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जिले में चलाए गए टीबी खोजो अभियान में 27 मरीज और मिले
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। केंद्र सरकार के 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे सक्रिय टीबी खोजो अभियान के तीसरे चरण में स्वास्थ्य विभाग में 27 मरीज और सामने आए हैं। मरीजों की जांच के बाद जिले में डॉट सेंटरों पर उपचार शुरू कर दिया गया है। जिले में इस समय टीबी के करीब 2200 मरीज है।
विश्व को टीबी से मुक्त करने के लिए 2030 तक लक्ष्य रखा गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को टीबी मुक्त करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी की निशुल्क जांच और उपचार की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही पिछले साल से सक्रिय टीबी खोजो अभियान चलाया जा रहा है। एसीएमओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी डाक्टर सफल कुमार ने बताया कि अभियान के तहत तीसरा चरण सात जनवरी से 17 जनवरी तक चलाकर टीबी के मरीजों की खोज गई। इसके लिए जिले में 54 टीमें लगाई गईं थीं। इन टीमों ने ब्लाकवार जिले में डोर-टू-डोर पहुंचकर टीबी के मरीजों की तलाश की। तीसरे चरण में जिले में टीबी के 27 मरीज और मिले हैं। जिनकी माइक्रो स्कोप से जांच कराई गई। नए मरीजों का नजदीकी डॉट सेंटर पर उपचार शुरू कर दिया गया है। जिले में टीबी के करीब 2200 मरीज है, जिनका निशुल्क उपचार चल रहा है। अगला एवं चौथा चरण मार्च या अप्रैल माह में चलाया जाएगा।
दस प्रतिशत जनसंख्या में खोजे गए टीबी मरीज
एसीएमओ डॉक्टर सफल कुुमार ने बताया कि अभियान के तहत जिले की कुल जनसंख्या का दस प्रतिशत जनसंख्या को कवर किया गया है। अभियान में ऐसे क्षेत्रों को फोकस किया गया, जिनमें पहले से टीबी के मरीजों की संख्या अधिक रही। इनके अलावा मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में खोज की गई। साथ ही ऐसे क्षेत्रों में जहां से टीबी के मरीज बहुत कम या न के बराबर सामने आते है। उन क्षेत्रों में भी जाकर टीबी के मरीजों की खोज की गई।
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टीबी के लक्षण
- 14 दिन से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना।
- रात के समय लगातार तेज बुखार होना और पसीना आना।
- शरीर का वजन कम होना और थकान- कमजोरी महसूस होना।
- भूख कम लगना।
- खांसी के साथ बलगम में खून आना।
- खांसी के साथ सांस फूलना
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शामली। केंद्र सरकार के 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे सक्रिय टीबी खोजो अभियान के तीसरे चरण में स्वास्थ्य विभाग में 27 मरीज और सामने आए हैं। मरीजों की जांच के बाद जिले में डॉट सेंटरों पर उपचार शुरू कर दिया गया है। जिले में इस समय टीबी के करीब 2200 मरीज है।
विश्व को टीबी से मुक्त करने के लिए 2030 तक लक्ष्य रखा गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को टीबी मुक्त करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी की निशुल्क जांच और उपचार की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही पिछले साल से सक्रिय टीबी खोजो अभियान चलाया जा रहा है। एसीएमओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी डाक्टर सफल कुमार ने बताया कि अभियान के तहत तीसरा चरण सात जनवरी से 17 जनवरी तक चलाकर टीबी के मरीजों की खोज गई। इसके लिए जिले में 54 टीमें लगाई गईं थीं। इन टीमों ने ब्लाकवार जिले में डोर-टू-डोर पहुंचकर टीबी के मरीजों की तलाश की। तीसरे चरण में जिले में टीबी के 27 मरीज और मिले हैं। जिनकी माइक्रो स्कोप से जांच कराई गई। नए मरीजों का नजदीकी डॉट सेंटर पर उपचार शुरू कर दिया गया है। जिले में टीबी के करीब 2200 मरीज है, जिनका निशुल्क उपचार चल रहा है। अगला एवं चौथा चरण मार्च या अप्रैल माह में चलाया जाएगा।
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दस प्रतिशत जनसंख्या में खोजे गए टीबी मरीज
एसीएमओ डॉक्टर सफल कुुमार ने बताया कि अभियान के तहत जिले की कुल जनसंख्या का दस प्रतिशत जनसंख्या को कवर किया गया है। अभियान में ऐसे क्षेत्रों को फोकस किया गया, जिनमें पहले से टीबी के मरीजों की संख्या अधिक रही। इनके अलावा मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में खोज की गई। साथ ही ऐसे क्षेत्रों में जहां से टीबी के मरीज बहुत कम या न के बराबर सामने आते है। उन क्षेत्रों में भी जाकर टीबी के मरीजों की खोज की गई।
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टीबी के लक्षण
- 14 दिन से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना।
- रात के समय लगातार तेज बुखार होना और पसीना आना।
- शरीर का वजन कम होना और थकान- कमजोरी महसूस होना।
- भूख कम लगना।
- खांसी के साथ बलगम में खून आना।
- खांसी के साथ सांस फूलना