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जज्बे ने इन्हें बनाया शक्ति का स्वरूप
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:24 AM IST
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शामली।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै...। यह स्तुति मां दुर्गा की है, लेकिन समाज में ऐसी महिलाओं की कमी नहीं है, जो शिक्षा, खेल, सरकारी सेवा और सामाजिक गतिविधियों में अच्छा कार्य कर खुद को शक्ति स्वरूप साबित कर रही है। कोई पायलट बनी है, तो कोई सिविल सेवा और पुलिस में है। राजनीतिक क्षेत्र और समाजसेवा में भी महिलाएं किसी से पीछे नहीं हैं। इनके जज्बे ने ही इन्हें शक्ति स्वरूप बनाया है, जो समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
जिले में ऐसी महिलाओं की फेहरिस्त लंबी है। सरकारी विभागों में ही देखें, तो मुख्य विकास अधिकारी रेणू तिवारी से लेकर विभिन्न पदों पर महिलाएं अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। राजनीतिक क्षेत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष देवी से लेकर मृगांका सिंह, पूनम राणा, शशि अरोरा जैसे नाम है। वहीं, निशानेबाजी और अन्य खेलों में भी लड़कियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, तो बीएसएम स्कूल की छात्रा मानवी चौधरी ने रोड सेफ्टी पर मॉडल बनाकर नाम रोशन किया और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में हिस्सा लेने जापान गईं थी। पेश है ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी।
-- अलीशा चौहान -- कांधला क्षेत्र के गांव डूंडूखेड़ा निवासी प्रदीप चौहान की बेटी अलीशा चौहान इसी साल जुलाई माह में पायलट बनी। पारिवारिक पृष्ठभूमि कृषि होने के बावजूद इस बिटिया ने पायलेट बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
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-- अंशु जावला -- कांधला क्षेत्र के गांव हुरमजपुर निवासी वेदप्रकाश मध्य प्रदेश के इंदौर में कुश्ती कोच हैं। उनकी बेटी अंशु जावला 2013 तक बाल विकास अधिकारी रही, जिसके बाद गत वर्ष ही उन्होंने राज्य सेवा परीक्षा दी और 37 वीं रेंक हासिल कर डिप्टी कलक्टर बनीं।
-- संतोष देवी:-- जिला पंचायत अध्यक्ष पद संतोष देवी मूलरूप से फरीदाबाद की रहने वाली हैं। उनके पति प्रसन्न चौधरी शामली के गांव कासोपुर के रहने वाले हैं। एमए, बीएड की पढाई कर चुकी संतोष देवी राजनीतिक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं।
-- मृगांका सिंह -- भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह के पति की कई साल पूर्व मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी का बोझ उठाया और परिवार को नई राह दिखाई। गाजियाबाद में स्कूल का संचालन करने से लेकर पिता हुकुम सिंह के नक्शेकदम पर राजनीति में पदार्पण किया। 2017 में कैराना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा।
-- कुमुद शर्मा-- शामली के मोहल्ला मुरारीवाला निवासी कुमुद शर्मा 25 साल से योग से जुड़ी हैं। तीन साल से वह पतंजलि योग पीठ में जुड़ी और महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी हैं। पीएचडी और एमए (हिन्दी व संस्कृत) और योगाचार्य की पढाई की। योग प्रचारक के रूप में उनके लगातार प्रयास सराहनीय हैं।
-- नीमा गौतम -- कोतवाली शामली में तैनात उपनिरीक्षक नीमा गौतम मूलरूप से हाथरस की रहने वाली हैं। उनके पति उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक थे। 2013 में उनका निधन हुआ, जिसके चार बच्चों के पालन पोषण और परिवार की जिम्मेदारी नीमा गौतम के कंधों पर आ गई। पढ़ी लिखी होने के चलते मृतक आश्रित में नीमा गौतम उपनिरीक्षक बनी।
-- सुभाष कौर-- गांव कुड़ाना निवासी सुभाष कौर के पति रोशन सिंह और बेटे संजीव की 2002 में बिहार जाते समय ट्रेन से फेंककर हत्या कर दी गई थी। उनके बाद परिवार में पुत्रवधू, चार बेटियों और पौत्र गौरव की जिम्मेदारी सुभाष कौर पर आ गई, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। करीब 50 बीघा खेती को वह खुद ही परिवार के मुखिया के तौर पर संभाल रही हैं।
