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अलविदा जुमा पर मांगी अमन चैन और बारिश की दुआ
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:28 AM IST
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शामली/कैराना। रहमत, अजमत, बरकत और मगफिरत का मुकद्दस माह रमजान-उल-मुबारक के अलविदा जुमे की नमाज क्षेत्र में अकीदत-ओ-एहतराम के साथ अदा की गई। अकीदतमंदों ने देश दुनिया में अमन चैन के साथ बारिश की दुआ भी मांगी।
शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज को लेकर सुबह से ही मस्जिदों में तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। नमाजियों के लिए मस्जिद परिसर में गर्मी और धूप से बचने के लिए शामियाना भी लगवाया गया। शामली के बड़ा बाजार स्थित जामा मस्जिद में मौलाना शौकीन ने अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म ने भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया है। इसके अलावा दिल्ली रोड तिमरशाह, पंसारियान, चांद वाली मस्जिद, कुरैशियान मस्जिद और मनिहारोवाली मस्जिद में भी अलविदा जुमे की नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ मांगी गई। इस दौरान शामली कोतवाली पुलिस मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के लिहाज से तैनात रही।
उधर, कैराना में जामा मस्जिद में मौलाना ताहिर हसन ने अलविदा जुमे की नमाज अदा कराई। नमाज से पूर्व जामिअतुस्सादह के प्रबंध संचालक हजरत मौलाना इरफान साकिब कासमी और मौलाना वासिफ कासमी मोहम्मदपुरी ने कहा कि पवित्र रमजान-उल-मुबारक साल में एक मर्तबा नेअमत के तौर पर आता है। शनिवार को खुशियों का त्योहार ईद-उल-फितर मनाया जाएगा। यह त्योहार दूसरों को भी खुशियों में शामिल करने का मौका देता है। यदि पड़ोस में गरीब-असहाय व्यक्ति है, जो गरीबी के कारण त्योहार नहीं मना सकता है, तो उन्हें भी खुशियों में शामिल किया जाए। इसके अलावा नगर की मस्जिद ईदगाह वाली, शाही दरबार वाली, मक्की मस्जिद, ताजखां शाही वाली, गुली वाली, पीपलोवाली, शाहजी वाली, खजूर वाली, एमपी वाली, तालाब वाली, बंगले वाली, सराय वाली, शिया जामा मस्जिद, इब्राहीमपुरा वाली और टोली वाली मस्जिद आदि के अलावा ग्राम पंजीठ, नंगलाराई, मोहम्मदपुर राई, इस्सोपुर खुरगान, भूरा, जहानपुरा, तितरवाडा में भी प्रमुख मस्जिदों में भी अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टिगत एसएसआई सुनील दत्त और अमन सिंह पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स के साथ तैनात रहे। दूसरी ओर, नगर पालिका परिषद कैराना की ओर से साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था कराई गई। मस्जिदों के आसपास कली भी डलवाई गई और पानी का छिड़काव कराया गया था।
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शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज को लेकर सुबह से ही मस्जिदों में तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। नमाजियों के लिए मस्जिद परिसर में गर्मी और धूप से बचने के लिए शामियाना भी लगवाया गया। शामली के बड़ा बाजार स्थित जामा मस्जिद में मौलाना शौकीन ने अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म ने भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया है। इसके अलावा दिल्ली रोड तिमरशाह, पंसारियान, चांद वाली मस्जिद, कुरैशियान मस्जिद और मनिहारोवाली मस्जिद में भी अलविदा जुमे की नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ मांगी गई। इस दौरान शामली कोतवाली पुलिस मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के लिहाज से तैनात रही।
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उधर, कैराना में जामा मस्जिद में मौलाना ताहिर हसन ने अलविदा जुमे की नमाज अदा कराई। नमाज से पूर्व जामिअतुस्सादह के प्रबंध संचालक हजरत मौलाना इरफान साकिब कासमी और मौलाना वासिफ कासमी मोहम्मदपुरी ने कहा कि पवित्र रमजान-उल-मुबारक साल में एक मर्तबा नेअमत के तौर पर आता है। शनिवार को खुशियों का त्योहार ईद-उल-फितर मनाया जाएगा। यह त्योहार दूसरों को भी खुशियों में शामिल करने का मौका देता है। यदि पड़ोस में गरीब-असहाय व्यक्ति है, जो गरीबी के कारण त्योहार नहीं मना सकता है, तो उन्हें भी खुशियों में शामिल किया जाए। इसके अलावा नगर की मस्जिद ईदगाह वाली, शाही दरबार वाली, मक्की मस्जिद, ताजखां शाही वाली, गुली वाली, पीपलोवाली, शाहजी वाली, खजूर वाली, एमपी वाली, तालाब वाली, बंगले वाली, सराय वाली, शिया जामा मस्जिद, इब्राहीमपुरा वाली और टोली वाली मस्जिद आदि के अलावा ग्राम पंजीठ, नंगलाराई, मोहम्मदपुर राई, इस्सोपुर खुरगान, भूरा, जहानपुरा, तितरवाडा में भी प्रमुख मस्जिदों में भी अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टिगत एसएसआई सुनील दत्त और अमन सिंह पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स के साथ तैनात रहे। दूसरी ओर, नगर पालिका परिषद कैराना की ओर से साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था कराई गई। मस्जिदों के आसपास कली भी डलवाई गई और पानी का छिड़काव कराया गया था।
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