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अब... ब्लॉकों में एनएचएम का कार्य के लिए बाबू की जिम्मेदारी तय 17-46-42
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:16 AM IST
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शामली। कार्य में गुणवत्ता लाने तथा समय से कार्य को पूरा कराने के लिए सीएमओ ने जिले की सीएचसी में नया परिवर्तन किया है। पहले महज एक बाबू के भरोसे रहने वाले एनएचएम कार्य के लिए अब ब्लॉक स्तर पर बाबू को यह काम सौंपा गया है। इससे किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
दरअसल, जिले में एनएचएम के लिए एक ही बाबू है। पूरे जिले का कार्यभार उसके ही सिर पर है। ऐसे में काम करने में देरी होती है तथा पूरे काम की जिम्मेदारी भी उसी की रहती है। ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और ब्लॉक एकाउंट मैनेजर सारी रिपोर्ट सीधे डीपीएम को भेजते है। वही से वह रिपोर्ट फीड कराने के लिए एनएचएम के बाबू के पास आती है, जिसके बाद उस पर अंतिम मुहर लगती है। अब संविदा पर काम करने वाले ब्लॉक स्तरीय इस टीम के कार्य को वही पर सरकारी बाबू से सत्यापित कराया जाएगा। एनएचएम के सारे काम बीपीएम और बीएएम की रिपोर्ट को ब्लॉक स्तर पर ही लिपिक से संस्तुति कराने के बाद उसको जिले पर भेजा जाएगा। इससे वहां पर किए गए सभी कार्य की जिम्मेदारी वहां के लिपिक की तय की गई है।
सीएमओ डाक्टर राजकुमार ने बताया कि पूरे जिले का काम एक बाबू से कराया जा रहा था, जबकि ब्लॉक स्तर पर भी बाबू तैनात है। ऐसे में वहां के बाबू अब उस कार्य को पूरा कर रिपोर्ट तैयार कर जिले में भेजेंगे। उसका जिला स्तर पर सत्यापन कराकर उसको फीड किया जाएगा। इससे रिपोर्ट में गलती नहीं होगी तथा ब्लॉक स्तर पर जो काम किया गया है उसकी जिम्मेदारी स्थानीय लिपिक की रहेगी। उन्होंने सभी सीएचसी प्रभारियों को इसे लागू करने के लिए निर्देश दिए है।
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दरअसल, जिले में एनएचएम के लिए एक ही बाबू है। पूरे जिले का कार्यभार उसके ही सिर पर है। ऐसे में काम करने में देरी होती है तथा पूरे काम की जिम्मेदारी भी उसी की रहती है। ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और ब्लॉक एकाउंट मैनेजर सारी रिपोर्ट सीधे डीपीएम को भेजते है। वही से वह रिपोर्ट फीड कराने के लिए एनएचएम के बाबू के पास आती है, जिसके बाद उस पर अंतिम मुहर लगती है। अब संविदा पर काम करने वाले ब्लॉक स्तरीय इस टीम के कार्य को वही पर सरकारी बाबू से सत्यापित कराया जाएगा। एनएचएम के सारे काम बीपीएम और बीएएम की रिपोर्ट को ब्लॉक स्तर पर ही लिपिक से संस्तुति कराने के बाद उसको जिले पर भेजा जाएगा। इससे वहां पर किए गए सभी कार्य की जिम्मेदारी वहां के लिपिक की तय की गई है।
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सीएमओ डाक्टर राजकुमार ने बताया कि पूरे जिले का काम एक बाबू से कराया जा रहा था, जबकि ब्लॉक स्तर पर भी बाबू तैनात है। ऐसे में वहां के बाबू अब उस कार्य को पूरा कर रिपोर्ट तैयार कर जिले में भेजेंगे। उसका जिला स्तर पर सत्यापन कराकर उसको फीड किया जाएगा। इससे रिपोर्ट में गलती नहीं होगी तथा ब्लॉक स्तर पर जो काम किया गया है उसकी जिम्मेदारी स्थानीय लिपिक की रहेगी। उन्होंने सभी सीएचसी प्रभारियों को इसे लागू करने के लिए निर्देश दिए है।
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