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शहर से लेकर गांव तक पुलिस ने बरती चौकसी
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:32 AM IST
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शामली/कैराना/झिंझाना।
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाने के फैसले को पुलिस प्रशासन चौकन्ना रहा। मेरठ करनाल और पानीपत खटीमा हाईवे पर पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। शहर से लेकर देहात तक चौकसी बरती गई।
यौन शोषण के मामले में सोमवार को गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाई गई। इससे पूर्व उसको दोषी करार दिए जाने के बाद हिंसा भड़कने की वजह से अलर्ट घोषित कर दिया गया था। आशंका जताई जा रही थी कि सजा पर फैसला आने के बाद भी डेरा समर्थकों द्वारा प्रदर्शन अथवा हंगामा करने से माहौल बिगड़ सकता है। इसी कारण आला अफसरों ने शामली जिले में भी विशेष चौकसी बरतने का आदेश दिया था। स्कूलों का अवकाश भी घोषित कर दिया गया था। उधर, रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह और दोपहर बाद तक पुलिस ने प्रभावी चेकिंग शुरू करा दी, ताकि यूपी की तरफ से डेरा समर्थक हरियाणा की तरफ कूच न कर सकें।
कैराना क्षेत्र में पानीपत खटीमा हाईवे स्थित यमुना पुल और मेरठ करनाल हाईवे पर झिंझाना क्षेत्र में बिड़ौली चेकपोस्ट पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। यमुना पुल पर चेकिंग और सुरक्षा इंतजाम के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट भी नियुक्त रहे। वहीं, शामली शहर में सुबह से ही सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह और शामली कोतवाली पुलिस चेकिंग अभियान में जुटी रही। शहर में हनुमान रोड के निकट बाइक और गाड़ियों की चेकिंग की गई। इसके अलावा विजय चौक पर भी चौकसी बरती गई।
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नाम चर्चा घर में घंटों जमे रहे एसपी
गांव सींगरा स्थित नाम चर्चा घर पर पूरे समय पुलिस तैनात रही। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल शर्मा स्वयं नाम चर्चा घर पर पहुंचे और कई घंटे तक वहां पुलिस सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता कराने में जुटे रहे। उन्होंने नाम चर्चा घर पर मौजूद सेवादारों से स्थिति का जायजा लेकर संयम बरतने के लिये कहा है। एएसपी जगदीश शर्मा भी नाम चर्चा घर पर पहुंचे और लोगों से बात की।
चेकिंग के लिए सड़क पर उतरे सीओ
सीओ सिटी और ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह चेकिंग करने के लिए वर्मा मार्केट के सामने आ गए। सीओ ने स्वयं वहां पर वाहनों को रुकवाया और तलाशी ली तथा यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहनों के चालान किए। इस दौरान वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। सीओ सिटी ने करीब 50 वाहनों के चालान कराए।
आशंका से सूने पड़े रहे सार्वजनिक स्थान
डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के फैसले को लेकर हंगामे और बवाल की आशंका भी बनी रही। इसी आशंका के चलते रोडवेज अड्डा, रेलवे स्टेेशन खाली खाली दिखाई दिए। कम ही यात्री वहां पहुंचे। वहीं, सरकारी अस्पताल में भी आम दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या कम रही।
ढाई बजते ही टीवी से चिपक गए लोग
रोहतक जेल में ही गुरमीत रामरहीम की सजा पर फैसला हुआ। दोपहर ढाई बजे फैसला आना था, जिसके चलते उससे पहले ही लोग टीवी खोलकर बैठ गए। न्यूज चैनलों पर इस मामले से संबंधित खबरें प्रसारित हो रही थीं। लोगों में इस बात को जानने के लिए बेचैनी रही कि आखिर गुरमीत राम रहीम को कितनी सजा सुनाई जाती है।
मायूस रहे डेरा समर्थक
शामली जिले में भी डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की संख्या कम नहीं है। इसी कारण शामली और झिंझाना थाना क्षेत्र में दो नाम चर्चा घर भी हैं। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई, जिसकी जानकारी होने पर डेरा समर्थकों में मायूसी छा गई। कई डेरा समर्थकों ने तो रविवार रात से ही खाना नहीं खाया। सोमवार को जब अदालत ने सजा सुनाई, तो डेरा समर्थकों के आंसू थम नहीं सके।
