फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   फैक्टरी मालिकों ने अफसरों को नहीं दिखाया विस्फोटक

फैक्टरी मालिकों ने अफसरों को नहीं दिखाया विस्फोटक

Mon, 06 May 2019 11:47 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 06 May 2019 11:47 PM IST
विज्ञापन
फैक्टरी मालिकों ने अफसरों को नहीं दिखाया विस्फोटक
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

थानाभवन। मोहल्ला रेत्ती में कूड़े के ढेर में हुए विस्फोट के बाद प्रशासन का पटाखा फैक्ट्रियों का निरीक्षण सोमवार को भी जारी रहा। एसडीएम ने सीओ के साथ मिलकर तीन फैक्टरी पर छापा मारा। इस दौरान फैक्टरी मालिक अधिकारियों को न तो स्टॉक में रखा विस्फोटक दिखा पाए और न आखिरी बार खरीदे विस्फोटक का बिल। अफसरों ने भी सख्ती करने की बजाय मंगलवार तक बिल ना दिखाने पर फैक्टरी सीज करने की चेतावनी दी है।
एसडीएम सुरजीत सिंह, सीओ सुरेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ सोमवार शाम करीब चार बजे कस्बे के आसपास चल रही तीन पटाखा फैक्ट्रियों में छापे मारे। सबसे पहले टीम रसीदगढ़ मार्ग स्थित अकरम फायर वर्क्स पर छापा मारा। जांच के दौरान पता चला कि मालिक ने आखिरी बार 28 अप्रैल को शामली की किसी दुकान से विस्फोटक खरीदा है। जब अधिकारियों ने विस्फोटक खरीदने का बिल मांगा तो वह नहीं दिखा सके। विस्फोटक का कचरा दिखाने की बात कही गई तो मालिक ने बताया कि वह खत्म हो चुका है। साथ ही फैक्टरी में पीछे की तरफ चारदीवारी ही नहीं मिली, जो मानक के विपरीत है। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। इसके बाद टीम नजदीक ही चल रही दूसरी फैक्टरी में जांच करने पहुंचे। यहां भी मालिक ने 24 अप्रैल को आखिरी बार विस्फोटक खरीदा था और जब उनसे बिल मांगा तो उन्होंने बिल उपलब्ध न होने की बात कही। इस पर एसडीएम ने जमकर फटकार लगाई और चेतावनी दी कि यदि मंगलवार तक उन्होंने बिल नहीं दिखाया तो उनकी फैक्टरी सीज कर दी जाएगी। साथ ही जब मालिक को स्टॉक में रखा विस्फोटक दिखाने को कहा तो उन्होंने भी माल होने से इंकार कर दिया। अंत में टीम मोरमाजरा गांव स्थित फैक्टरी में पहुंची। यहां भी अधिकारियों को कई कमी नजर आई, जिस पर उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


फैक्टरी चालू लेकिन विस्फोटक नहीं!
प्रशासन और पुलिस की टीम दो दिन के भीतर कस्बे की 13 फैक्ट्रियों में छापे मार चुकी है। अधिकांश फैक्टरी चालू हालत में थी। बावजूद इसके किसी भी फैक्टरी मालिक ने अधिकारियों को विस्फोटक का स्टॉक नहीं दिखाया। अधिकारियों ने कारण पूछा तो जवाब मिला कि उनका विस्फोटक खत्म हो गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब फैक्ट्रियों में विस्फोटक का स्टॉक ही नहीं तो फैक्टरी कार्य क्या हो रहा है। अफसरों की माने तो फैक्टरी सिर्फ नाम के लिए चल रही है। गुपचुप तरीके से कहीं ओर कार्य किया जा रहा है। इसमें मानकों के विपरीत और राजस्व बचाने का खेल हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विस्फोटक का बिल न दिखाने से यह भी संदेह हो रहा है कि कहीं ये लोग गलत तरीके से तो विस्फोटक नहीं खरीद रहे। मामला गंभीर नजर आ रहा है। इसलिए मंगलवार तक फैक्टरी संचालकों से बिल मांगा गया है। यदि बिल नहीं दिखाया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - सुरजीत कुमार, उपजिलाधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed