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मौजूदा दौर में कन्याओं की रक्षा की जरूरत- ऋषि किरण महाराज
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:28 AM IST
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मौजूदा दौर में कन्याओं की रक्षा की जरूरत
शामली। कथा व्यास संत किरण जी महाराज ने रावण राज व सीता-राम जन्म की कथा का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि मौजूदा दौर में कन्याओं को जन्म से पहले ही मार दिया जाता है। कन्याओं की रक्षा की जरूरत है। कन्याओं के जीवनदान से समाज का कल्याण होगा।
रविवार को टंकी रोड स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में अमृत वर्षा करते किरण महाराज ने कहा कि रावण- कुंभकरण, मेघनाथ ने तप के भरोसे आतंक का सामाज्य कायम कर दिया था। चारो तरफ अधर्म का राज कायम हो गया। ऋषियों- मुनियों व संतों की पुकार पर पृथ्वी पर भगवान विष्णु- लक्ष्मी ने जन्म लेने का निर्णय लिया। सूखा पड़ने पर राजा जनक सोने का हल चलाते हैं, पृथ्वी के अंदर हल घडे़ से टकराने से सीता का जन्म हुआ। इसी प्रकार अयोध्या में भगवान विष्णु राजा दशरथ के यहा कौशल्या के जन्म लिया। श्रीराम कथा के मुख्य यजमान प्रदीप शर्मा रहे। राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार, बिल्लू, भारत ठेकेदार, संजीव, शोकिंद्र आदि मौजूद रहे।
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शामली। कथा व्यास संत किरण जी महाराज ने रावण राज व सीता-राम जन्म की कथा का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि मौजूदा दौर में कन्याओं को जन्म से पहले ही मार दिया जाता है। कन्याओं की रक्षा की जरूरत है। कन्याओं के जीवनदान से समाज का कल्याण होगा।
रविवार को टंकी रोड स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में अमृत वर्षा करते किरण महाराज ने कहा कि रावण- कुंभकरण, मेघनाथ ने तप के भरोसे आतंक का सामाज्य कायम कर दिया था। चारो तरफ अधर्म का राज कायम हो गया। ऋषियों- मुनियों व संतों की पुकार पर पृथ्वी पर भगवान विष्णु- लक्ष्मी ने जन्म लेने का निर्णय लिया। सूखा पड़ने पर राजा जनक सोने का हल चलाते हैं, पृथ्वी के अंदर हल घडे़ से टकराने से सीता का जन्म हुआ। इसी प्रकार अयोध्या में भगवान विष्णु राजा दशरथ के यहा कौशल्या के जन्म लिया। श्रीराम कथा के मुख्य यजमान प्रदीप शर्मा रहे। राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार, बिल्लू, भारत ठेकेदार, संजीव, शोकिंद्र आदि मौजूद रहे।
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