{"_id":"5b3bc0b74f1c1b61478b46c3","slug":"71530642615-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम पंचायत के खजाने से दमके सरकारी स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम पंचायत के खजाने से दमके सरकारी स्कूल
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम पंचायत के खजाने से दमके सरकारी स्कूल
शामली। अफसर और जनप्रतिनिधि चाहें तो सरकारी स्कूलों में भी प्राइवेट स्कूलों के जैसी व्यवस्था कायम हो सकती है। थानाभवन क्षेत्र के तीन गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में यही प्रयास किया गया है। इन तीनों गांवों के सरकारी स्कूलों में ग्राम पंचायत के खजाने से चमकदार बेंच बनवाई गई हैं, जिन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करेंगे।
यह कार्य गांव महावतपुर के प्राथमिक विद्यालय, गांव जलालपुर और मुल्लापुर के प्राथमिक विद्यालय में कराया गया है। महावतपुर के विद्यालय में 36 बेंच, जलालपुर के विद्यालय में 42 और मुल्लापुर के विद्यालय में आठ बेंच बच्चों के बैठने के लिए बनवाई गई हैं। खास बात यह है कि बेंच रंगीन प्लाईवुड वाली हैं, जबकि उनका फ्रेम लोहे का है। सोमवार से पढ़ाई शुरू होने पर जब बच्चे स्कूल में पहुंचे, तो उन्हें क्लासरूम में बैठने के लिए टाट पट्टी का सहारा नहीं लेना पड़ा, बल्कि चमकदार बेंच पर बैठकर पढ़ाई की गई। मुख्य विकास अधिकारी रेनू तिवारी और जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार अत्री ने बताया कि उक्त तीनों गांवों में राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से ग्राम पंचायत स्तर पर बेंच बनवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि अन्य भी स्कूलों में इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर से बेंच बनवाकर लगवाई जाएंगी, ताकि पढ़ाई के लिए बच्चों को टाट पट्टी पर बैठना न पड़े।
विज्ञापन
शामली। अफसर और जनप्रतिनिधि चाहें तो सरकारी स्कूलों में भी प्राइवेट स्कूलों के जैसी व्यवस्था कायम हो सकती है। थानाभवन क्षेत्र के तीन गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में यही प्रयास किया गया है। इन तीनों गांवों के सरकारी स्कूलों में ग्राम पंचायत के खजाने से चमकदार बेंच बनवाई गई हैं, जिन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करेंगे।
यह कार्य गांव महावतपुर के प्राथमिक विद्यालय, गांव जलालपुर और मुल्लापुर के प्राथमिक विद्यालय में कराया गया है। महावतपुर के विद्यालय में 36 बेंच, जलालपुर के विद्यालय में 42 और मुल्लापुर के विद्यालय में आठ बेंच बच्चों के बैठने के लिए बनवाई गई हैं। खास बात यह है कि बेंच रंगीन प्लाईवुड वाली हैं, जबकि उनका फ्रेम लोहे का है। सोमवार से पढ़ाई शुरू होने पर जब बच्चे स्कूल में पहुंचे, तो उन्हें क्लासरूम में बैठने के लिए टाट पट्टी का सहारा नहीं लेना पड़ा, बल्कि चमकदार बेंच पर बैठकर पढ़ाई की गई। मुख्य विकास अधिकारी रेनू तिवारी और जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार अत्री ने बताया कि उक्त तीनों गांवों में राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से ग्राम पंचायत स्तर पर बेंच बनवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि अन्य भी स्कूलों में इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर से बेंच बनवाकर लगवाई जाएंगी, ताकि पढ़ाई के लिए बच्चों को टाट पट्टी पर बैठना न पड़े।
विज्ञापन