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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाने के फैसले को पुलिस प्रशासन चौकन्ना रहा। मेरठ करनाल और पानीपत खटीमा हाईवे पर पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। शहर से लेकर देहात तक चौकसी बरती गई।
यौन शोषण के मामले में सोमवार को गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाई गई। इससे पूर्व उसको दोषी करार दिए जाने के बाद हिंसा भड़कने की वजह से अलर्ट घोषित कर दिया गया था। आशंका जताई जा रही थी कि सजा पर फैसला आने के बाद भी डेरा समर्थकों द्वारा प्रदर्शन अथवा हंगामा करने से माहौल बिगड़ सकता है। इसी कारण आला अफसरों ने शामली जिले में भी विशेष चौकसी बरतने का आदेश दिया था। स्कूलों का अवकाश भी घोषित कर दिया गया था। उधर, रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह और दोपहर बाद तक पुलिस ने प्रभावी चेकिंग शुरू करा दी, ताकि यूपी की तरफ से डेरा समर्थक हरियाणा की तरफ कूच न कर सकें।
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कैराना क्षेत्र में पानीपत खटीमा हाईवे स्थित यमुना पुल और मेरठ करनाल हाईवे पर झिंझाना क्षेत्र में बिड़ौली चेकपोस्ट पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। यमुना पुल पर चेकिंग और सुरक्षा इंतजाम के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट भी नियुक्त रहे। वहीं, शामली शहर में सुबह से ही सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह और शामली कोतवाली पुलिस चेकिंग अभियान में जुटी रही। शहर में हनुमान रोड के निकट बाइक और गाड़ियों की चेकिंग की गई। इसके अलावा विजय चौक पर भी चौकसी बरती गई।
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नाम चर्चा घर में घंटों जमे रहे एसपी
गांव सींगरा स्थित नाम चर्चा घर पर पूरे समय पुलिस तैनात रही। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल शर्मा स्वयं नाम चर्चा घर पर पहुंचे और कई घंटे तक वहां पुलिस सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता कराने में जुटे रहे। उन्होंने नाम चर्चा घर पर मौजूद सेवादारों से स्थिति का जायजा लेकर संयम बरतने के लिये कहा है। एएसपी जगदीश शर्मा भी नाम चर्चा घर पर पहुंचे और लोगों से बात की।
चेकिंग के लिए सड़क पर उतरे सीओ
सीओ सिटी और ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह चेकिंग करने के लिए वर्मा मार्केट के सामने आ गए। सीओ ने स्वयं वहां पर वाहनों को रुकवाया और तलाशी ली तथा यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहनों के चालान किए। इस दौरान वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। सीओ सिटी ने करीब 50 वाहनों के चालान कराए।
आशंका से सूने पड़े रहे सार्वजनिक स्थान
डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के फैसले को लेकर हंगामे और बवाल की आशंका भी बनी रही। इसी आशंका के चलते रोडवेज अड्डा, रेलवे स्टेेशन खाली खाली दिखाई दिए। कम ही यात्री वहां पहुंचे। वहीं, सरकारी अस्पताल में भी आम दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या कम रही।
ढाई बजते ही टीवी से चिपक गए लोग
रोहतक जेल में ही गुरमीत रामरहीम की सजा पर फैसला हुआ। दोपहर ढाई बजे फैसला आना था, जिसके चलते उससे पहले ही लोग टीवी खोलकर बैठ गए। न्यूज चैनलों पर इस मामले से संबंधित खबरें प्रसारित हो रही थीं। लोगों में इस बात को जानने के लिए बेचैनी रही कि आखिर गुरमीत राम रहीम को कितनी सजा सुनाई जाती है।
मायूस रहे डेरा समर्थक
शामली जिले में भी डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की संख्या कम नहीं है। इसी कारण शामली और झिंझाना थाना क्षेत्र में दो नाम चर्चा घर भी हैं। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई, जिसकी जानकारी होने पर डेरा समर्थकों में मायूसी छा गई। कई डेरा समर्थकों ने तो रविवार रात से ही खाना नहीं खाया। सोमवार को जब अदालत ने सजा सुनाई, तो डेरा समर्थकों के आंसू थम नहीं सके।