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बोर्ड परीक्षा में इस बार प्रत्येक परीक्षार्थी के बीच होगी 1.
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:34 AM IST
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शामली।
यूपी बोर्ड ने डीआईओएस कार्यालय से कॉलेजों द्वारा भेजी गई ऑनलाइन मानक संबंधी सूचनाओं में कुछ खामियां मिलने पर पुन: सभी का सत्यापन कराते हुए फिर से कार्यालय द्वारा भेजने के निर्देश दिए हैं। जिसमें सबसे जरूरी सूचना प्रत्येक कमरे में कैमरे और हर कॉलेज में प्रत्येक कक्ष की वर्ग मीटर माप करने के बाद उसकी सूचना बोर्ड को ऑनलाइन ठीक करते हुए भेजनी है।
जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 की हाईस्कूल और इंटर को लेकर पूरी तैयारी चल रही हैं। डीआईओएस एसएम सिद्दीकी ने बताया कि शासन इस बार बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन कराने में जुटा है। बोर्ड ने परीक्षा का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया से करने का फैसला लिया है। जिसके लिए सभी कॉलेजों से मानक संबंधी 18 बिंदुओं पर मूलभूत सूचना व दूरी एप के माध्यम से ऑनलाइन मंगाई गई है। जिसमें कॉलेजों से सीसीटीवी, सीटों की संख्या, प्रश्न पत्र रखने के पुख्ता इंतजाम के लिए लोहे की अलमारी, पानी, शौचालय, जनरेटर, दूरी, कमरों की संख्या, चारदीवारी, आदि 18 सूचनाएं मांगी गई हैं। कुछ कॉलेजों ने सूचना भेजने में काफी खामियां की हैं। बोर्ड से निर्देश आए हैं कि इस बार बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन कराने के लिए प्रत्येक परीक्षार्थी के बीच 1.84 वर्ग मीटर की दूूरी रखी जानी है।
जिसमें कॉलेजों ने पहले के अनुसार ही सीटों की संख्या ऑनलाइन भेज दी है। जो मान्य नहीं होगी। जिसके लिए फिर से प्रत्येक कॉलेज के कमरे की माप वर्ग मीटर में मापकर व मानक संबंधी बिंदुओं पर भेजी गई सूचनाओं का सत्यापन करते हुए फिर से संशोधन करके ऑनलाइन सूचना भेजने के निर्देश दिए हैं। जनपद के सभी 94 कॉलेजों की मानक संबंधी जांच व प्रत्येक कॉलेज के कमरे की दूरी सीटों की संख्या को न मानकर वर्ग मीटर में माप करने के लिए 15 टीमें गठित की गई हैं। जिसमें 12 टीम शिक्षकों की और तीन टीम डीआईओएस कार्यालय से बनाई गई हैं। जिसमें प्रत्येक पांच से छह कॉलेजों की जांच करते हुए टीम सोमवार शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जिसके बाद कार्यालय से प्रत्येक कॉलेज की सूचनाओं में ऑनलाइन संशोधन कर बोर्ड को भेज देगी। प्रत्येक परीक्षार्थी के बीच दूरी बढ़ने से कॉलेज द्वारा भेजी गई सीटों की संख्या में कमी आएगी। जिस कारण इस बार परीक्षा में पहले से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनने संभावित है।
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यूपी बोर्ड ने डीआईओएस कार्यालय से कॉलेजों द्वारा भेजी गई ऑनलाइन मानक संबंधी सूचनाओं में कुछ खामियां मिलने पर पुन: सभी का सत्यापन कराते हुए फिर से कार्यालय द्वारा भेजने के निर्देश दिए हैं। जिसमें सबसे जरूरी सूचना प्रत्येक कमरे में कैमरे और हर कॉलेज में प्रत्येक कक्ष की वर्ग मीटर माप करने के बाद उसकी सूचना बोर्ड को ऑनलाइन ठीक करते हुए भेजनी है।
जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 की हाईस्कूल और इंटर को लेकर पूरी तैयारी चल रही हैं। डीआईओएस एसएम सिद्दीकी ने बताया कि शासन इस बार बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन कराने में जुटा है। बोर्ड ने परीक्षा का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया से करने का फैसला लिया है। जिसके लिए सभी कॉलेजों से मानक संबंधी 18 बिंदुओं पर मूलभूत सूचना व दूरी एप के माध्यम से ऑनलाइन मंगाई गई है। जिसमें कॉलेजों से सीसीटीवी, सीटों की संख्या, प्रश्न पत्र रखने के पुख्ता इंतजाम के लिए लोहे की अलमारी, पानी, शौचालय, जनरेटर, दूरी, कमरों की संख्या, चारदीवारी, आदि 18 सूचनाएं मांगी गई हैं। कुछ कॉलेजों ने सूचना भेजने में काफी खामियां की हैं। बोर्ड से निर्देश आए हैं कि इस बार बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन कराने के लिए प्रत्येक परीक्षार्थी के बीच 1.84 वर्ग मीटर की दूूरी रखी जानी है।
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जिसमें कॉलेजों ने पहले के अनुसार ही सीटों की संख्या ऑनलाइन भेज दी है। जो मान्य नहीं होगी। जिसके लिए फिर से प्रत्येक कॉलेज के कमरे की माप वर्ग मीटर में मापकर व मानक संबंधी बिंदुओं पर भेजी गई सूचनाओं का सत्यापन करते हुए फिर से संशोधन करके ऑनलाइन सूचना भेजने के निर्देश दिए हैं। जनपद के सभी 94 कॉलेजों की मानक संबंधी जांच व प्रत्येक कॉलेज के कमरे की दूरी सीटों की संख्या को न मानकर वर्ग मीटर में माप करने के लिए 15 टीमें गठित की गई हैं। जिसमें 12 टीम शिक्षकों की और तीन टीम डीआईओएस कार्यालय से बनाई गई हैं। जिसमें प्रत्येक पांच से छह कॉलेजों की जांच करते हुए टीम सोमवार शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जिसके बाद कार्यालय से प्रत्येक कॉलेज की सूचनाओं में ऑनलाइन संशोधन कर बोर्ड को भेज देगी। प्रत्येक परीक्षार्थी के बीच दूरी बढ़ने से कॉलेज द्वारा भेजी गई सीटों की संख्या में कमी आएगी। जिस कारण इस बार परीक्षा में पहले से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनने संभावित है।
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