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किसानों ने उन्नत नस्ल गाय- भैस, बकरी देखी,दूध निकालना सीखा
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:39 AM IST
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शामली।
आत्मा योजना तथा अंतर राज्यीय कृषक भ्रमण कार्यक्रम के तहत जिले के 38 किसानों के समूह ने करनाल में राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान का भ्रमण किया। दुधारू पशु और उन्नत शील प्रजातियों की जानकारी प्राप्त की। दूध निकालने की आधुनिक विधि भी सीखी।
उपनिदेशक कृषि रामवीर कटारा ने बताया कि बताया कि करनाल में किसानों के समूह ने राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान कैंपस में दुधारू पशु और उन्नत शील प्रजातियो की जानकारी प्राप्त की। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डाक्टर दिलीप कुमार गोसाई ने किसानों को बताया कि दुधारू पशुओं को दाना अवश्य खिलाना चाहिए। जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो सके। डाक्टर सतपाल सिंह तोमर ने अनुसंधान संस्थान करनाल का भ्रमण कराया। किसानों ने उन्नत नस्ल की गाय, भैंस, बकरी, देखी और दूध निकालने की आधुनिक विधि भी सीखी। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय स्टेशन करनाल के वैज्ञानिक डाक्टर अश्वनी कुमार ने बीजों के रखरखाव, अंकुरण, शुद्धता की जांच करने की विधि बताई। गेहूं की उन्नत शील प्रजातियों की जानकारी दी। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर जेके पांडे ने किसानों को गेहूं एवं जौ से संबंधित वीडियो और म्यूजियम दिखाया। वैज्ञानिक डाक्टर अमित कुमार शर्मा ने गेहूं की खेती की आधुनिक विधि, प्रजातियां, कीट तथा रोगों की जानकारी प्रदान की।
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आत्मा योजना तथा अंतर राज्यीय कृषक भ्रमण कार्यक्रम के तहत जिले के 38 किसानों के समूह ने करनाल में राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान का भ्रमण किया। दुधारू पशु और उन्नत शील प्रजातियों की जानकारी प्राप्त की। दूध निकालने की आधुनिक विधि भी सीखी।
उपनिदेशक कृषि रामवीर कटारा ने बताया कि बताया कि करनाल में किसानों के समूह ने राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान कैंपस में दुधारू पशु और उन्नत शील प्रजातियो की जानकारी प्राप्त की। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डाक्टर दिलीप कुमार गोसाई ने किसानों को बताया कि दुधारू पशुओं को दाना अवश्य खिलाना चाहिए। जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो सके। डाक्टर सतपाल सिंह तोमर ने अनुसंधान संस्थान करनाल का भ्रमण कराया। किसानों ने उन्नत नस्ल की गाय, भैंस, बकरी, देखी और दूध निकालने की आधुनिक विधि भी सीखी। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय स्टेशन करनाल के वैज्ञानिक डाक्टर अश्वनी कुमार ने बीजों के रखरखाव, अंकुरण, शुद्धता की जांच करने की विधि बताई। गेहूं की उन्नत शील प्रजातियों की जानकारी दी। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर जेके पांडे ने किसानों को गेहूं एवं जौ से संबंधित वीडियो और म्यूजियम दिखाया। वैज्ञानिक डाक्टर अमित कुमार शर्मा ने गेहूं की खेती की आधुनिक विधि, प्रजातियां, कीट तथा रोगों की जानकारी प्रदान की।
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