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या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै...। यह स्तुति मां दुर्गा की है, लेकिन समाज में ऐसी महिलाओं की कमी नहीं है, जो शिक्षा, खेल, सरकारी सेवा और सामाजिक गतिविधियों में अच्छा कार्य कर खुद को शक्ति स्वरूप साबित कर रही है। कोई पायलट बनी है, तो कोई सिविल सेवा और पुलिस में है। राजनीतिक क्षेत्र और समाजसेवा में भी महिलाएं किसी से पीछे नहीं हैं। इनके जज्बे ने ही इन्हें शक्ति स्वरूप बनाया है, जो समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
जिले में ऐसी महिलाओं की फेहरिस्त लंबी है। सरकारी विभागों में ही देखें, तो मुख्य विकास अधिकारी रेणू तिवारी से लेकर विभिन्न पदों पर महिलाएं अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। राजनीतिक क्षेत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष देवी से लेकर मृगांका सिंह, पूनम राणा, शशि अरोरा जैसे नाम है। वहीं, निशानेबाजी और अन्य खेलों में भी लड़कियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, तो बीएसएम स्कूल की छात्रा मानवी चौधरी ने रोड सेफ्टी पर मॉडल बनाकर नाम रोशन किया और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में हिस्सा लेने जापान गईं थी। पेश है ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी।
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-- अलीशा चौहान -- कांधला क्षेत्र के गांव डूंडूखेड़ा निवासी प्रदीप चौहान की बेटी अलीशा चौहान इसी साल जुलाई माह में पायलट बनी। पारिवारिक पृष्ठभूमि कृषि होने के बावजूद इस बिटिया ने पायलेट बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
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-- अंशु जावला -- कांधला क्षेत्र के गांव हुरमजपुर निवासी वेदप्रकाश मध्य प्रदेश के इंदौर में कुश्ती कोच हैं। उनकी बेटी अंशु जावला 2013 तक बाल विकास अधिकारी रही, जिसके बाद गत वर्ष ही उन्होंने राज्य सेवा परीक्षा दी और 37 वीं रेंक हासिल कर डिप्टी कलक्टर बनीं।
-- संतोष देवी:-- जिला पंचायत अध्यक्ष पद संतोष देवी मूलरूप से फरीदाबाद की रहने वाली हैं। उनके पति प्रसन्न चौधरी शामली के गांव कासोपुर के रहने वाले हैं। एमए, बीएड की पढाई कर चुकी संतोष देवी राजनीतिक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं।
-- मृगांका सिंह -- भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह के पति की कई साल पूर्व मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी का बोझ उठाया और परिवार को नई राह दिखाई। गाजियाबाद में स्कूल का संचालन करने से लेकर पिता हुकुम सिंह के नक्शेकदम पर राजनीति में पदार्पण किया। 2017 में कैराना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा।
-- कुमुद शर्मा-- शामली के मोहल्ला मुरारीवाला निवासी कुमुद शर्मा 25 साल से योग से जुड़ी हैं। तीन साल से वह पतंजलि योग पीठ में जुड़ी और महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी हैं। पीएचडी और एमए (हिन्दी व संस्कृत) और योगाचार्य की पढाई की। योग प्रचारक के रूप में उनके लगातार प्रयास सराहनीय हैं।
-- नीमा गौतम -- कोतवाली शामली में तैनात उपनिरीक्षक नीमा गौतम मूलरूप से हाथरस की रहने वाली हैं। उनके पति उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक थे। 2013 में उनका निधन हुआ, जिसके चार बच्चों के पालन पोषण और परिवार की जिम्मेदारी नीमा गौतम के कंधों पर आ गई। पढ़ी लिखी होने के चलते मृतक आश्रित में नीमा गौतम उपनिरीक्षक बनी।
-- सुभाष कौर-- गांव कुड़ाना निवासी सुभाष कौर के पति रोशन सिंह और बेटे संजीव की 2002 में बिहार जाते समय ट्रेन से फेंककर हत्या कर दी गई थी। उनके बाद परिवार में पुत्रवधू, चार बेटियों और पौत्र गौरव की जिम्मेदारी सुभाष कौर पर आ गई, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। करीब 50 बीघा खेती को वह खुद ही परिवार के मुखिया के तौर पर संभाल रही हैं।