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मास्टर है नहीं ,स्कूलों में लटक गया ताला
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:38 AM IST
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स्कूलों में लटक गया ताला
झिंझाना।
शिक्षामित्रों के हड़ताल पर चले जाने से क्षेत्र के गांव पटनी परतापुर, मंसूरा स्थित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में ताले लटक गए। स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गांव पटनी परतापुर प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक सुरेशपाल के सेवानिवृत्त होने के बाद सहायक अध्यापिका गीतारानी स्कूल को चला रही थीं। वह एक वर्ष से पेलखा प्राइमरी स्कूल से संबद्घ है। इस कारण कारण एकमात्र एक शिक्षामित्र अंजू के सहारे स्कूल संचालित किया जा रहा था, कई दिनों से वह भी स्कूल नहीं आ रही हैं। एक सप्ताह से स्कूल बंद होने के कारण यहां पढ़ने वाले 61 बच्चे शिक्षा से वंचित है।
इसके अलावा गांव मंसूरा स्थित प्राइमरी स्कूल में 154 बच्चे व जूनियर हाई स्कूल में 52 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। यह स्कूल समायोजित अध्यापकों के सहारे चल रहे थे, लेकिन दोनों स्कूलों में कोई अध्यापक नहीं होने के कारण यहां पढ़ने वाले बच्चे शिक्षा से वंचित है। पटनी परतापुर से अभिभावक नरेंद्र चौधरी, रामपाल फौजी, देशपाल, योगेंद्र, सुरेंद्र, राजबीर सिंह, बलबीर सिंह, मांगेराम, रामफल सिंह, मंसूरा से नाजिम, हैदर, इस्लाम, वाहिद, आमिल, जब्बार, अलीशेर आदि ने शिक्षा विभाग के प्रति अपना रोष प्रकट करते हुए जिलाधिकारी से स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति कराए जाने कि मांग की है। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी योगेश गुप्ता ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, जल्द ही वहां पर अध्यापक नियुक्त जाएंगे।
झिंझाना।
शिक्षामित्रों के हड़ताल पर चले जाने से क्षेत्र के गांव पटनी परतापुर, मंसूरा स्थित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में ताले लटक गए। स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गांव पटनी परतापुर प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक सुरेशपाल के सेवानिवृत्त होने के बाद सहायक अध्यापिका गीतारानी स्कूल को चला रही थीं। वह एक वर्ष से पेलखा प्राइमरी स्कूल से संबद्घ है। इस कारण कारण एकमात्र एक शिक्षामित्र अंजू के सहारे स्कूल संचालित किया जा रहा था, कई दिनों से वह भी स्कूल नहीं आ रही हैं। एक सप्ताह से स्कूल बंद होने के कारण यहां पढ़ने वाले 61 बच्चे शिक्षा से वंचित है।
इसके अलावा गांव मंसूरा स्थित प्राइमरी स्कूल में 154 बच्चे व जूनियर हाई स्कूल में 52 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। यह स्कूल समायोजित अध्यापकों के सहारे चल रहे थे, लेकिन दोनों स्कूलों में कोई अध्यापक नहीं होने के कारण यहां पढ़ने वाले बच्चे शिक्षा से वंचित है। पटनी परतापुर से अभिभावक नरेंद्र चौधरी, रामपाल फौजी, देशपाल, योगेंद्र, सुरेंद्र, राजबीर सिंह, बलबीर सिंह, मांगेराम, रामफल सिंह, मंसूरा से नाजिम, हैदर, इस्लाम, वाहिद, आमिल, जब्बार, अलीशेर आदि ने शिक्षा विभाग के प्रति अपना रोष प्रकट करते हुए जिलाधिकारी से स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति कराए जाने कि मांग की है। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी योगेश गुप्ता ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, जल्द ही वहां पर अध्यापक नियुक्त जाएंगे।
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