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दिल्ली-देहरादून इक्नॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध

Thu, 05 May 2022 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:21 PM IST
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Anger flared up among farmers on warning of arrest
शामली क्षेत्र के गांव लाडो माजरी में एसडीएम से वार्ता किसान। - फोटो : SHAMLI
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की भूमि अधिग्रहण को लेकर बाबरी क्षेत्र के लाडो माजरी गांव में बृहस्पतिवार को किसानों ने एनएचएआई, निर्माण एजेंसी और जिला प्रशासन के अफसरों का विरोध किया। गिरफ्तारी की चेतावनी पर किसानों का आक्रोश भड़क गया। बाद में किसानों और एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह के बीच लंबी वार्ता में तय हुआ कि किसानों की समस्या समाधान के लिए टीम गांवों में जाएगी।
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दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण के लिए एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह, एनएचएआई और निर्माण एजेंसी के अफसर पुलिस फोर्स और जेसीबी के साथ बाबरी क्षेत्र के लाडो माजरी गांव के जंगल में पहुंचे। यहां भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की शुरू की तो सूचना पर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह और सचिव विदेश मलिक के साथ किसान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण का विरोध किया। किसानों के विरोध के चलते एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह ने कड़े तेवर अपनाते हुए संघर्ष समिति के नेताओं को गिरफ्तारी की चेतावनी दे डाली। जिस पर मौके पर मौजूद सभी किसान भी गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। किसानों और एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
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किसानों के कड़े तेवर देखते हुए एसडीएम नरम हुए। बाद में एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह और किसानों के बीच मौके पर वार्ता हुई। जिसमें किसानों की सभी समस्याओं के समाधान न होने तक कब्जा न देने पर सहमति हुई। दो घंटे तक चली वार्ता में यह निर्णय हुआ कि नायब तहसीलदार प्रशांत कुमार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक लेखपाल की टीम गांव में जाएगी। किसानों की समस्या समाधान के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने ट्यूबवेल और पेड़ों का दोबारा मूल्यांकन व खड़ी फसल का मुआवजा और धारा 31 के तहत पुनर्वास और पुर्नस्थापना के लिए मिलने वाले अवार्ड समेत अन्य समस्याएं रखी। किसानों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि अगर तीन दिन में समाधान नहीं होता है तो उसके बाद खेतों पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर हाजी तुफैल राव, इकबाल, विजेंद्र सिंह, ठाकुर चंद्रपाल सिंह, सुरेश राणा, योगेंद्र प्रधान, प्रमोद कुमार, सतपाल व अन्य सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
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नायब तहसीलदार प्रशांत कुमार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक, लेखपालों की टीम गांवों में जाकर सर्वे करेगी। किसानों के नलकूप, पेड़ आदि का दोबारा सर्वे रिपोर्ट तैयार करके दो दिन में रिपोर्ट उन्हें सौपेंगी। बाद में किसानों की समस्याओं को समाधान के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी- एसडीएम सदर, बृजेश कुमार सिंह।
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