जब बैंक से स्टेटमेंट निकलवाई तो उसमें मात्र 60 हजार ही क्रेडिट दिखाया। महिला व उसके पुत्र ने अपने साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया। इस संबंध में एक लिखित शिकायती पत्र लिखते हुए पीएमओ कार्यालय, एलडीएम, मुख्यमंत्री पोर्टल पर भेजकर न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही थाने में तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की।
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थानाभवन। कृषि कार्ड पर लिया ऋण महिला ने बैंक मित्र के माध्यम से पूरा जमा किया, लेकिन उसके बाद भी महिला पर 35 हजार का बकाया निकल रहा है। आरोप है कि बैंक मित्र ने जमा रसीद तो पूरे ऋण की दी, लेकिन जब खाता चेक किया तो 35 हजार रुपये कम निकले। पीड़ित महिला ने पीएमओ पोर्टल के साथ ही थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
भनेड़ा उद्दा निवासी मोनू खान ने बताया की उसकी मां ने जलालाबाद पीएनबी बैंक से केसीसी का ऋण लिया हुआ था। वह गरीब हैं और मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण बैंक का ऋण नहीं दे पाए। इस कारण उन्होंने अपनी जमीन गांव के ही व्यक्ति को बेच दी थी। आरोप है कि इस व्यक्ति ने जमीन का बैनामा करते समय उन्हें बैंक का ऋण जमा करने का झांसा दिया, लेकिन जमा नहीं किया। समय बीतने के साथ बैंक ने उन्हें बैंक ऋण जमा करने के लिए नोटिस भेज दिया। नोटिस मिलते ही महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद उन्होंने गांव की पंचायत बुलाई, जिसमें आरोपी ने रुपये देना स्वीकार किया, लेकिन बाद में बैंक मित्र, बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से 95 हजार की जमा पर्ची उन्हें दे दी। इस संबंध में जब बैंक से स्टेटमेंट निकलवाई तो उसमें मात्र 60 हजार ही क्रेडिट दिखाया। महिला व उसके पुत्र ने अपने साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया। इस संबंध में एक लिखित शिकायती पत्र लिखते हुए पीएमओ कार्यालय, एलडीएम, मुख्यमंत्री पोर्टल पर भेजकर न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही थाने में तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की।
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