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जिले में सबसे ज्यादा शामली शहर में मलेरिया पीड़ितों की संख्या
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:27 AM IST
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सबसे ज्यादा शहर में मलेरिया पीड़ितों की संख्या
शामली। ड्राई-डे के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग जागरूकता के लिए घर-घर दस्तक दे रहा है, लेकिन फिर भी शामली जिले के हालात खराब हैं। जिलेभर के तीन माह के आंकड़ों पर गौर करें, तो अकेले शामली शहर में ही मलेरिया के 41 पॉजीटिव केसे मिले हैं, जबकि जिले के चार ब्लाकों में 42 केस मिले।
दरअसल मलेरिया, वायरल, डेंगू आदि के लिए मच्छर जिम्मेदार हैं। मच्छरों के काटने के कारण ये बीमारियां फैलती है। सरकार यह भी मानती है कि हर वर्ष जुलाई, अगस्त और सितंबर में यह बीमारी फैलती है। इसका कारण बरसात के कारण कहीं एकत्र हुआ पानी है। क्योंकि इस एकत्र पानी में मच्छरों का लार्वा पैदा होता है। इसके चलते शासन के आदेश पर रविवार को ड्राई-डे घोषित किया गया है और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। पिछले तीन महीनों की स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट की बात करें तो शामली शहर और देहात की स्थिति पूरे जिले में सबसे ज्यादा खराब है। रिपोर्ट के अनुसार पूरे जिले के कैराना, शामली, कांधला, कुड़ाना, थानाभवन में कुल 10686 लोगों के ब्लड की जांच की गई, जिनमें से 82 केस पॉजीटिव मिले। इनमें अकेले शामली सीएचसी और कुड़ाना पीएचसी के करीब 3292 ब्लड सेंपलों की जांच में 37 केस पॉजीटिव पाए गए। इसके अलावा कांधला शहर और देहात में 1392 में से 11 पॉजीटिव, कैराना शहर और देहात में 2510 में से 13 पॉजीटिव, ऊन ब्लाक 1310 में से छह पॉजीटिव और थानाभवन शहर और ब्लॉक में 2172 में से 11 केस पॉजीटिव मिले।
शहर से भले हैं फिर तो गांव
पानी एकत्र होने के कारण ही लार्वा पैदा होता है, जिससे मच्छर पैदा होते हैं और बीमारियां फैलती है। माना जाता है कि शहर की अपेक्षा गांव में जागरूकता की कमी अधिक होती है। इसी कारण बीमारियां वहीं फैलती है। हालांकि आंकड़ें पर बात करें तो शामली शहर और देहात 41 केस पॉजीटिव मिले, जबकि बाकी चारों ब्लॉकों में 41 केस पाजीटिव मिले।
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डोर-टू-डोर सर्वे में मिला है लार्वा
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गगन विहार में जागरूकता के लिए अभियान चलाया था और लोगों के घरों में जाकर जांच की थी। इस दौरान एक घर पर लापरवाही के चलते और जागरूकता की कमी की वजह ये काफी मात्रा में कूलर और खाली रखी पेंट की बॉल्टी में भरे पानी में भारी मात्रा में लार्वा मिला था।
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शहर में स्वास्थ्य विभाग हर रविवार को ड्राई-डे के रूप में मना रहा है और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही जिनके घर में लापरवाही के चलते पानी एकत्र मिलता है और उसमें लार्वा मिलता है, उनके खिलाफ नोटिस भी जारी किया जा रहा है। - डाक्टर विनय, जिला मलेरिया अधिकारी
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शामली। ड्राई-डे के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग जागरूकता के लिए घर-घर दस्तक दे रहा है, लेकिन फिर भी शामली जिले के हालात खराब हैं। जिलेभर के तीन माह के आंकड़ों पर गौर करें, तो अकेले शामली शहर में ही मलेरिया के 41 पॉजीटिव केसे मिले हैं, जबकि जिले के चार ब्लाकों में 42 केस मिले।
दरअसल मलेरिया, वायरल, डेंगू आदि के लिए मच्छर जिम्मेदार हैं। मच्छरों के काटने के कारण ये बीमारियां फैलती है। सरकार यह भी मानती है कि हर वर्ष जुलाई, अगस्त और सितंबर में यह बीमारी फैलती है। इसका कारण बरसात के कारण कहीं एकत्र हुआ पानी है। क्योंकि इस एकत्र पानी में मच्छरों का लार्वा पैदा होता है। इसके चलते शासन के आदेश पर रविवार को ड्राई-डे घोषित किया गया है और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। पिछले तीन महीनों की स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट की बात करें तो शामली शहर और देहात की स्थिति पूरे जिले में सबसे ज्यादा खराब है। रिपोर्ट के अनुसार पूरे जिले के कैराना, शामली, कांधला, कुड़ाना, थानाभवन में कुल 10686 लोगों के ब्लड की जांच की गई, जिनमें से 82 केस पॉजीटिव मिले। इनमें अकेले शामली सीएचसी और कुड़ाना पीएचसी के करीब 3292 ब्लड सेंपलों की जांच में 37 केस पॉजीटिव पाए गए। इसके अलावा कांधला शहर और देहात में 1392 में से 11 पॉजीटिव, कैराना शहर और देहात में 2510 में से 13 पॉजीटिव, ऊन ब्लाक 1310 में से छह पॉजीटिव और थानाभवन शहर और ब्लॉक में 2172 में से 11 केस पॉजीटिव मिले।
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शहर से भले हैं फिर तो गांव
पानी एकत्र होने के कारण ही लार्वा पैदा होता है, जिससे मच्छर पैदा होते हैं और बीमारियां फैलती है। माना जाता है कि शहर की अपेक्षा गांव में जागरूकता की कमी अधिक होती है। इसी कारण बीमारियां वहीं फैलती है। हालांकि आंकड़ें पर बात करें तो शामली शहर और देहात 41 केस पॉजीटिव मिले, जबकि बाकी चारों ब्लॉकों में 41 केस पाजीटिव मिले।
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डोर-टू-डोर सर्वे में मिला है लार्वा
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गगन विहार में जागरूकता के लिए अभियान चलाया था और लोगों के घरों में जाकर जांच की थी। इस दौरान एक घर पर लापरवाही के चलते और जागरूकता की कमी की वजह ये काफी मात्रा में कूलर और खाली रखी पेंट की बॉल्टी में भरे पानी में भारी मात्रा में लार्वा मिला था।
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शहर में स्वास्थ्य विभाग हर रविवार को ड्राई-डे के रूप में मना रहा है और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही जिनके घर में लापरवाही के चलते पानी एकत्र मिलता है और उसमें लार्वा मिलता है, उनके खिलाफ नोटिस भी जारी किया जा रहा है। - डाक्टर विनय, जिला मलेरिया अधिकारी