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डायरेक्टरों ने गन्ना विकास परिषद चेयरमैन के खिलाफ खोला मोर्चा
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:44 AM IST
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शामली। गन्ना विकास परिषद शामली के अध्यक्ष के खिलाफ डायरेक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच कराने और कार्रवाई कराने की मांग की गई है।
शुक्रवार को गन्ना समिति के डायरेक्टर ब्रिजेश कुमार, कमलेश देवी, पुष्पेंद्र निर्वाल, करेशना देवी, वीरेंद्र सिंह, मनोज पंवार, चरण सिंह, रविंद्र मलिक, सतेंद्र तरार, विनोद कुमार और राम मेहर कलक्ट्रेट में पहुंचे। डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात कर बताया कि गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष वीर सिंह मलिक द्वारा समिति के कार्यों में हस्तक्षेप कर धांधली कराई जा रही हैं। आरोप है कि गन्ना विकास परिषद द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों के लिए टेंडर में धांधली की जा रही है। अपने चहेते ठेकेदारों के टेंडर दिलाए जा रहे हैं। वहीं, पात्र किसानों को कृषि यंत्रों का वितरण नहीं किया जा रहा है। गन्ना पर्यवेक्षकों के माध्यम से पैसे देने वाले किसानों के नाम पर पौधशाला दर्शायी जा रही हैं।
आरोप है कि गन्ना विकास परिषद चेयरमैन ने समिति कार्यालय में अपना आफितस जबरन बनवाने के लिए रिकार्ड रूम की दीवार तुड़वा दी। इतना ही नहीं सरकारी वाहन का प्रयोग अपने व्यक्तिगत कार्यों में करने, सड़कों के निर्माण कार्यों के टेंडर नियम विरुद्ध दिलाने तथा शुगर मिल तितावी में नौकरी करने के बावजूद अध्यक्ष पद पर काबिज होने का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी से मांग की गई है कि इन बिंदुओं पर जांच कराकर कार्रवाई कराई जाए।
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अध्यक्ष ने आरोपों को निराधार बताया
गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष वीर सिंह मलिक का कहना है कि डायरेक्टर अपनी मनमानी करना चाहते हैं। यदि उन्हें रोका जाता है तो निराधार आरोप लगाते हैं। उनका कहना है कि गन्ना विकास परिषद से होने वाले विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी हुई, गन्ना विभाग के अधिकारी ही प्रक्रिया पूरी कराते हैं, उसमें अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं है।
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शुक्रवार को गन्ना समिति के डायरेक्टर ब्रिजेश कुमार, कमलेश देवी, पुष्पेंद्र निर्वाल, करेशना देवी, वीरेंद्र सिंह, मनोज पंवार, चरण सिंह, रविंद्र मलिक, सतेंद्र तरार, विनोद कुमार और राम मेहर कलक्ट्रेट में पहुंचे। डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात कर बताया कि गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष वीर सिंह मलिक द्वारा समिति के कार्यों में हस्तक्षेप कर धांधली कराई जा रही हैं। आरोप है कि गन्ना विकास परिषद द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों के लिए टेंडर में धांधली की जा रही है। अपने चहेते ठेकेदारों के टेंडर दिलाए जा रहे हैं। वहीं, पात्र किसानों को कृषि यंत्रों का वितरण नहीं किया जा रहा है। गन्ना पर्यवेक्षकों के माध्यम से पैसे देने वाले किसानों के नाम पर पौधशाला दर्शायी जा रही हैं।
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आरोप है कि गन्ना विकास परिषद चेयरमैन ने समिति कार्यालय में अपना आफितस जबरन बनवाने के लिए रिकार्ड रूम की दीवार तुड़वा दी। इतना ही नहीं सरकारी वाहन का प्रयोग अपने व्यक्तिगत कार्यों में करने, सड़कों के निर्माण कार्यों के टेंडर नियम विरुद्ध दिलाने तथा शुगर मिल तितावी में नौकरी करने के बावजूद अध्यक्ष पद पर काबिज होने का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी से मांग की गई है कि इन बिंदुओं पर जांच कराकर कार्रवाई कराई जाए।
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अध्यक्ष ने आरोपों को निराधार बताया
गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष वीर सिंह मलिक का कहना है कि डायरेक्टर अपनी मनमानी करना चाहते हैं। यदि उन्हें रोका जाता है तो निराधार आरोप लगाते हैं। उनका कहना है कि गन्ना विकास परिषद से होने वाले विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी हुई, गन्ना विभाग के अधिकारी ही प्रक्रिया पूरी कराते हैं, उसमें अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं है।