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Shamli News: ठगी के बाद एक घंटे की जंग, जल्दी शिकायत से रकम बचने की उम्मीद
Sun, 18 Oct 2026 10:19 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 18 Oct 2026 10:19 PM IST
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शामली। साइबर ठगी होने के बाद शुरुआती समय बेहद अहम होता है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, ठगी की रकम को दूसरे खातों में जाने से रोकने की उम्मीद उतनी ही बढ़ सकती है। देरी होने पर साइबर अपराधी रकम को कई खातों में स्थानांतरित कर सकते हैं, जिससे उसकी बरामदगी मुश्किल हो जाती है।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से ठगी का पता चलते ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की है। ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और संबंधित बैंक को सूचना दें। पीड़ित cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
एक खाते से दूसरे में पहुंचाते हैं रकम
एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी ठगी की रकम को तेजी से दूसरे बैंक खातों में स्थानांतरित करते हैं। ऐसे में पीड़ित को ट्रांजेक्शन आईडी, बैंक से आए संदेश, संदिग्ध मोबाइल नंबर और स्क्रीनशॉट जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। एसपी ने अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने और किसी से ओटीपी, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा नहीं करने की सलाह दी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन साझा करना भी जोखिम भरा हो सकता है।
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एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से ठगी का पता चलते ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की है। ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और संबंधित बैंक को सूचना दें। पीड़ित cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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एक खाते से दूसरे में पहुंचाते हैं रकम
एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी ठगी की रकम को तेजी से दूसरे बैंक खातों में स्थानांतरित करते हैं। ऐसे में पीड़ित को ट्रांजेक्शन आईडी, बैंक से आए संदेश, संदिग्ध मोबाइल नंबर और स्क्रीनशॉट जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। एसपी ने अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने और किसी से ओटीपी, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा नहीं करने की सलाह दी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन साझा करना भी जोखिम भरा हो सकता है।
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