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प्रयोगात्मक परीक्षाओं में नहीं दिख रहे सीसीटीवी
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:34 PM IST
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शामली यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 दिसंबर से शुरू हो चुकी है। मगर, कई स्कूल और कॉलेजों में माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। जनपद में अभी भी अधिकतर स्कूलों में बिना सीसीटीवी के ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जा रही है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए निर्देश दिए थे कि यह परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में कराई जाएं। इसके बाद भी जनपद में अधिकतर कॉलेज बिना सीसीटीवी के ही परीक्षा करा रहे है। निर्देशों के बाद भी कॉलेेजों ने अभी तक सीसीटीवी नहीं लगवाए है। इसके विपरीत कुछ कॉलेज प्रयोगात्मक परीक्षाओं में चालाकी दिखा रहे है। इसमें किया यह जा रहा है कि पहले प्रयोगात्मक विषय की लिखित परीक्षा कराई और बाद में सभी को कमरे में बैठाकर मोबाइल से वीडियो बना ली। इसके बाद परीक्षक ने मौखिक प्रश्न पूछे।
कुछ कॉलेजों में अभी तक नहीं पहुंचे परीक्षक
15 दिसंबर से शुरू हुई प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कुछ कॉलेजों में अभी तक परीक्षक नहीं पहुंचे है। वहीं कुछ परीक्षक बीमारी व अन्य बहाने बनाकर डीआईओएस कार्यालय में पत्र भेजकर परीक्षक के रुप में कार्य करने में असमर्थता जता रहे है। जिस कारण कॉलेज संचालकों को फिर से परेशानी उठाते हुए बोर्ड के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरा परीक्षक तैनात करने के बाद ही कॉलेज में प्रयोगात्मक परीक्षा हो सकेंगी।
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सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए है कि वह सीसीटीवी की निगरानी में ही प्रयोगात्मक परीक्षा कराए। वहीं जहां पर अभी तक सीसीटीवी नहीं लग पाएं वह सभी मोबाइल से प्रयोगात्मक परीक्षा का वीडियो बनाकर रखे। - एसएम सिद्दीकी, डीआईओएस।
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सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए निर्देश दिए थे कि यह परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में कराई जाएं। इसके बाद भी जनपद में अधिकतर कॉलेज बिना सीसीटीवी के ही परीक्षा करा रहे है। निर्देशों के बाद भी कॉलेेजों ने अभी तक सीसीटीवी नहीं लगवाए है। इसके विपरीत कुछ कॉलेज प्रयोगात्मक परीक्षाओं में चालाकी दिखा रहे है। इसमें किया यह जा रहा है कि पहले प्रयोगात्मक विषय की लिखित परीक्षा कराई और बाद में सभी को कमरे में बैठाकर मोबाइल से वीडियो बना ली। इसके बाद परीक्षक ने मौखिक प्रश्न पूछे।
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कुछ कॉलेजों में अभी तक नहीं पहुंचे परीक्षक
15 दिसंबर से शुरू हुई प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कुछ कॉलेजों में अभी तक परीक्षक नहीं पहुंचे है। वहीं कुछ परीक्षक बीमारी व अन्य बहाने बनाकर डीआईओएस कार्यालय में पत्र भेजकर परीक्षक के रुप में कार्य करने में असमर्थता जता रहे है। जिस कारण कॉलेज संचालकों को फिर से परेशानी उठाते हुए बोर्ड के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरा परीक्षक तैनात करने के बाद ही कॉलेज में प्रयोगात्मक परीक्षा हो सकेंगी।
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सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए है कि वह सीसीटीवी की निगरानी में ही प्रयोगात्मक परीक्षा कराए। वहीं जहां पर अभी तक सीसीटीवी नहीं लग पाएं वह सभी मोबाइल से प्रयोगात्मक परीक्षा का वीडियो बनाकर रखे। - एसएम सिद्दीकी, डीआईओएस।