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भगवान के लिए किए गए यज्ञ- जीव के पुण्य कर्म में बदलते है।
Updated Tue, 26 Jun 2018 01:04 AM IST
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शामली। इस्कान प्रचार समिति की ओर से आयोजित भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के तीसरे दिन कुरुक्षेत्र इस्कान प्रचार समिति के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास महाराज ने कहा कि श्री हरिनाम का संकीर्तन ही भगवान कृष्ण से मिला सकता है। श्री हरिसंकीर्तन के जाप से ही जीव उनकी कृपा प्राप्त कर सकता हैं।
सोमवार को मिल रोड स्थित हिंदू कन्या इंटर कालेज में कथा व्यास वने कहा कि भगवान कृष्ण की शरण में जाने से जीव का कल्याण है। भगवान के लिए किए गए यज्ञ जीव के पुण्य कर्म में बदल जाते है। धर्म की पताका फहराने के लिए भगवान ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की। श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना करने से जीव को आनंद की प्राप्ति होती है। सच्चे भाव से भागवत कथा का अमृतपान कर लेने से जीव ईश्वर के परमधाम को प्राप्त होता है। जीव को बराबर के जन्म लेने से छुटकारा मिल जाता है। सच्चा गुरु ही अपने भक्तों को भगवान का रास्ता दिखा सकता है। भगवान को भोग लगाकर ही भोजन करना होगा। भगवान को लगाया गया भोग प्रसाद बन जाता है। इस मौके पर श्री हरिनाम संकीर्तन हरे कृष्ण हरे-हरे, कृष्ण हरे हरे, हरे राम, हरे राम-राम राम हरे-हरे पर श्रद्धालु झूम उठे। इस मौके पर भक्ति की धारा बही। महाआरती के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। भागवत कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष विनय बंसल, शामली नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल, ऋषि अग्रवाल, प्रदीप संगल, राधा गोपालदास, बिजेंद्र गुप्ता, सुधीर सिघंल, रामरतन संगल, भारत संगल, पवन बजरंगी आदि का सहयोग रहा।
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सोमवार को मिल रोड स्थित हिंदू कन्या इंटर कालेज में कथा व्यास वने कहा कि भगवान कृष्ण की शरण में जाने से जीव का कल्याण है। भगवान के लिए किए गए यज्ञ जीव के पुण्य कर्म में बदल जाते है। धर्म की पताका फहराने के लिए भगवान ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की। श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना करने से जीव को आनंद की प्राप्ति होती है। सच्चे भाव से भागवत कथा का अमृतपान कर लेने से जीव ईश्वर के परमधाम को प्राप्त होता है। जीव को बराबर के जन्म लेने से छुटकारा मिल जाता है। सच्चा गुरु ही अपने भक्तों को भगवान का रास्ता दिखा सकता है। भगवान को भोग लगाकर ही भोजन करना होगा। भगवान को लगाया गया भोग प्रसाद बन जाता है। इस मौके पर श्री हरिनाम संकीर्तन हरे कृष्ण हरे-हरे, कृष्ण हरे हरे, हरे राम, हरे राम-राम राम हरे-हरे पर श्रद्धालु झूम उठे। इस मौके पर भक्ति की धारा बही। महाआरती के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। भागवत कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष विनय बंसल, शामली नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल, ऋषि अग्रवाल, प्रदीप संगल, राधा गोपालदास, बिजेंद्र गुप्ता, सुधीर सिघंल, रामरतन संगल, भारत संगल, पवन बजरंगी आदि का सहयोग रहा।
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