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पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंकित को प्रथम स्थान
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:25 AM IST
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शामली। दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है। यदि इंसान चाहे तो हर मुश्किल को आसान कर सकता है। बशर्ते उसके अंदर कुछ कर गुजरने की कुव्वत हो। ऐसी ही मिसाल पेश की है शामली के गांव काबड़ौत निवासी अंकित कुमार कश्यप ने। दाहिना हाथ (कंधे तक) कटा होने के बावजूद अंकित ने पैरा एथलीट बनने के लिए चार साल कड़ी मेहनत की। बृहस्पतिवार को ही लखनऊ में आयोजित तीसरी यूपी स्टेट पैरा स्पोर्ट्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंकित ने 5000 मीटर की दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने परिवार के साथ ही क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
प्रतियोगिता जीतने के बाद शामली लौटने पर उसके परिवार में खुशी का माहौल है। 21 वर्षीय अंकित ने बताया कि उसके पिता जगवीर सिंह किसान है। बृहस्पतिवार को लखनऊ में बिजनौर बंथरा रोड पर आजाद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन और लखनऊ डिस्ट्रिक्ट पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की तरफ से दिव्यांगों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। इसमें 5000 मीटर की दौड़ में उसे प्रथम स्थान मिला। विजेता चुने जाने पर यूपी पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के चेयरमैन कविंद्र चौधरी और महासचिव राजकुमार, जिला पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के चेयरमैन सिराज इकबाल और महासचिव हम्माद नागरामी ने प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया।
कोल्हू पर मजदूरी करते समय कट गया था हाथ
अंकित ने बताया कि चार साल पूर्व जब वह कोल्हू पर मजदूरी करने गया था, तभी हादसे में उसका दाहिनी हाथ कंधे से कट गया था। काफी समय तक उसका उपचार चला। इसके बाद मन में मायूसी भी रहती थी, लेकिन हौसला नहीं टूटा और पैरा एथलीट बनने के लिए तैयारी शुरू कर दी। गांव के संपर्क मार्ग पर दौड़ लगाकर अभ्यास करता रहा। एक साल पूर्व ही गाजियाबाद में हुई यूपी स्टेट पैरा स्पोर्ट्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5000 मीटर की दौड़ में उसे द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था। इसके अलावा वह एक बार मैराथन में भी प्रतिभाग कर चुका है।
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प्रतियोगिता जीतने के बाद शामली लौटने पर उसके परिवार में खुशी का माहौल है। 21 वर्षीय अंकित ने बताया कि उसके पिता जगवीर सिंह किसान है। बृहस्पतिवार को लखनऊ में बिजनौर बंथरा रोड पर आजाद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन और लखनऊ डिस्ट्रिक्ट पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की तरफ से दिव्यांगों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। इसमें 5000 मीटर की दौड़ में उसे प्रथम स्थान मिला। विजेता चुने जाने पर यूपी पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के चेयरमैन कविंद्र चौधरी और महासचिव राजकुमार, जिला पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के चेयरमैन सिराज इकबाल और महासचिव हम्माद नागरामी ने प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया।
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कोल्हू पर मजदूरी करते समय कट गया था हाथ
अंकित ने बताया कि चार साल पूर्व जब वह कोल्हू पर मजदूरी करने गया था, तभी हादसे में उसका दाहिनी हाथ कंधे से कट गया था। काफी समय तक उसका उपचार चला। इसके बाद मन में मायूसी भी रहती थी, लेकिन हौसला नहीं टूटा और पैरा एथलीट बनने के लिए तैयारी शुरू कर दी। गांव के संपर्क मार्ग पर दौड़ लगाकर अभ्यास करता रहा। एक साल पूर्व ही गाजियाबाद में हुई यूपी स्टेट पैरा स्पोर्ट्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5000 मीटर की दौड़ में उसे द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था। इसके अलावा वह एक बार मैराथन में भी प्रतिभाग कर चुका है।
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