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एक सप्ताह बाद भी मंत्री के फर्जी पीएसओ को नहीं तलाश पाई पुलिस
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एक सप्ताह बीता, मंत्री के फर्जी पीएसओ को नहीं तलाश पाई पुलिस
शामली। स्टांप एवं पंजीयन मंत्री का फर्जी पीएसओ बनकर डीआईजी स्टांप को हवाई टिकट बुक कराने की बात कहने वाले आरोपी को पुलिस एक सप्ताह बाद भी तलाश नहीं कर पाई है।
मुरादाबाद मंडल के उपनिरीक्षक निबंधन यादराम ने एक सप्ताह पहले 26 जुलाई को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 जुलाई की रात को डीएम शामली के कैंप कार्यालय से सूचना दी गई थी कि स्टांप एवं पंजीयन मंत्री उप्र शासन के यहां से कहा गया कि एआईजी शामली दिए गए नंबर पर बात कर ले।
उन्होंने अवगत कराया कि उनका स्थानांतरण सहारनपुर से मुरादाबाद उपमहानिरीक्षक निबंधन के पद पर होने के कारण एआइजी शामली का चार्ज छोड़ दिया है। इसके बाद फिर उन्हें कैंप कार्यालय से बात करने को कहा गया। बताए गए नंबर पर बात की तो उधर से बताया कि वे मंत्री के पीएसओ बोल रहे हैं।
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मंत्री के दो गेस्ट का दिल्ली से लखनऊ का हवाई टिकट कराना है। संदेह होने पर उन्होंने इसकी पुष्टि की गई तो पता चला कि मंत्री के यहां इस नंबर का कोई स्टाफ नहीं है। 26 जुलाई को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप मेें अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस एक सप्ताह बाद भी आरोपी को तलाश नहीं कर पाई है। सीओ सिटी प्रदीप सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच चल रही है।
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शामली। स्टांप एवं पंजीयन मंत्री का फर्जी पीएसओ बनकर डीआईजी स्टांप को हवाई टिकट बुक कराने की बात कहने वाले आरोपी को पुलिस एक सप्ताह बाद भी तलाश नहीं कर पाई है।
मुरादाबाद मंडल के उपनिरीक्षक निबंधन यादराम ने एक सप्ताह पहले 26 जुलाई को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 जुलाई की रात को डीएम शामली के कैंप कार्यालय से सूचना दी गई थी कि स्टांप एवं पंजीयन मंत्री उप्र शासन के यहां से कहा गया कि एआईजी शामली दिए गए नंबर पर बात कर ले।
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उन्होंने अवगत कराया कि उनका स्थानांतरण सहारनपुर से मुरादाबाद उपमहानिरीक्षक निबंधन के पद पर होने के कारण एआइजी शामली का चार्ज छोड़ दिया है। इसके बाद फिर उन्हें कैंप कार्यालय से बात करने को कहा गया। बताए गए नंबर पर बात की तो उधर से बताया कि वे मंत्री के पीएसओ बोल रहे हैं।
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मंत्री के दो गेस्ट का दिल्ली से लखनऊ का हवाई टिकट कराना है। संदेह होने पर उन्होंने इसकी पुष्टि की गई तो पता चला कि मंत्री के यहां इस नंबर का कोई स्टाफ नहीं है। 26 जुलाई को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप मेें अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस एक सप्ताह बाद भी आरोपी को तलाश नहीं कर पाई है। सीओ सिटी प्रदीप सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच चल रही है।