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एनएसएस शिविर में दिया योग का प्रशिक्षण
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:53 PM IST
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एनएसएस शिविर में दिया योग का प्रशिक्षण
कैराना (शामली)। विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों को योग और अध्यात्म ज्ञान का प्रशिक्षण दिया।
बृहस्पतिवार को एनएसएस शिविर का शुभारंभ प्राचार्य डाक्टर चमन लाल ने किया। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की देन बताया। जिसके लाभ से हम स्वयं ही वंचित रहे है। स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देते हुए योग विशेषज्ञ डॉक्टर जितेंद्र कुमार विकल ने बताया कि आज मुद्रा के बढ़ते असर और स्पर्धा के दौर में योग ही चित्त में स्थिरता के द्वारा जीवन में मानसिक शांति और व्यवस्था सुनिश्चित करने में सक्षम है। डॉक्टर राकेश कुमार और डॉक्टर हंसराज ने प्रशिक्षण में सहयोग दिया। कार्यक्रम अधिकारी इकाई प्रथम डाक्टर संदीप कुमार ने बताया कि जीवन में प्रकृति से मानव का उत्तरोत्तर अलगाव ही सभी प्रकार के तनाव का मुख्य कारण है जो योग के से दूर हो सकता है। कार्यक्रम अधिकारी द्वितीय इकाई डॉक्टर मोहित मलिक ने योग और आनंद के बीच संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन को सदा तनाव मुक्त होना चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी इकाई तृतीय डॉक्टर शिशुपाल सिंह ने कहा तकनीकी की रफ्तार जीवन में भी गति पैदा करती है। इनके बीच संतुलन बना पाना ही आज के जीवन की मूल समस्या है और योग ही इस समस्या का समाधान हैै। इस दौरान भूमेश कुमार, योगेंद्र पाल सिंह ,योगेंद्र कुमार, हरेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, उत्तम कुमार रहे।
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कैराना (शामली)। विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों को योग और अध्यात्म ज्ञान का प्रशिक्षण दिया।
बृहस्पतिवार को एनएसएस शिविर का शुभारंभ प्राचार्य डाक्टर चमन लाल ने किया। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की देन बताया। जिसके लाभ से हम स्वयं ही वंचित रहे है। स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देते हुए योग विशेषज्ञ डॉक्टर जितेंद्र कुमार विकल ने बताया कि आज मुद्रा के बढ़ते असर और स्पर्धा के दौर में योग ही चित्त में स्थिरता के द्वारा जीवन में मानसिक शांति और व्यवस्था सुनिश्चित करने में सक्षम है। डॉक्टर राकेश कुमार और डॉक्टर हंसराज ने प्रशिक्षण में सहयोग दिया। कार्यक्रम अधिकारी इकाई प्रथम डाक्टर संदीप कुमार ने बताया कि जीवन में प्रकृति से मानव का उत्तरोत्तर अलगाव ही सभी प्रकार के तनाव का मुख्य कारण है जो योग के से दूर हो सकता है। कार्यक्रम अधिकारी द्वितीय इकाई डॉक्टर मोहित मलिक ने योग और आनंद के बीच संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन को सदा तनाव मुक्त होना चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी इकाई तृतीय डॉक्टर शिशुपाल सिंह ने कहा तकनीकी की रफ्तार जीवन में भी गति पैदा करती है। इनके बीच संतुलन बना पाना ही आज के जीवन की मूल समस्या है और योग ही इस समस्या का समाधान हैै। इस दौरान भूमेश कुमार, योगेंद्र पाल सिंह ,योगेंद्र कुमार, हरेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, उत्तम कुमार रहे।
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