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साल में कई बार पाकिस्तानी यात्रा पर जाने वालों पर खुफिया निगाहें
Fri, 28 Dec 2018 11:37 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 28 Dec 2018 11:37 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Washington Examiner
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शामली। गणतंत्र दिवस नजदीक है। ऐसे में खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर पुलिस प्रशासन ने जिले में कड़ी चौकसी शुरू कर दी गई है। खुफिया विभाग की ऐसे लोगों पर भी नजर है, जो एक साल में कई बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुके हैं।
करीब ढाई माह पूर्व चौसाना क्षेत्र में दो पुलिसकर्मियों को घायल कर रायफल लूटने के आरोप में पकड़े गए लोगों का खालिस्तान से संपर्क होने का खुलासा हो चुका है। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम कई बार जिले में आकर छानबीन कर चुकी है। दूसरी तरफ जिले में कई बार पाक कनेक्शन का भी खुलासा हो चुका है। पाकिस्तान से गठरी व्यवसाय की आड़ में जाली करेंसी और अवैध हथियारों की तस्करी में कस्बा कैराना चर्चाओं में रहा है। साथ ही जिले के कई लोग हथियारों की तस्करी में पकड़े भी जा चुके हैं।
2014 में अटारी बार्डर पर कांधला की महिला समेत छह लोग 11 पिस्टल और 22 मैग्जीन के साथ पकड़े गए थे। 2016 में कांधला के गंगेरू निवासी व्यक्ति पाकिस्तान से छह पिस्टल और नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा गया था। 2018 में कैराना क्षेत्र का व्यक्ति कुकर में छिपाई गई पिस्टल के साथ पकड़ा जा चुका है। हाल ही में हरियाणा के रोहतक क्षेत्र में सुरेंद्र की हत्या में इस्तेमाल हथियार को सप्लाई करने में भी कैराना क्षेत्र के इंसार का नाम सामने आया है।
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इसी को देखते हुए गणतंत्र दिवस को अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया विभाग की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। सार्वजनिक स्थानों के साथ रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल व धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों पर गोपनीय तरीके से निगाह रखे हुए हैं। इसके साथ ही ऐसे लोगों पर खास निगाह रखी जा रही है, जो लोग बार-बार पाकिस्तान की यात्रा पर जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जिले के एक व्यक्ति का एक साल छह-सात बार पाकिस्तान की यात्रा करने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी मिलने पर खुफिया विभाग ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। इस तरह के कई अन्य लोगों की भी निगरानी की जा रही है।
लापता नवीद व यासीन का नहीं चला पता
पाकिस्तान निवासी नवीद अपनी मां के साथ कैराना रिश्तेदारी में आया था। दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस और खुफिया विभाग नवीद को तलाश नहीं कर सका है। इससे पहले थानाभवन में रहने वाले यासीन ने राशन कार्ड आदि बनवा लिए थे, लेकिन उसके बांग्लादेशी होने का पता चलने पर वह फरार हो गया था। उसका भी आज तक पता नहीं चल सका।
विदेश जाने वालों की नहीं मिलती जानकारी
विदेश से भारत में आने वाले लोगों का रिकार्ड तो प्रशासन के पास रहता है, लेकिन वीजा पर पाकिस्तान या दूसरे देश की यात्रा पर जाने वाले लोगों को इसकी जानकारी स्थानीय थाने या प्रशासन को देने की जरूरत नहीं होती। इसलिए उसका रिकार्ड जिला प्रशासन के पास नहीं होता। खुफिया विभाग अपने स्तर पर ही विदेश जाने वाले लोगों की जानकारी जुुटाता है।
जिले में शांति व्यवस्था के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी अनुरोध है कि अगर कहीं संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे तो, उसकी सूचना पुलिस को दे।
- अजय प्रताप सिंह, एएसपी।
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करीब ढाई माह पूर्व चौसाना क्षेत्र में दो पुलिसकर्मियों को घायल कर रायफल लूटने के आरोप में पकड़े गए लोगों का खालिस्तान से संपर्क होने का खुलासा हो चुका है। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम कई बार जिले में आकर छानबीन कर चुकी है। दूसरी तरफ जिले में कई बार पाक कनेक्शन का भी खुलासा हो चुका है। पाकिस्तान से गठरी व्यवसाय की आड़ में जाली करेंसी और अवैध हथियारों की तस्करी में कस्बा कैराना चर्चाओं में रहा है। साथ ही जिले के कई लोग हथियारों की तस्करी में पकड़े भी जा चुके हैं।
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2014 में अटारी बार्डर पर कांधला की महिला समेत छह लोग 11 पिस्टल और 22 मैग्जीन के साथ पकड़े गए थे। 2016 में कांधला के गंगेरू निवासी व्यक्ति पाकिस्तान से छह पिस्टल और नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा गया था। 2018 में कैराना क्षेत्र का व्यक्ति कुकर में छिपाई गई पिस्टल के साथ पकड़ा जा चुका है। हाल ही में हरियाणा के रोहतक क्षेत्र में सुरेंद्र की हत्या में इस्तेमाल हथियार को सप्लाई करने में भी कैराना क्षेत्र के इंसार का नाम सामने आया है।
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इसी को देखते हुए गणतंत्र दिवस को अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया विभाग की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। सार्वजनिक स्थानों के साथ रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल व धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों पर गोपनीय तरीके से निगाह रखे हुए हैं। इसके साथ ही ऐसे लोगों पर खास निगाह रखी जा रही है, जो लोग बार-बार पाकिस्तान की यात्रा पर जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जिले के एक व्यक्ति का एक साल छह-सात बार पाकिस्तान की यात्रा करने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी मिलने पर खुफिया विभाग ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। इस तरह के कई अन्य लोगों की भी निगरानी की जा रही है।
लापता नवीद व यासीन का नहीं चला पता
पाकिस्तान निवासी नवीद अपनी मां के साथ कैराना रिश्तेदारी में आया था। दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस और खुफिया विभाग नवीद को तलाश नहीं कर सका है। इससे पहले थानाभवन में रहने वाले यासीन ने राशन कार्ड आदि बनवा लिए थे, लेकिन उसके बांग्लादेशी होने का पता चलने पर वह फरार हो गया था। उसका भी आज तक पता नहीं चल सका।
विदेश जाने वालों की नहीं मिलती जानकारी
विदेश से भारत में आने वाले लोगों का रिकार्ड तो प्रशासन के पास रहता है, लेकिन वीजा पर पाकिस्तान या दूसरे देश की यात्रा पर जाने वाले लोगों को इसकी जानकारी स्थानीय थाने या प्रशासन को देने की जरूरत नहीं होती। इसलिए उसका रिकार्ड जिला प्रशासन के पास नहीं होता। खुफिया विभाग अपने स्तर पर ही विदेश जाने वाले लोगों की जानकारी जुुटाता है।
जिले में शांति व्यवस्था के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी अनुरोध है कि अगर कहीं संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे तो, उसकी सूचना पुलिस को दे।
- अजय प्रताप सिंह, एएसपी।