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बच्चियों को शिक्षित बनाने के प्रति जागरुक हों- कलीम
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:28 AM IST
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बेटियों को हर हाल में शिक्षित करें : कलीम
झिंझाना(शामली)। मदरसा जामिअतुस सालिहातुत ताररीबात निस्वा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कहा कि बच्चों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालिम दिलाना भी जरूरी है। खासकर बच्चियों को शिक्षित किया जाए।
जश्न ए इफत्ता ए बुखारी शरीफ किताब को लेकर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह किताब इस्लाम धर्म की सबसे पवित्र किताब है। इसको पढ़ने के बाद ही मौलवीयत की डिग्री प्रदान की जाती है। इस किताब में मोहम्मद साहब की एक-एक बात को बहुत तरीके से बयां किया गया है। उन्होंने कहा कि आज हम सबको अपनी बच्चियों को शिक्षा दिलानी बहुत जरूरत है। चाहे वह उर्दू अरबी हो चाहे हिंदी अंग्रेजी की। मौलाना महरदीन गंगेरू, मौलाना वासिल दारूल उलूम देवबंद, हाफिज इरशाद गोगवान, पूर्व चेयरमैन हाजी सरफराज खां, थानाध्यक्ष भगवत सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंत में मदरसे के सेक्रेटरी गुलजार खां ने आगंतुकों का शुक्रिया अदा किया। मदरसे के मोहतमीम मौलाना इकराम रशीदी ने सालाना रिपोर्ट पेश की। मदरसे के प्रबंधक मौलाना तारियब कासमी ने बताया कि मदरसे में केवल बच्चियों को इस्लाम धर्म के साथ-साथ हिंदी अंग्रेजी की प्राइमरी तक की शिक्षा दी जा रही है। वर्तमान में 200 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। कार्यक्रम में हाफिज मोहम्मद अनवर, मौलाना मोहम्मद अहमद, कारी मुशर्रफ, अनस खां, वसीम, शेर हसन, साबिर और हनीफ आदि लोग उपस्थित रहे।
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झिंझाना(शामली)। मदरसा जामिअतुस सालिहातुत ताररीबात निस्वा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कहा कि बच्चों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालिम दिलाना भी जरूरी है। खासकर बच्चियों को शिक्षित किया जाए।
जश्न ए इफत्ता ए बुखारी शरीफ किताब को लेकर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह किताब इस्लाम धर्म की सबसे पवित्र किताब है। इसको पढ़ने के बाद ही मौलवीयत की डिग्री प्रदान की जाती है। इस किताब में मोहम्मद साहब की एक-एक बात को बहुत तरीके से बयां किया गया है। उन्होंने कहा कि आज हम सबको अपनी बच्चियों को शिक्षा दिलानी बहुत जरूरत है। चाहे वह उर्दू अरबी हो चाहे हिंदी अंग्रेजी की। मौलाना महरदीन गंगेरू, मौलाना वासिल दारूल उलूम देवबंद, हाफिज इरशाद गोगवान, पूर्व चेयरमैन हाजी सरफराज खां, थानाध्यक्ष भगवत सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।
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कार्यक्रम के अंत में मदरसे के सेक्रेटरी गुलजार खां ने आगंतुकों का शुक्रिया अदा किया। मदरसे के मोहतमीम मौलाना इकराम रशीदी ने सालाना रिपोर्ट पेश की। मदरसे के प्रबंधक मौलाना तारियब कासमी ने बताया कि मदरसे में केवल बच्चियों को इस्लाम धर्म के साथ-साथ हिंदी अंग्रेजी की प्राइमरी तक की शिक्षा दी जा रही है। वर्तमान में 200 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। कार्यक्रम में हाफिज मोहम्मद अनवर, मौलाना मोहम्मद अहमद, कारी मुशर्रफ, अनस खां, वसीम, शेर हसन, साबिर और हनीफ आदि लोग उपस्थित रहे।
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