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बच्चों को संस्कारवान बनाना माता-पिता का कर्तव्य
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:34 AM IST
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थानाभवन।
जस्सूवाला श्री महादेव मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक पंडित रवि शास्त्री ने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाना माता-पिता का प्रथम दायित्व है, जिसे हर अभिभावक को निभाना चाहिए।
कथावाचक पंडित रवि शास्त्री ने गृहस्थ जीवन का व्यंगात्मक वर्णन करके सभी को गुदगुदाया। कहा कि शिव और पार्वती का विवाह समाज हित के लिए हुआ है और उनसे उत्पन्न हुई संतान भी समाज का हित ही करती है। हमें भी अपनी संतान को समाज व देवोत्थान आदि में सेवा की प्रेरणा देनी चाहिए। यह कहते हुए शास्त्री ने विवाह को भी एक संस्कार के रूप में प्रस्तुत किया। विवाह के सातों वचनों को प्रतिपादित करते हुए दक्षिणा के साथ ही यज्ञ का फल पूर्ण रूप से मिल पाता है। कथा के दौरान वृंदावन से आए सृजन जी व जस्सूवाला मंदिर के पुजारी चेतन शास्त्री की विशेष सहभागिता रही, उन्होंने कथा से पूर्व मंत्रोच्चारण पूर्वक पूजन कराया। शिवमहापुराण कथा श्रवण के लिए श्रद्धालु मौजूद रहे।
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जस्सूवाला श्री महादेव मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक पंडित रवि शास्त्री ने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाना माता-पिता का प्रथम दायित्व है, जिसे हर अभिभावक को निभाना चाहिए।
कथावाचक पंडित रवि शास्त्री ने गृहस्थ जीवन का व्यंगात्मक वर्णन करके सभी को गुदगुदाया। कहा कि शिव और पार्वती का विवाह समाज हित के लिए हुआ है और उनसे उत्पन्न हुई संतान भी समाज का हित ही करती है। हमें भी अपनी संतान को समाज व देवोत्थान आदि में सेवा की प्रेरणा देनी चाहिए। यह कहते हुए शास्त्री ने विवाह को भी एक संस्कार के रूप में प्रस्तुत किया। विवाह के सातों वचनों को प्रतिपादित करते हुए दक्षिणा के साथ ही यज्ञ का फल पूर्ण रूप से मिल पाता है। कथा के दौरान वृंदावन से आए सृजन जी व जस्सूवाला मंदिर के पुजारी चेतन शास्त्री की विशेष सहभागिता रही, उन्होंने कथा से पूर्व मंत्रोच्चारण पूर्वक पूजन कराया। शिवमहापुराण कथा श्रवण के लिए श्रद्धालु मौजूद रहे।
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