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अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:46 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थानाभवन। गांव आबादगढ़ में शरारती तत्वों ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी, जिससे दलित समाज में रोष व्याप्त हो गया। गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और नई प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया। शाम को खंडित प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा लगवा दी गई। इसके बाद मामला शांत हो गया।
थानाभवन देहात मसावी ग्राम पंचायत के मजरा आबादगढ़ में दक्षिणी छोर पर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगी है। शनिवार रात शरारती तत्वों ने प्रतिमा का हाथ तोड़ दिया। रविवार सुबह करीब नौ बजे दलित समाज के लोगों को घटना पता चला, जिसके बाद सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
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प्रतिमा तोड़ने वालों की गिरफ्तारी की मांग, नई प्रतिमा स्थापित कराने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग को लेकर हंगामा प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा, एसडीएम सदर सुरजीत सिंह, सीओ शामली अशोक कुमार सिंह, सीओ थानाभवन राजेश कुमार और तिवारी सहित कई थानों की पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने धरना देकर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उनकी मांग थी कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों को शीघ्र गिरफ्तार कराया जाए, नई प्रतिमा स्थापित कराई जाए और उसकी सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएं। इसको लेकर कई घंटे तक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता चलती रही।
बाद में अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया। जिसमें मांग रखी कि नई प्रतिमा लगवाई जाए, प्रतिमास्थल की चारदीवारी कराई जाए, प्रतिमा के ऊपर छत का निर्माण कराएं, प्रतिमा की सुरक्षा के लिए दो कांस्टेबल तैनात किए जाएं। अधिकारियों ने नई प्रतिमा मंगाकर स्थापित कराने और सुरक्षा के इंतजाम करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे मामला शांत हुआ। इस दौरान चुन्नी लाल, नितिन कुमार, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष नीटू गौतम, बसपा नेता वेदपाल गहलौत, रामकुमार प्रधान, हरवीर सिंह, हरपाल कश्यप, राजेंद्र उपाध्याय, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद गौतम, विक्रांत बर्मन, तनवीर अहमद, अनुज गौतम, नितिन कुमार, धनप्रकाश, सुशील तिलक, सेवाराम आदि मौजूद रहे।
वहीं, इसके अलावा इस मामले के बारे में पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने की दो माह में दूसरी घटना है। ऐसी घटना करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जबकि आरोपियों को गिरफ्तार कर रासुका के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। बाबा साहब की प्रतिमा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाए तथा जल्दी ही बैठक करके आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
कई थानों की फोर्स घटनास्थल पर पहुंची
गांव आबादगढ़ में डाक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने से दलितों में आक्रोश इस कदर था कि वह डंडे लेकर हंगामा करने लगे। महिलाओं के हाथ में भी डंडे थे। इससे पुलिस प्रशासन के हाथ पांव भी फूले रहे।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से ही अधिकारियों ने थानाभवन, गढ़ीपुख्ता, आदर्श मंडी, झिंझाना, शामली सहित कई थानों की फोर्स के अलावा वज्र वाहन और फायर ब्रिगेड की टीम भी बुला ली गई थी।
दो माह पूर्व रसीदगढ़ में हुई थी घटना
थानाभवन क्षेत्र में ही गांव रसीदगढ़ में दो माह पूर्व भी शरारती तत्वों ने डाक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी थी। उसको लेकर भी दलित समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। हंगामा प्रदर्शन होने के बाद प्रशासन ने नई प्रतिमा मंगाकर स्थापित कराई थी।
उस मामले में भी प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। आबादगढ़ में प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने पर लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश था कि रसीदगढ़ की घटना के आरोपियों अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और नई प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया। शाम को खंडित प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा लगवा दी गई। इसके बाद मामला शांत हो गया।
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थानाभवन देहात मसावी ग्राम पंचायत के मजरा आबादगढ़ में दक्षिणी छोर पर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगी है। शनिवार रात शरारती तत्वों ने प्रतिमा का हाथ तोड़ दिया। रविवार सुबह करीब नौ बजे दलित समाज के लोगों को घटना पता चला, जिसके बाद सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
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प्रतिमा तोड़ने वालों की गिरफ्तारी की मांग, नई प्रतिमा स्थापित कराने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग को लेकर हंगामा प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा, एसडीएम सदर सुरजीत सिंह, सीओ शामली अशोक कुमार सिंह, सीओ थानाभवन राजेश कुमार और तिवारी सहित कई थानों की पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने धरना देकर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उनकी मांग थी कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों को शीघ्र गिरफ्तार कराया जाए, नई प्रतिमा स्थापित कराई जाए और उसकी सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएं। इसको लेकर कई घंटे तक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता चलती रही।
बाद में अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया। जिसमें मांग रखी कि नई प्रतिमा लगवाई जाए, प्रतिमास्थल की चारदीवारी कराई जाए, प्रतिमा के ऊपर छत का निर्माण कराएं, प्रतिमा की सुरक्षा के लिए दो कांस्टेबल तैनात किए जाएं। अधिकारियों ने नई प्रतिमा मंगाकर स्थापित कराने और सुरक्षा के इंतजाम करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे मामला शांत हुआ। इस दौरान चुन्नी लाल, नितिन कुमार, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष नीटू गौतम, बसपा नेता वेदपाल गहलौत, रामकुमार प्रधान, हरवीर सिंह, हरपाल कश्यप, राजेंद्र उपाध्याय, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद गौतम, विक्रांत बर्मन, तनवीर अहमद, अनुज गौतम, नितिन कुमार, धनप्रकाश, सुशील तिलक, सेवाराम आदि मौजूद रहे।
वहीं, इसके अलावा इस मामले के बारे में पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने की दो माह में दूसरी घटना है। ऐसी घटना करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जबकि आरोपियों को गिरफ्तार कर रासुका के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। बाबा साहब की प्रतिमा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाए तथा जल्दी ही बैठक करके आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
कई थानों की फोर्स घटनास्थल पर पहुंची
गांव आबादगढ़ में डाक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने से दलितों में आक्रोश इस कदर था कि वह डंडे लेकर हंगामा करने लगे। महिलाओं के हाथ में भी डंडे थे। इससे पुलिस प्रशासन के हाथ पांव भी फूले रहे।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से ही अधिकारियों ने थानाभवन, गढ़ीपुख्ता, आदर्श मंडी, झिंझाना, शामली सहित कई थानों की फोर्स के अलावा वज्र वाहन और फायर ब्रिगेड की टीम भी बुला ली गई थी।
दो माह पूर्व रसीदगढ़ में हुई थी घटना
थानाभवन क्षेत्र में ही गांव रसीदगढ़ में दो माह पूर्व भी शरारती तत्वों ने डाक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी थी। उसको लेकर भी दलित समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। हंगामा प्रदर्शन होने के बाद प्रशासन ने नई प्रतिमा मंगाकर स्थापित कराई थी।
उस मामले में भी प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। आबादगढ़ में प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने पर लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश था कि रसीदगढ़ की घटना के आरोपियों अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।