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लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति खराब मिलने पर जताई नाराजगी
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:44 AM IST
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शामली। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति खराब मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभिन्न योजनाओं में पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाया जाए। यदि उसमें लापरवाही बरती जाएगी, तो कार्रवाई होगी।
शुक्रवार को शामली कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मासिक समीक्षा की। इस दौरान डीएम ने कहा कि आशा कार्यकर्ता को समय से भुगतान दिलाया जाए। कहा कि झिंझाना अस्पताल में नसबंदी के ऑपरेशन कराने पहुंची महिलाओं को लौटाने में जब यह स्पष्टीकरण दिया गया था कि जिले में प्राधिकृत सर्जन नहीं है, तो फिर जिले के अन्य सीएचसी पर नसबंदी ऑपरेशन कैसे हो रहे हैं। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई और शासन को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में हुए प्रसव की मासिक सूचना संकलित कर भिजवाई जाए। यदि कोई अस्पताल संचालक सूचना नहीं देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को मिला बजट समय रहते खर्च नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि बजट वापस भिजवाया जाएगा तथा खर्च करने में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान यूनिसेफ के डिवीजनल मॉनिटर एमएल शर्मा, एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार, डॉ. केपी सिंह, डॉ. नेतराम, डॉ. अनिल, डॉ. रमेश चंद्रा, डॉ. सलीम अहमद सहित सभी सीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को शामली कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मासिक समीक्षा की। इस दौरान डीएम ने कहा कि आशा कार्यकर्ता को समय से भुगतान दिलाया जाए। कहा कि झिंझाना अस्पताल में नसबंदी के ऑपरेशन कराने पहुंची महिलाओं को लौटाने में जब यह स्पष्टीकरण दिया गया था कि जिले में प्राधिकृत सर्जन नहीं है, तो फिर जिले के अन्य सीएचसी पर नसबंदी ऑपरेशन कैसे हो रहे हैं। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई और शासन को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में हुए प्रसव की मासिक सूचना संकलित कर भिजवाई जाए। यदि कोई अस्पताल संचालक सूचना नहीं देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को मिला बजट समय रहते खर्च नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि बजट वापस भिजवाया जाएगा तथा खर्च करने में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान यूनिसेफ के डिवीजनल मॉनिटर एमएल शर्मा, एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार, डॉ. केपी सिंह, डॉ. नेतराम, डॉ. अनिल, डॉ. रमेश चंद्रा, डॉ. सलीम अहमद सहित सभी सीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।
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