दीनी के साथ दुनियावी तालीम भी करें हासिल
कांधला। गांव गढ़ी दौलत के मदरसा जामिया बदरूल उलूम में सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में तलबाओं की दस्तार बंदी की गई है।
शनिवार को आयोजित जलसे को खिताब करते हुए जमीयत-उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने फरमाया कि अल्लाह ने इंसान को अशराफुल मखलूक बनाया है। जो इंसान सच्चा, ईमानदार और बेईमानी नहीं करने वाला होगा, अल्लाह उस इंसान को दुनिया और आखिरत दोनों जगहों पर इज्जत से नवाजेगा। उन्होंने लोगों से दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करने की अपील की। जमीयत-उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव हजरत मौलाना महमूद मदनी ने फरमाया कि आज का युवा वर्ग नशे की लत में पड़ चुका है। हम लोगों को अपने-अपने गांवों में कमेटी बनाकर नशे की लत में पड़ रहे युवाओं को सही रास्ते पर लाना होगा, अगर गांव नशा मुक्त हो गए तो नस्लें संवर जाएंगी। उन्होंने जलसे में मौजूद मुस्लिम समाज के लोगों से दहेज लेने और देने पर पाबंदी लगाने का आह्वान किया। जलसे में 13 हाफिज और 27 मौलानाओं की दस्तार बंदी की गई। 27 मौलानाओं को बुखारी शरीफ का आखिरी सबक देकर मौलाना की उपाधि दी गई। जलसे की निजातम मदरसा प्रबंधक हजरत मौलाना आकिल साहब व सदारत हजरत मौलाना महमूद मदनी के द्वारा की गई। जलसे में हजरत मौलाना मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने देश में अमनो-अमान की दुआ कराई। जलसे में मौलाना इस्राईल, मौलाना अतहर, मौलाना जहूर, मौलाना तैय्यब, मौलाना ताहिर, मौलाना अरशद, मौलाना तहसीन, हाफिज दिलशाद, मास्टर शाह आलम, मौलाना इलियास, मौलाना कौसर, मौलाना मजहर हुदा, मौलाना कय्यूम आदि मौजूद रहे।

कांधला क्षेत्र के गांव गढी दौलत में आयोजित जलसे भाग लेते मुस्लिम समाज के लोग- फोटो : SHAMLI