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होसंगपुर में बुखार का प्रकोप, सैकड़ों लोग बीमार
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:00 AM IST
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होसंगपुर में बुखार का प्रकोप, सैकड़ों लोग बीमार
झिंझाना। गांव होसंगपुर के लोग बुखार की चपेट में हैं। इस कारण लोगों में दहशत बनी हुई है। तीन दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि टीम ने औपचारिकता की। एंटी लारवा का छिड़काव भी बेअसर साबित हुआ, जिस कारण बीमार लोग ठीक नहीं हो पा रहे हैं।
इस गांव की आबादी करीब 2500 है। कई परिवारों में सभी सदस्य बुखार की चपेट में हैं, जबकि बहुत से परिवारों में एक या दो सदस्य बुखार की चपेट में हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं कि घर में कोई कमाने वाला नही हैं, सभी बीमार पड़े है। मलेरिया बुखार होने के कारण लोगों को शारीरिक रूप से कमजोरी भी सता रही है। गांव के अधिकांश परिवार मजदूरी करने वाले हैं। जिन परिवारों का मुखिया मजदूरी करने बाहर गया है, उनके सामने ज्यादा परेशानी पैदा हो रही है। कई परिवार के लोग ऐसे हैं, जो झिंझाना में प्राइवेट चिकित्सक से उपचार करा रहे हैं, जबकि ज्यादातर गरीबी के कारण सरकारी अस्पताल से दवा ला रहे हैं।
घर में कोई देखभाल नहीं करने वाला भी नहीं
बालकिशन के परिवार में चार सदस्य पत्नी पिंकी, बेटी कोमल 6 वर्ष, राशी एक महीने से बुखार से पीड़ित हैं। बालकिशन मजदूरी करने पंजाब गया हुआ है। घर में कोई देखभाल करने वाला नहीं है। झिंझाना में प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती है। इसके अलावा संजय के परिवार में उसकी नेहा 15 वर्ष, बेटा बादल 12 वर्ष और पत्नी भी बीमार है। राधेश्याम के परिवार में पत्नी निर्मला, बेटी निकिता, बेटा विनीत और शिवा भी बीमार है। इसके अलावा जयपाल के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा चीनू, रविता, इसरत, धर्मपाल बीमार हैं।
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ग्रामीणों का आरोप
गांव होसंगपुर निवासी नरेंद्र, गुलाब, शेखर, राजू, इमरत, ओमप्रकाश, फूल सिंह, कृष्णपाल आदि का आरोप है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी, जो औपचारिकता पूरी कर लौट गई। जो दवा दी गई थी, उससे बीमारी कम नहीं हुई, बल्कि शरीर में खुजली शुरू हो गई है। नालियों में छिड़कने वाले एंटी लारवा दवा भी बेअसर साबित हुई। गांव में मच्छरों की भरमार है।
गंदगी के कारण फैल रही बीमारी
होसंगपुर में मच्छरों का जबरदस्त प्रकोप है। गांव में लोगों ने अपने घरों के सामने सड़क किनारे पशुओं को बांध रखा है। वहीं, गोबर के ढेर लगे रहते हैं, जिस कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके अलावा गांव के बीच प्राइमरी स्कूल के मैदान में कई फुट ऊंची घास उगी हुई है। बारिश होते ही मैदान में पानी भर जाता है। इस कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं। ग्राम प्रधान परमेंद्र ने बताया कि स्कूल में जल्दी ही सफाई कराई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता करके गांव में दोबारा से दवा का छिड़काव कराया जाएगा।
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झिंझाना। गांव होसंगपुर के लोग बुखार की चपेट में हैं। इस कारण लोगों में दहशत बनी हुई है। तीन दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि टीम ने औपचारिकता की। एंटी लारवा का छिड़काव भी बेअसर साबित हुआ, जिस कारण बीमार लोग ठीक नहीं हो पा रहे हैं।
इस गांव की आबादी करीब 2500 है। कई परिवारों में सभी सदस्य बुखार की चपेट में हैं, जबकि बहुत से परिवारों में एक या दो सदस्य बुखार की चपेट में हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं कि घर में कोई कमाने वाला नही हैं, सभी बीमार पड़े है। मलेरिया बुखार होने के कारण लोगों को शारीरिक रूप से कमजोरी भी सता रही है। गांव के अधिकांश परिवार मजदूरी करने वाले हैं। जिन परिवारों का मुखिया मजदूरी करने बाहर गया है, उनके सामने ज्यादा परेशानी पैदा हो रही है। कई परिवार के लोग ऐसे हैं, जो झिंझाना में प्राइवेट चिकित्सक से उपचार करा रहे हैं, जबकि ज्यादातर गरीबी के कारण सरकारी अस्पताल से दवा ला रहे हैं।
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घर में कोई देखभाल नहीं करने वाला भी नहीं
बालकिशन के परिवार में चार सदस्य पत्नी पिंकी, बेटी कोमल 6 वर्ष, राशी एक महीने से बुखार से पीड़ित हैं। बालकिशन मजदूरी करने पंजाब गया हुआ है। घर में कोई देखभाल करने वाला नहीं है। झिंझाना में प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती है। इसके अलावा संजय के परिवार में उसकी नेहा 15 वर्ष, बेटा बादल 12 वर्ष और पत्नी भी बीमार है। राधेश्याम के परिवार में पत्नी निर्मला, बेटी निकिता, बेटा विनीत और शिवा भी बीमार है। इसके अलावा जयपाल के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा चीनू, रविता, इसरत, धर्मपाल बीमार हैं।
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ग्रामीणों का आरोप
गांव होसंगपुर निवासी नरेंद्र, गुलाब, शेखर, राजू, इमरत, ओमप्रकाश, फूल सिंह, कृष्णपाल आदि का आरोप है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी, जो औपचारिकता पूरी कर लौट गई। जो दवा दी गई थी, उससे बीमारी कम नहीं हुई, बल्कि शरीर में खुजली शुरू हो गई है। नालियों में छिड़कने वाले एंटी लारवा दवा भी बेअसर साबित हुई। गांव में मच्छरों की भरमार है।
गंदगी के कारण फैल रही बीमारी
होसंगपुर में मच्छरों का जबरदस्त प्रकोप है। गांव में लोगों ने अपने घरों के सामने सड़क किनारे पशुओं को बांध रखा है। वहीं, गोबर के ढेर लगे रहते हैं, जिस कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके अलावा गांव के बीच प्राइमरी स्कूल के मैदान में कई फुट ऊंची घास उगी हुई है। बारिश होते ही मैदान में पानी भर जाता है। इस कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं। ग्राम प्रधान परमेंद्र ने बताया कि स्कूल में जल्दी ही सफाई कराई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता करके गांव में दोबारा से दवा का छिड़काव कराया जाएगा।