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Shamli News: आयोग ने बीमा कंपनी को 1,43,549 रुपये अदा करने का सुनाया आदेश
Wed, 02 Sep 2026 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:51 AM IST
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शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा क्लेम का भुगतान न करने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने बीमा कंपनी को 1,43,549 रुपये अदा करने का आदेश सुनाया।
शहर की सीबी गुप्ता कॉलोनी निवासी विश्वराज चौधरी ने आयोग में 15 फरवरी 2023 को नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लि. लाजपत नगर नई दिल्ली के विरुद्ध परिवाद दायर कराया। परिवादी ने बताया कि उनके पिता ने विपक्षी से हेल्थ पॉलिसी 200916 रुपये अदा कर कराई थी, जिसकी वैधता 21 सितंबर 2022 से 20 सितंबर 2023 तक थी। इसमें पिता के साथ परिवादी, परिवादी की मां व बहन कशिश चौधरी का भी हेल्थ इंश्योरेंस कवर था। जिसकी कुल बीमित धनराशि 7,50,000 रुपये थी।
10 अक्तूबर 2022 को दुर्घटना में परिवादी के घुटने में दर्द महसूस हो रहा था। मुजफ्फरनगर में निजी अस्पताल में घुटनों का ऑपरेशन कराया। इलाज में लगभग 1,18,549 रुपये का खर्चा आया, जिसका क्लेम विपक्षी बीमा कंपनी के यहां कराया और इलाज के सभी पर्चे व बिल उपलब्ध कराए लेकिन बीमा कंपनी ने क्लेम का भुगतान नहीं किया और न ही कैशलेस सुविधा दी।
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आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने बीमा कंपनी को आदेशित किया कि वह परिवादी के बीमा क्लेम में वर्णित धनराशि 118549 रुपये, बीमा क्लेम निरस्त किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ और परिवादी को क्षतिपूर्ति के लिए 25 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें।
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शहर की सीबी गुप्ता कॉलोनी निवासी विश्वराज चौधरी ने आयोग में 15 फरवरी 2023 को नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लि. लाजपत नगर नई दिल्ली के विरुद्ध परिवाद दायर कराया। परिवादी ने बताया कि उनके पिता ने विपक्षी से हेल्थ पॉलिसी 200916 रुपये अदा कर कराई थी, जिसकी वैधता 21 सितंबर 2022 से 20 सितंबर 2023 तक थी। इसमें पिता के साथ परिवादी, परिवादी की मां व बहन कशिश चौधरी का भी हेल्थ इंश्योरेंस कवर था। जिसकी कुल बीमित धनराशि 7,50,000 रुपये थी।
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10 अक्तूबर 2022 को दुर्घटना में परिवादी के घुटने में दर्द महसूस हो रहा था। मुजफ्फरनगर में निजी अस्पताल में घुटनों का ऑपरेशन कराया। इलाज में लगभग 1,18,549 रुपये का खर्चा आया, जिसका क्लेम विपक्षी बीमा कंपनी के यहां कराया और इलाज के सभी पर्चे व बिल उपलब्ध कराए लेकिन बीमा कंपनी ने क्लेम का भुगतान नहीं किया और न ही कैशलेस सुविधा दी।
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आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने बीमा कंपनी को आदेशित किया कि वह परिवादी के बीमा क्लेम में वर्णित धनराशि 118549 रुपये, बीमा क्लेम निरस्त किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ और परिवादी को क्षतिपूर्ति के लिए 25 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें।