बड़ा खुलासा: पकड़े गए आरोपी ने उगला पूरा सच, चल रहा था व्हाट्सएप लोकेशन का खेल, अमर उजाला ने किया था पर्दाफाश
Shamli News : व्हाट्सएप लोकेशन के खेल में फिर से बड़ा खुलासा खुलासा है। गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पूरा सच उगल दिया है। सबसे पहले अमर उजाला ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया था।
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यूपी के शामली में आरटीओ व अन्य अधिकारियों की लोकेशन ट्रक चालकों व स्वामियों को शेयर करने वाला नया व्हाट्सएप ग्रुप झिंझाना में पकड़े जाने के बाद जिले में इस तरह के अन्य व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर चलाए जाने की संभावना बन गई है।
झिंझाना में सोमवार को पकड़े गए व्हाट्सएप ग्रुप के शामली व आसपास के जिलों के अधिकारियों की लोकेशन शेयर कर ओवरलोड वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराते थे या फिर सुरक्षित रास्ते से ट्रकों को निकलवाने में मदद करते थे। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
सोमवार को थाना झिंझाना पुलिस ने दो आरोपी संदीप और मकसूर निवासी गांव केरटू को गिरफ्तार कर एक और करण भाई के नाम से बनाए गए नए व्हाट्सएप ग्रुप का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एडमिन संदीप समेत 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि व्हाट्सएप ग्रुप पर वॉयस मैसेज भेजकर शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर आदि जिलों के अधिकारियों की लोकेशन शेयर कर ओवरलोड ट्रकों को शामली क्षेत्र और आसपास के अन्य जिलों के क्षेत्र में लाए जाने वाले ओवरलोड ट्रकों को सुरक्षित निकलवाने में मदद करते थे, अगर कोई अधिकारी सड़क पर चेकिंग के लिए हो तो उस सड़क पर ओवरलोड ट्रकों को पहले ही कहीं सुरक्षित खड़ा कराते थे या फिर उन्हें दूसरे सुरक्षित मार्ग से निकलवाने में ट्रक चालकों व मालिकों की मदद कराते थे।
इसके बदले ये ट्रक मालिकों और चालकों से फोन पे के माध्यम से दो हजार रुपये तक का भुगतान लेते थे। पूछताछ में बिड़ौली निवासी तारिक का भी नाम सामने आया जो आरटीओ की लोकेशन की जानकारी ग्रुप एडमिन को देता था। जिले में इस तरह के दो व्हाट्सएप ग्रुप सामने आने पर इस तरह के कई अन्य व्हाट्सएप ग्रुप भी चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है। एसपी अभिषेक का कहना है कि इस प्रकरण की गंभीरता से जांच चल रही है। जो आरोपी फरार है, उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
संदीप व मकसूर एक ही मोबाइल करते थे इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए संदीप ने पूछताछ में बताया कि करण भाई के नाम से बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल एक ही मोबाइल फोन से करते थे। पकड़ा गया मकसूर व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा हुआ नहीं है, लेकिन वे दोनों एक ही मोबाइल को बारी-बारी से समयानुसार इस्तेमाल करते थे।
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छह अगस्त को किया था खुलासा
अमर उजाला ने छह अगस्त को व्हाट्सएप ग्रुप पर अधिकारियों की लोकेशन ट्रक चालकों व मालिकों को शेयर करने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर पर एसपी ने संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच कराई थी। जांच के दौरान सबका साथ सबका विकास नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पकड़ा गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी वसीम निवासी गांव टिटौली को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में कैराना थाने पर वसीम समेत ग्रुप से जुड़े अन्य 91 ट्रक चालकों व मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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