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मामौर झील में जहरीले केमिकल से मरीं हजारों मछलियां
Updated Thu, 08 Mar 2018 11:45 PM IST
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मामौर झील में जहरीले पानी से मछलियां मरीं
कैराना(शामली)। मामौर झील में विषैला पानी पहुंचने के कारण बड़ी संख्या में मछलियां मर गईं। आरोप है कि कैराना से बड़े नाले में से गए पानी की वजह से ऐसा हुआ। मत्स्य समिति की शिकायत पर विभाग के सीओ ने मौका मुआयना कर मछलियों के बचाव के उपाय बताए।
बृहस्पतिवार को मामौर झील में मत्स्य पालन में अचानक सैकड़ों मछलियां मरी हुई देखकर मत्स्य समिति के सदस्यों में हड़कंप मच गया। मत्स्य पालन समिति के सदस्य ओम सिंह ने मामले की जानकारी ठेकेदार राजकुमार को दी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इसके बाद मत्स्य विभाग के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर शिव कुमार मामौर झील पर पहुंचे और मत्स्य पालक तथा ठेकेदार से जानकारी प्राप्त करते हुए मौका-मुआयना किया। मत्स्य समिति के ठेकेदार राजकुमार और सदस्य ओम सिंह ने आरोप लगाया कि कैराना शहर से निकलने वाला गंदा पानी नाले के जरिये मामौर झील में आता है। उन्हें आशंका है कि उसी पानी में विषैलापन होने की वजह से मछलियां मर गई। ठेकेदार राजकुमार ने बताया कि मछलियां मरने की वजह से करीब साढे़ तीन लाख रुपये का नुकसान अब तक हो चुका है। पिछले पांच दिनों में मछलियों के लिए राहत और मरी हुई मछलियों को पालन से बाहर निकलवाने में करीब पौने दो लाख रुपये खर्च हो गए हैं। मत्स्य अधिकारी ने मामले की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया है।
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कैराना(शामली)। मामौर झील में विषैला पानी पहुंचने के कारण बड़ी संख्या में मछलियां मर गईं। आरोप है कि कैराना से बड़े नाले में से गए पानी की वजह से ऐसा हुआ। मत्स्य समिति की शिकायत पर विभाग के सीओ ने मौका मुआयना कर मछलियों के बचाव के उपाय बताए।
बृहस्पतिवार को मामौर झील में मत्स्य पालन में अचानक सैकड़ों मछलियां मरी हुई देखकर मत्स्य समिति के सदस्यों में हड़कंप मच गया। मत्स्य पालन समिति के सदस्य ओम सिंह ने मामले की जानकारी ठेकेदार राजकुमार को दी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इसके बाद मत्स्य विभाग के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर शिव कुमार मामौर झील पर पहुंचे और मत्स्य पालक तथा ठेकेदार से जानकारी प्राप्त करते हुए मौका-मुआयना किया। मत्स्य समिति के ठेकेदार राजकुमार और सदस्य ओम सिंह ने आरोप लगाया कि कैराना शहर से निकलने वाला गंदा पानी नाले के जरिये मामौर झील में आता है। उन्हें आशंका है कि उसी पानी में विषैलापन होने की वजह से मछलियां मर गई। ठेकेदार राजकुमार ने बताया कि मछलियां मरने की वजह से करीब साढे़ तीन लाख रुपये का नुकसान अब तक हो चुका है। पिछले पांच दिनों में मछलियों के लिए राहत और मरी हुई मछलियों को पालन से बाहर निकलवाने में करीब पौने दो लाख रुपये खर्च हो गए हैं। मत्स्य अधिकारी ने मामले की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया है।
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