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मुसलमान के लिए सूदखोरी हराम: मुफ्ती अमजद
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:32 AM IST
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कैराना (शामली)। अफ्रीका से आए मुफ्ती अमजद ने कहा कि मुस्लिम समाज में सूदखोरी को हराम करार दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वह बच्चों का भविष्य संवारने के लिए दीनी शिक्षा अवश्य दिलाएं।
बुधवार की रात शामली बस स्टैंड वाली मस्जिद में मुस्लिम समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मुफ्ती अमजद ने कहा कि हलाल रोजी पर नियत होगी तो अल्लाह उसके कारोबार में बरकत करता है। मुस्लिम व्यक्ति यदि सूदखोरी के कारोबार को अपनाता है, जो कि हराम है। उस व्यक्ति की हश्र के मैदान में अल्लाहताला के सामने सख्त पकड़ होगी। संसार में भी वह बेहद परेशान रहेगा। मुफ्ती ने कहा कि घर के मुखिया को अपने घर-परिवार में महिलाओं के पर्दे पर खास तवज्जो देनी चाहिए। माहौल अब पहले जैसा नहीं रह गया है और हमारी शरीयत भी पर्दे के बारे में कहती है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि दीनी तालीम दुनिया और आखिरत दोनों में हमारी कामयाबी का जरिया बनेगी। पवित्र कुरान की तालीम, नमाज-रोजे हमारे मरने के बाद काम आएंगे। कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती फरहान ने किया। इस अवसर पर कारी अनीसुर्रहमान, मौलाना बशीर अहमद सुनहेटी, मुफ्ती तालिब, मौलाना वासिल, मौलाना मुनव्वर आदि मौजूद रहें।
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बुधवार की रात शामली बस स्टैंड वाली मस्जिद में मुस्लिम समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मुफ्ती अमजद ने कहा कि हलाल रोजी पर नियत होगी तो अल्लाह उसके कारोबार में बरकत करता है। मुस्लिम व्यक्ति यदि सूदखोरी के कारोबार को अपनाता है, जो कि हराम है। उस व्यक्ति की हश्र के मैदान में अल्लाहताला के सामने सख्त पकड़ होगी। संसार में भी वह बेहद परेशान रहेगा। मुफ्ती ने कहा कि घर के मुखिया को अपने घर-परिवार में महिलाओं के पर्दे पर खास तवज्जो देनी चाहिए। माहौल अब पहले जैसा नहीं रह गया है और हमारी शरीयत भी पर्दे के बारे में कहती है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि दीनी तालीम दुनिया और आखिरत दोनों में हमारी कामयाबी का जरिया बनेगी। पवित्र कुरान की तालीम, नमाज-रोजे हमारे मरने के बाद काम आएंगे। कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती फरहान ने किया। इस अवसर पर कारी अनीसुर्रहमान, मौलाना बशीर अहमद सुनहेटी, मुफ्ती तालिब, मौलाना वासिल, मौलाना मुनव्वर आदि मौजूद रहें।
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