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गंभीर हालत के चलते दिल्ली से फिर वापस लौट आई महिला
Updated Thu, 03 May 2018 11:44 PM IST
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रेफर के चक्कर में बीमार महिला की जान पर बन आई
शामली।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों से छुटकारा पाने के लिए बीमार महिला को दिल्ली रेफर कर दिया। वहां एम्स में भर्ती नहीं होने के कारण उसके परिजनों को निराश होकर फिर शामली लौटना पड़ा। यहां चिकित्सकों ने महिला और उसके परिजनों को समझाकर फिर दिल्ली जाने की सलाह दी। रेफर करने के चक्कर में बीमार महिला की जिंदगी सांसत में पड़ गई है।
बुधवार को परिवार के सदस्यों द्वारा महिला मुकेश की नसंबदी कराने के दौरान डाक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने के कारण गैंगरीन की बीमारी होने पर अस्पताल में जमकर हंगामा प्रदर्शन किया था। अस्पताल में चले करीब तीन घंटे के हंगामे के बाद पहुंचे एसडीएम सुरजीत सिंह व सीओ सिटी अशोक कुमार ने परिजनों को समझाते हुए कुछ सहायता करते हुए एंबुलेंस से दिल्ली एम्स में इलाज कराने के लिए रेफर कर दिया। पीडित महिला के परिजन बृहस्पतिवार सुबह फिर से सरकारी अस्पताल लौट आए। महिला के पति किरणपाल और उसके साले अनुज ने बताया कि महिला को एम्स में एक माह का समय देते हुए भर्ती कराने से मना कर दिया, जिसके बाद टेक्नीशियन रवि ने बीमार महिला को सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराते हुए लौट आया था। डाक्टर ने परिजनों को महिला का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा, लेकिन परिजन आपस में झगड़ते हुए सुबह महिला को लेकर अस्पताल से लौट आए। बृहस्पतिवार को दोपहर के समय फिर से महिला के परिजनों को डाक्टरों व अन्य लोगों ने समझाते हुए महिला का इलाज कराने की अपील की। इसके बाद फिर से एंबुलेंस द्वारा महिला को दिल्ली के अरविंद अस्पताल के लिए रेफर किया गया। महिला का पति किरणपाल परिजनों के साथ महिला को लेकर दिल्ली के लिए उपचार कराने के लिए चला गया।
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शामली।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों से छुटकारा पाने के लिए बीमार महिला को दिल्ली रेफर कर दिया। वहां एम्स में भर्ती नहीं होने के कारण उसके परिजनों को निराश होकर फिर शामली लौटना पड़ा। यहां चिकित्सकों ने महिला और उसके परिजनों को समझाकर फिर दिल्ली जाने की सलाह दी। रेफर करने के चक्कर में बीमार महिला की जिंदगी सांसत में पड़ गई है।
बुधवार को परिवार के सदस्यों द्वारा महिला मुकेश की नसंबदी कराने के दौरान डाक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने के कारण गैंगरीन की बीमारी होने पर अस्पताल में जमकर हंगामा प्रदर्शन किया था। अस्पताल में चले करीब तीन घंटे के हंगामे के बाद पहुंचे एसडीएम सुरजीत सिंह व सीओ सिटी अशोक कुमार ने परिजनों को समझाते हुए कुछ सहायता करते हुए एंबुलेंस से दिल्ली एम्स में इलाज कराने के लिए रेफर कर दिया। पीडित महिला के परिजन बृहस्पतिवार सुबह फिर से सरकारी अस्पताल लौट आए। महिला के पति किरणपाल और उसके साले अनुज ने बताया कि महिला को एम्स में एक माह का समय देते हुए भर्ती कराने से मना कर दिया, जिसके बाद टेक्नीशियन रवि ने बीमार महिला को सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराते हुए लौट आया था। डाक्टर ने परिजनों को महिला का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा, लेकिन परिजन आपस में झगड़ते हुए सुबह महिला को लेकर अस्पताल से लौट आए। बृहस्पतिवार को दोपहर के समय फिर से महिला के परिजनों को डाक्टरों व अन्य लोगों ने समझाते हुए महिला का इलाज कराने की अपील की। इसके बाद फिर से एंबुलेंस द्वारा महिला को दिल्ली के अरविंद अस्पताल के लिए रेफर किया गया। महिला का पति किरणपाल परिजनों के साथ महिला को लेकर दिल्ली के लिए उपचार कराने के लिए चला गया।
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