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शामली गन्ना समिति के 4200 किसानों का
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अनपेड में फंसे किसानों के 85 लाख रुपये
शामली। किसानों की थोड़ी सी लापरवाही उन्हें भारी पड़ रही है। गन्ना समिति में जिले के करीब 4200 किसानों के 85 लाख रुपये अनपेड में फंसे हुए हैं। हर साल यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब गन्ना समिति की तरफ से ऐसे किसानों के बांड बंद करने की तैयारी चल रही है।
जिले की गन्ना सहकारी समितियों में किसानों के बैंक खाते की सही जानकारी नहीं दिए जाने की वजह से यह स्थिति बन रही है। अनपेड़ में ऐसे किसान फंस रहे है, जिन किसानों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम बांड ट्रांसफर नहीं कराए गए हैं। कुछ किसान ऐसे है, जो अपना बैंक खाते की डिटेल ठीक से नहीं दे पाए हैं। शामली गन्ना सरकारी समिति के रिकार्ड में 4200 किसान ऐसे पाए गए हैं। जिनके 85 लाख रुपये अनपेड में फंसे हैं।
शामली गन्ना समिति के विशेष सचिव मुकेश राठी का कहना है कि शामली, ऊन, थानाभवन, तितावी, भैसाना और खतौली चीनी मिल से जुड़ किसान इस समिति में शामिल हैं। समिति में कुल 70642 किसान हैैै। जिनमेें 4200 किसान ऐसे हैं, जिनका बैंक खाता समिति में न दिए जाने से अनपेड में पैसा फंस गया है। शामली गन्ना सहकारी समिति में 3040 मृतक किसानों के सट्टे बंद करके वारिसान किसानों के नाम चढ़ाए गए हैं। 2248 किसान ऐसे हैं, जिनके अलग अलग समितियों से सट्टा है। सट्टा बंद करके एक समिति और एक मिल को नियमानुसार गन्ने की आपूर्ति कराई गई है। समिति को शत प्रतिशत किसानों का बैंक खाता उपलब्ध हो जाए, तो किसानों का बकाया भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से खातों में भेजने की सुविधा दी जाएगी। वरना गन्ना मूल्य भुगतान अनपेड में चला जाएगा।
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शामली। किसानों की थोड़ी सी लापरवाही उन्हें भारी पड़ रही है। गन्ना समिति में जिले के करीब 4200 किसानों के 85 लाख रुपये अनपेड में फंसे हुए हैं। हर साल यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब गन्ना समिति की तरफ से ऐसे किसानों के बांड बंद करने की तैयारी चल रही है।
जिले की गन्ना सहकारी समितियों में किसानों के बैंक खाते की सही जानकारी नहीं दिए जाने की वजह से यह स्थिति बन रही है। अनपेड़ में ऐसे किसान फंस रहे है, जिन किसानों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम बांड ट्रांसफर नहीं कराए गए हैं। कुछ किसान ऐसे है, जो अपना बैंक खाते की डिटेल ठीक से नहीं दे पाए हैं। शामली गन्ना सरकारी समिति के रिकार्ड में 4200 किसान ऐसे पाए गए हैं। जिनके 85 लाख रुपये अनपेड में फंसे हैं।
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शामली गन्ना समिति के विशेष सचिव मुकेश राठी का कहना है कि शामली, ऊन, थानाभवन, तितावी, भैसाना और खतौली चीनी मिल से जुड़ किसान इस समिति में शामिल हैं। समिति में कुल 70642 किसान हैैै। जिनमेें 4200 किसान ऐसे हैं, जिनका बैंक खाता समिति में न दिए जाने से अनपेड में पैसा फंस गया है। शामली गन्ना सहकारी समिति में 3040 मृतक किसानों के सट्टे बंद करके वारिसान किसानों के नाम चढ़ाए गए हैं। 2248 किसान ऐसे हैं, जिनके अलग अलग समितियों से सट्टा है। सट्टा बंद करके एक समिति और एक मिल को नियमानुसार गन्ने की आपूर्ति कराई गई है। समिति को शत प्रतिशत किसानों का बैंक खाता उपलब्ध हो जाए, तो किसानों का बकाया भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से खातों में भेजने की सुविधा दी जाएगी। वरना गन्ना मूल्य भुगतान अनपेड में चला जाएगा।
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