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लेखपाल से सांठ-गांठ कर भतीजो पर जमीन हड़पने का आरोप
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:57 PM IST
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कांधला (शामली)। कैराना में कुख्यात साबिर के साथ हुई मुठभेड में शहीद हुए जांबाज कांस्टेबल अंकित तोमर के लिए परिजनों को आर्थिक सहायता एक करोड़ रुपये और गैस एजेंसी या पेट्रोल पंप का लाइसेंस देने की मांग को लेकर पूर्व चेयरमैन हाजी इस्लाम ने समर्थकों के साथ सांकेतिक धरना दिया।
बता दें कि प्रदेश सरकार की ओर से शहीद के परिवार के लिए 50 लाख की मदद दी गई है। इसी मदद में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर शनिवार की दोपहर पूर्व चेयरमैन हाजी इस्लाम अपनी पत्नी पूर्व चेयरमैन शबनम और समर्थकों के साथ मोहल्ला सरावज्ञान स्थित अपने आवास के बाहर सांकेतिक धरने पर बैठ गए। पूर्व चेयरमैन ने कहा कि हमने अंकित तोमर जैसे बहादुर सिपाही को अपने बीच से खो दिया है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है। इस दुख की घड़ी में परिवार को ईश्वर हिम्मत दे ,उसके लिए सभी प्रार्थना करते है। उन्होंने सरकार से शहीद के लिए की गई मदद में इजाफा करने की मांग करते हुए धनराशि एक करोड़ करने की मांग की है। इसके साथ ही शहीद अंकित तोमर के नाम से एक पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी का लाइसेंस स्वीकृत करने की संस्तुति की जानी चाहिए, जिससे की आने वाले समय में उसके परिवार को आर्थिक रूप से किसी परेशानी का सामना न करना पड़े । इस दौरान रवि सैनी, मिथलेश शर्मा, लव कुमार, राकेश, हुसन बेगम, मोहम्मद आदि लोग मौजूद रहे।
लेेखपाल से साठगांठ कर भतीजों ने हड़प ली जमीन
कांधला। लेेखपाल से सेटिंग कर सगे भतीजों पर जमीन हड़पने का आरोप एक व्यक्ति ने लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र भी भेजा है। गांव जसाला निवासी किसान रामनारायण सिंह ने शनिवार को प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि वे परिवार में चार भाई माहराज सिंह, शिवचरण, मदन थे। इनमें से शिवचरण और मदन की पूर्व में मौत हो चुकी है। चारों भाईयों के पास 45 बीघा भूमि एकत्र है, जिस पर सभी रजामंदी से खेती कर रहे थे। दो भाईयों की मौत होने के बाद भतीजों ने चकबंदी विभाग में जमीन को तकसीम के बाद अपने नाम किए जाने का आवेदन किया था। आरोप है कि जो जमीन उनके हिस्से में नहीं आ रही थी। इन लोगों ने हल्का लेखपाल से सांठगांठ करने के बाद उसे अपने नाम करा ली है। किसान ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। पीड़ित किसान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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बता दें कि प्रदेश सरकार की ओर से शहीद के परिवार के लिए 50 लाख की मदद दी गई है। इसी मदद में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर शनिवार की दोपहर पूर्व चेयरमैन हाजी इस्लाम अपनी पत्नी पूर्व चेयरमैन शबनम और समर्थकों के साथ मोहल्ला सरावज्ञान स्थित अपने आवास के बाहर सांकेतिक धरने पर बैठ गए। पूर्व चेयरमैन ने कहा कि हमने अंकित तोमर जैसे बहादुर सिपाही को अपने बीच से खो दिया है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है। इस दुख की घड़ी में परिवार को ईश्वर हिम्मत दे ,उसके लिए सभी प्रार्थना करते है। उन्होंने सरकार से शहीद के लिए की गई मदद में इजाफा करने की मांग करते हुए धनराशि एक करोड़ करने की मांग की है। इसके साथ ही शहीद अंकित तोमर के नाम से एक पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी का लाइसेंस स्वीकृत करने की संस्तुति की जानी चाहिए, जिससे की आने वाले समय में उसके परिवार को आर्थिक रूप से किसी परेशानी का सामना न करना पड़े । इस दौरान रवि सैनी, मिथलेश शर्मा, लव कुमार, राकेश, हुसन बेगम, मोहम्मद आदि लोग मौजूद रहे।
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लेेखपाल से साठगांठ कर भतीजों ने हड़प ली जमीन
कांधला। लेेखपाल से सेटिंग कर सगे भतीजों पर जमीन हड़पने का आरोप एक व्यक्ति ने लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र भी भेजा है। गांव जसाला निवासी किसान रामनारायण सिंह ने शनिवार को प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि वे परिवार में चार भाई माहराज सिंह, शिवचरण, मदन थे। इनमें से शिवचरण और मदन की पूर्व में मौत हो चुकी है। चारों भाईयों के पास 45 बीघा भूमि एकत्र है, जिस पर सभी रजामंदी से खेती कर रहे थे। दो भाईयों की मौत होने के बाद भतीजों ने चकबंदी विभाग में जमीन को तकसीम के बाद अपने नाम किए जाने का आवेदन किया था। आरोप है कि जो जमीन उनके हिस्से में नहीं आ रही थी। इन लोगों ने हल्का लेखपाल से सांठगांठ करने के बाद उसे अपने नाम करा ली है। किसान ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। पीड़ित किसान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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