{"_id":"597b8cd64f1c1b8a7a8b45ec","slug":"41501269206-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवित महिला को मृत दर्शाने में फंसे तत्कालीन तहसीलदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवित महिला को मृत दर्शाने में फंसे तत्कालीन तहसीलदार
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली।
जीवित महिला को अभिलेखों में मृत दर्शाने के मामले में तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने संस्तुति कर दी है, जबकि पूर्व में इस मामले में लेखपाल और धोखाधड़ी कराने में शामिल महिला के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
गत चार जुलाई को कांधला क्षेत्र के गांव रामपुर खेड़ी निवासी ऊषा देवी ने तहसील दिवस में पहुंचकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। महिला ने बताया था कि उसके बेटे पंकज गिरि ने कृषि भूमि अपने नाम कराने के चक्कर में 24 जुलाई 2012 को तत्कालीन हल्का लेखपाल बालेश्वर दास से साठगांठ करके उसे अभिलेखों में मृत घोषित करा दिया, जिसके बाद कृषि भूमि को लेखपाल ने पंकज गिरि के नाम दर्ज कर दिया था। इसके बाद उसके बेटे पंकज ने कृषि भूमि बेचने की कोशिश की, तो उसे पता चला कि अभिलेखों में उसको मृत घोषित करा दिया गया है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने तहसीलदार शामली से प्रकरण की जांच कराई, तो अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करने की पुष्टि हो गई। इसके चलते गत 12 जुलाई को तत्कालीन लेखपाल बालेश्वर दास और महिला के पुत्र पंकज गिरि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए। साथ ही लेखपाल बालेश्वर दास को निलंबित कर दिया गया।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में तत्कालीन तहसीलदार महेंद्र बहादुर ने भी अपनी जिम्मेदारी का ठीक ढंग से निर्वाह नहीं किया। अभिलेखों में महिला को मृत दर्शाने के दौरान कानूनगो के स्थान पर तहसीलदार ने ही हस्ताक्षर किए। अभिलेखों में इसकी पुष्टि भी हो गई है, जिसके चलते तत्कालीन तहसीलदार महेंद्र बहादुर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। तहसीलदार महेंद्र बहादुर इन दिनों रामपुर में तैनात हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीवित महिला को अभिलेखों में मृत दर्शाने के मामले में तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने संस्तुति कर दी है, जबकि पूर्व में इस मामले में लेखपाल और धोखाधड़ी कराने में शामिल महिला के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
गत चार जुलाई को कांधला क्षेत्र के गांव रामपुर खेड़ी निवासी ऊषा देवी ने तहसील दिवस में पहुंचकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। महिला ने बताया था कि उसके बेटे पंकज गिरि ने कृषि भूमि अपने नाम कराने के चक्कर में 24 जुलाई 2012 को तत्कालीन हल्का लेखपाल बालेश्वर दास से साठगांठ करके उसे अभिलेखों में मृत घोषित करा दिया, जिसके बाद कृषि भूमि को लेखपाल ने पंकज गिरि के नाम दर्ज कर दिया था। इसके बाद उसके बेटे पंकज ने कृषि भूमि बेचने की कोशिश की, तो उसे पता चला कि अभिलेखों में उसको मृत घोषित करा दिया गया है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने तहसीलदार शामली से प्रकरण की जांच कराई, तो अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करने की पुष्टि हो गई। इसके चलते गत 12 जुलाई को तत्कालीन लेखपाल बालेश्वर दास और महिला के पुत्र पंकज गिरि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए। साथ ही लेखपाल बालेश्वर दास को निलंबित कर दिया गया।
विज्ञापन
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में तत्कालीन तहसीलदार महेंद्र बहादुर ने भी अपनी जिम्मेदारी का ठीक ढंग से निर्वाह नहीं किया। अभिलेखों में महिला को मृत दर्शाने के दौरान कानूनगो के स्थान पर तहसीलदार ने ही हस्ताक्षर किए। अभिलेखों में इसकी पुष्टि भी हो गई है, जिसके चलते तत्कालीन तहसीलदार महेंद्र बहादुर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। तहसीलदार महेंद्र बहादुर इन दिनों रामपुर में तैनात हैं।
विज्ञापन