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कांधला को हमेशा खलेगी हजरत साहब की कमी
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कांधला। हजरत मौलाना इफ्तेखार उल हसन के इंतकाल पर प्रतिक्रियाएं।
मौलाना सैयद बदरुल हुदा कासमी ने कहा कि भविष्य में ऐसे व्यक्तित्व के धनी की भरपाई मुमकिन नहीं है। उनके इंतकाल से आज पूरा इलाका यतीम और चमन वीरान हो गया।
मौलाना सैयद मजहर कासमी ने कहा कि ऐसी हस्ती सदियों में पैदा होती हैं। उनके कारण कस्बे की भाईचारे की मिसाल पूरे विश्व में विख्यात है। कांधला कस्बे को पूरी दुनिया में जाना जाता है।
कांधला प्रदेश व्यापार मंडल उपाध्यक्ष पवन कंसल कहते हैं कि मौलाना का निधन कस्बे के लिए ही नही बल्कि देश के लिए भारी क्षति है। जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। आज उनके आदर्शों पर चलकर ही कस्बे में आपसी भाईचारे की मिसाल देश विदेशों तक दी जाती है।
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जावेद इकबाल मुरादाबादी ने उनके आवास पर पहुंचकर हजरत के बेटे राशिद कांधलवी से मुलाकात की। कहा कि उनका पिछले 24 वर्षों से उनके पास आना जाना था। वे सभी के लिए सफाकत फरमाते थे। उनके साथ का सफर हमेशा यादगार रहेगा। मुल्क में अमन चेन की दुआ के साथ ही वे हमेशा लोगों को आपसी भाईचारे का संदेश देते थे।
गंगोह निवासी मौलाना बदरूद्दीन अहमद नेे कहा दोनों समाज के लोग उनके पास दुआ कराने के लिए आते थे। जिसमें गरीब से लेकर ऊंचे घराने, राजनीतिक अधिकारी वर्ग को भी एक समान दर्जा दिया जाता था।
मौलाना इस्लाम मिडकली बुढ़ाना ने भी हजरत के निवास पर उनके बेटे राशिद कांधलवी से मुलाकात ली। उन्होंने बताया कि उनके साथ बिताए पल भुलाए नहीं जा सकते।
युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष सचिन गोयल कहते हैं कि दोनों समुदाय के लोग उनके मुरीद थे, क्योंकि उन्होंने हमेशा लोगों को एक करने का संदेश दिया। उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है।
रालोद नेता डॉक्टर विक्रांत जावला ने कहा कि मौलाना देश विदेश में एकता, भाईचारा का संदेश देने वाले थे। हम लोगों को उनके बताए रास्ते पर चलकर आपसी भाईचारे को आगे बढ़ाना होगा, ताकि उनकी मेेहनत बेकार न हो पाए।
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मौलाना सैयद बदरुल हुदा कासमी ने कहा कि भविष्य में ऐसे व्यक्तित्व के धनी की भरपाई मुमकिन नहीं है। उनके इंतकाल से आज पूरा इलाका यतीम और चमन वीरान हो गया।
मौलाना सैयद मजहर कासमी ने कहा कि ऐसी हस्ती सदियों में पैदा होती हैं। उनके कारण कस्बे की भाईचारे की मिसाल पूरे विश्व में विख्यात है। कांधला कस्बे को पूरी दुनिया में जाना जाता है।
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कांधला प्रदेश व्यापार मंडल उपाध्यक्ष पवन कंसल कहते हैं कि मौलाना का निधन कस्बे के लिए ही नही बल्कि देश के लिए भारी क्षति है। जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। आज उनके आदर्शों पर चलकर ही कस्बे में आपसी भाईचारे की मिसाल देश विदेशों तक दी जाती है।
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जावेद इकबाल मुरादाबादी ने उनके आवास पर पहुंचकर हजरत के बेटे राशिद कांधलवी से मुलाकात की। कहा कि उनका पिछले 24 वर्षों से उनके पास आना जाना था। वे सभी के लिए सफाकत फरमाते थे। उनके साथ का सफर हमेशा यादगार रहेगा। मुल्क में अमन चेन की दुआ के साथ ही वे हमेशा लोगों को आपसी भाईचारे का संदेश देते थे।
गंगोह निवासी मौलाना बदरूद्दीन अहमद नेे कहा दोनों समाज के लोग उनके पास दुआ कराने के लिए आते थे। जिसमें गरीब से लेकर ऊंचे घराने, राजनीतिक अधिकारी वर्ग को भी एक समान दर्जा दिया जाता था।
मौलाना इस्लाम मिडकली बुढ़ाना ने भी हजरत के निवास पर उनके बेटे राशिद कांधलवी से मुलाकात ली। उन्होंने बताया कि उनके साथ बिताए पल भुलाए नहीं जा सकते।
युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष सचिन गोयल कहते हैं कि दोनों समुदाय के लोग उनके मुरीद थे, क्योंकि उन्होंने हमेशा लोगों को एक करने का संदेश दिया। उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है।
रालोद नेता डॉक्टर विक्रांत जावला ने कहा कि मौलाना देश विदेश में एकता, भाईचारा का संदेश देने वाले थे। हम लोगों को उनके बताए रास्ते पर चलकर आपसी भाईचारे को आगे बढ़ाना होगा, ताकि उनकी मेेहनत बेकार न हो पाए।